राजनीतिक गलियारे में या खबर तेजी से फैली, युवा नेतृत्व के हाथों सौंपी कमान,कमलनाथ की जगह जयवर्धनसिंह कांग्रेस की कमान संभालेंगे?

युवा नेतृत्व के हाथों सौंपकर राहुल गांधी कांग्रेस में नई जान फूंकना चाहते हैं।

इंदौर। क्या कमलनाथ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा देने वाले हैं, यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी को प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव या भविष्य की चुनौतियों से लड़ने के लिए युवा नेतृत्व के हाथों सौंपकर राहुल गांधी कांग्रेस में नई जान फूंकना चाहते हैं।

सबसे आगे हैं 

इसमें सबसे आगे जयवर्धन सिंह का नाम लिया जा रहा है जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।  पिछले दिनों राजनीतिक गलियारे में या खबर तेजी से फैली थी। 

प्रतिपक्ष नेता की तरह

कमलनाथ को आवश्यक विचार विमर्श के लिए दिल्ली बुलाया गया है और दिल्ली से लौटकर वे जिस तरह भोपाल में पत्रकारों या कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं के बीच नजर आए। उससे साफ लगने लगा है कि वे अब शिवराज सरकार पर एक प्रतिपक्ष नेता के नाते अपने हमले जारी रखे हुए हैं। उनके विचार विमर्श और राजनीतिक बयानों के साथ-साथ ट्विटर पर भी वे संगठन की बात करते कम नजर आ रहे हैं। यह संकेत भी कुछ कम नहीं है, संगठन में बदलाव के लिए।

चुनौतियों से लड़ नहीं पा रहे!

पिछले विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी बहुत अच्छा नहीं कर पाई थी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनौतियों के बाद कांग्रेस पार्टी खासकर संगठन की दृष्टि से इतनी मजबूती से किला लडाती भी नजर नहीं आ रही है। आने वाले उपचुनाव के मद्देनजर  खासकर मालवा में लोकसभा उपचुनाव खंडवा और विधानसभा के मद्देनजर कांग्रेस को चुनावी रण में नई ऊर्जा के साथ उतारना आवश्यक हो गया है।

रणनीति यह है!

समझा जा रहा है कि यह रणनीति है कि नगरीय निकाय चुनाव की दृष्टि से भी की जा रही है। अभी कांग्रेस पार्टी कमलनाथ के हाथों में विधानसभा और रणभूमि दोनों जगह केंद्रीत हैं, इस कारण यह जरूरी हो जाता है कि पार्टी को न केवल विकेन्द्रित  किया जाए बल्कि उसमें युवा नेतृत्व को भी स्थान मिले, इसके मद्देनजर जयवर्धन सिंह का नाम लिया जा रहा है।

विरोध नहीं कर पाएंगे!

जयवर्धन सिंह के आगे आने से बहुत सारे युवा नेता जो इस कुर्सी की दौड़ में है, दिग्विजय सिंह की वजह से आक्रामक नहीं होंगे। ज्यादा विरोध भी नहीं कर पाएंगे, खासकर जीतू पटवारी, सज्जनसिह वर्मा। आज कांग्रेस पार्टी के भीतर कम से कम विरोध उभरे, इस दृष्टि से भी ऐसे नेतृत्व को आगे बढ़ाया जाए, जो जो नेतृत्व की दृष्टि से और पार्टी के भीतर संगठन को मजबूत कर सके। इस दृष्टि से भी जयवर्धन सिंह का नाम तेजी से आगे बढ़ा है।

मंत्री के रूप में लोकप्रिय रहे!

एक मंत्री के रूप में भी जयवर्धनसिह ने अपनी एक छाप छोड़ी थी। उसी छाप की वजह से सब की नजर में थे।  मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मंत्री के रूप में जाने जाने लगे थे। देखना होगा यदि कांग्रेस पार्टी ऐसा कुछ करती है तो फिर चुनावी रण में उसकी शक्ल तो बदलेगी, उसके उसकी कार्यशैली भी पार्टी के काफी काम आ सकती है। RB

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