फर्जी CBI बन कर डकैती डालने बाले 6 डकैत हथियार गाड़ी सहित गिरफ्तार,SP सचिन शर्मा को मिली बड़ी सफलता

नौगाॅव (जिला छतरपुर म0प्र0)* उपस्थित आकर रिपोर्ट की कि दिनांक 06/08/21 को सुबह करीब 08 बजे 05-06 लोग हमारी फैक्ट्री में आये और अपने आप को सीबीआई अधिकारी बताकर बोले कि हम लोग वर्ष 2020 में अलीगढ़ में जहरीली शराब कॉण्ड का जो मामला था, उसकी इन्क्वारी करने आये है। उन लोगों द्वारा गार्डों से बोला कि सभी एक तरफ लाइन में खडे हो जाओ कोई कुछ नही करेगा। उन लोगों में से 02 व्यक्ति जिनमें एक सबइस्पेंकटर की वर्दी एवं पिस्टल लगाये हुए था तथा दूसरा आरक्षक की वर्दी में था तथा साधारण कपड़े पहने व्यक्ति के पास भी पिस्टल थी जो बाहर से दिखायी दे रही थी। तब मैनें उन लोगो से बोला, बताईए क्या मैटर है, तो सबइस्पेंकटर की बर्दी वाला व्यकित बोला कि वर्ष 2020 में अलीगढ़ में जहरीली शराब कॉण्ड का जो मामला था, उसकी जाँच करने आये है। हमने पहले आपको सम्मन भेजा था आप आये नही। तब मैने बोला हमे कोई सम्मन नही मिला है यदि कोई सम्मन जारी हुआ है तो उसकी कॉपी दिखाई जाए तो उनमे से दूसरा आदमी बोला, बहुत देर हो गई है ,इनको लखनऊ लेकर चलो। तब मैं बोला कि मैं अपने वकील को बुला लेता है तो उन्होंने बोला कुछ नही चलो सब बाते लखनऊ मे जाकर होगी। फिर मैने बोला, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। हमारी शराब उतर प्रदेश में नही जाती है और हमारी डिस्लरी रजिस्ट्रर्ड है व अलीगढ यहाॅ से करीब 500-600 किमी है। तभी एक आदमी जो कि सबइस्पेंकटर की वर्दी मे था, मुझे कोने बुलाकर कहा, आपको को मामला निपटाना है या बहस करनी है तो हमने कहा कि मैने कुछ गलत नही किया है मुझे नहीं निपटाना है। संदिग्ध व्यक्तियों की टीम में जो मुख्य बनकर बात कर रहा था से पूछा आप कौन है, तो उन्होने अपने आप को एडशिनल एस.पी. सीबीआई लखनऊ में पदस्थ होना बताया और एक सीबीआई का परिचय पत्र भी दिखाया। इन लोगों के द्वारा मुझ पर काफी दबाब बनाया गया। जब मैं दबाब में नही आया तथा मामला दफा करने पर राजी नही हुआ तो सबइंस्पेकटर की वर्दी बाले एवं मुख्य अधिकारी एडिशनल एसपी सी0बी0आई वाले फर्जी व्यक्ति के द्वारा अपने पास रखी पिस्टल निकाली और मेरे एंव मैनेजर राजीव मित्तल के सीने में लगा दी और आफिस की तलाशी करने लगे तथा मेरे पास दराज मे रखे दो लाख रूपये जो अपने आप को सीबीआई अधिकारी बता रहे पिस्टल दिखाकर दो लाख रूपये छीन लिये और जाते समय ऑफिस एंव गेट में लगे कैमरो की रिकोडिंग वाला हाईक विजन कम्पनी डीवीआर कीमती करीब 15000 रूप्ये लेकर भाग गये।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना *नौगाॅव पुलिस द्वारा* *अप0क्र0-372/21 धारा 395,419,420,170 आईपीसी* का संदिग्ध 5-6 व्यक्तियों के विरूद्ध पंजीबद्ध किया गया। दौरान विवेचना सभी 06 फर्जी सीबीआई अधिकारी बनने वाले व्यक्तियों को नौगाॅव पुलिस ने गिरफतार कर लिया जिनके नाम निम्नलिखित है-

*01* . धमेन्द्र कुमार पिता सागरराम बाल्मीकि उम्र 45 वर्ष नि0 ग्राम सेहरा थाना बी0बी0नगर जिला बुलन्दशहर (उ0प्र0)
*02* . देवेन्द्र कुमार पिता स्व0 नेमचन्द्र जुलाहा उम्र 44 वर्ष नि0 ग्राम झूलझूली तहसील साउथ बेस्ट (दिल्ली) 
*03* . अविनाश कुमार पिता लक्ष्मीनारायण मौर्या उम्र 40 वर्ष नि0 ग्राम झूलझूली पोस्ट घुम्मन ऐडा तहसील साउथ बेस्ट (दिल्ली) 
*04* . बुद्धराम पिता बाबूराम गुर्जर उम्र 44 वर्ष नि0 ग्राम जौनापुर (नई दिल्ली) 
*05* . सिद्धपाल सिंह भदौरिया पिता धर्मपाल सिंह भदौरिया उम्र 42 वर्ष नि0 515, रोहितनगर ई-8 भोपाल (म0प्र0) 
*06* . देवेन्द्र सिंह पायक पिता रूप सिंह पायक उम्र 39 वर्ष नि0 नई बस्ती मऊरानीपुर जिला झाॅसी (उ0प्र0)

मामलें की विवचेना हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय छतरपुर द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया जो उक्त टीम द्वारा निम्नलिखित कार्यवाही की गई-

*01. बरामदगी* – 02 गाडी ( *चार पहिया बिना नंबर प्लेट की, जिनमें एक सफेद रंग की सफारी, एक ब्रेजा गाडी जो की घटना में प्रयुक्त की गई है)* , 03 यूनिफार्म ( *एक सबइंस्पेक्टर एवं 02 आरक्षक की),* 02 पिस्टल 10 राउंड सहित, सीबीआई से संबंधी फर्जी आईकार्ड एवं दस्तावेज, लूटा गया *सीसीटीव्ही कैमरे का डी0बी0आर0 एवं नगद 2 लाख रूपयें एवं अन्य सामान*

*02* . उक्त टीम इन सभी आरोपियों से अन्य क्षेत्रों में इस तरह के किये गये अपराधो के संबंध में पूछताछ कर रही है।

*03* . उक्त टीम का नेतृत्व एसडीओपी नौगाॅव के0के0जैन द्वारा किया गया। टीम में निरीक्षक अरविन्द सिंह दांगी, निरी0 संजय बेदिया, उनि0 शैलेन्द्र यादव, प्र0आर0 हृदेश, रामराज, अरविन्द शर्मा, शेखसमीम, व0आर0 हरदीन आर0 भूपेन्द्र यादव, आर0 दीपक साहू, आर0 गजेन्द्र सिंह, आर0 रघुवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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