कुख्यात तस्कर बाबू उर्फ जयकुमार सिंधी 4 सितंबर तक रिमांड पर, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम पूछताछ में जुटी

आरक्षक पंकज कुमावत की देवास में है नौकरी, लेकिन नीमच में बाबू सिंधी के साथ मिलकर दे रहा था तस्करी को अंजाम

नीमच। पोस्ता कारोबार की आड में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे बाबू उर्फ जयकुमार सबनानी सिंधी को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने शनिवार को न्यायालय पेश किया गया, जहां से 4 सितंबर तक रिमांड मंजूर किया है। एक सप्ताह के रिमांड के दौरान जांच दल कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी गिरोह में कौन—कौन शामिल है, वह किन—किन जगहों पर किन, किन तस्करों को डोडाचूरा, अफीम और कालादाना, धोलापाली सप्लाय करता था। सीएनबी की इय बडी कार्यवाही के बाद तस्कर बाबू गिरोह में हडकंप मच गचा है। कई भूमिगत हो गए है और कई तस्करों ने मोबाईल बंद कर लिए है। बीते सालों से तस्कर बाबू गिरोह मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित पैसों से जमीनों की खरीद—फरोख्त कर रहा था, बाबू सिंधी के साथ मिलकर नीमच के पोस्ता कारोबारी भी जमीनें खरीदने में शामिल थे। जांच दल इस दिशा में भी काम कर रहा है। तकनीकी तथ्यों के आधार पर मोबाईल कनेक्शन सहित कई बिंदुओं पर जांच पडताल जारी है।उल्लेखनीय है कि बाबू उर्फ जयकुमार सिंधी कृषि उपज की जिंसों की आड में बडे पैमाने पर डोडाचूरा, अफीम की तस्करी कर रहा था। इसके साथ वर्तमान में देवास जिले में पदस्थ आरक्षक पंकज कुमावत तस्करी के खेल में शामिल थे। पंकज कुमावत पूर्व में नीमच सिटी थाने में पदस्थ था, जिसे मादक माफियाओं से तगडे संबंध होने के कारण जिलाबदर कर दिया था, लेकिन फिर भी पंकज कुमावत और बाबू सिंधी दोनों मिलकर जिला मुख्यालय पर ही तस्करी के अडडे को संचालित कर रहे थे। बताते है कि आरक्षक पंकज कुमावत का गिरदौडा में करीब पांच करोड का फार्म हाउस बना हुआ है, यहां पर झालरी, उंचेड सहित अन्य जगहों से पंकज कुमावत डोडाचूरा एकत्रित करवाकर फार्म हाउस पर रखता था और फिर बाबू के गोदाम पर भिजवाता था। ये मोबाईल पर कोड बोलते थे,पिसे हुए डोडाचूरा को सीमेंट के कटटे बोलते थे और बिना पीसे हुए डोडाचूरा को सिर्फ कटटे बोलते थे। कोडवर्ड में ये फेसटाईम के जरिए 100 सीमेंट के कटटे भेज देना, इस तरह से बातें करते थे। आरक्षक पंकज कुमावत की देवास डयूटी रहती थी, लेकिन पंकज कुमावत कई बार बिना बताएं वहां से नीमच आ जाता था, फार्म हाउस पर कुछ कर्मचारी रख रखे थे, जो डोडाचूरा के कटटे लोड करने का काम करते थे। कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी और आरक्षक पंकज कुमावत ने अब तक मादक पदार्थों की तस्करी से करोडों रूपए की संपत्ति अर्जित की है। आरक्षक पंकज कुमावत शुद्ध रूप से तस्कर बाबू सिंधी के साथ मिलकर डोडाचूरा और अफीम की तस्करी कर रहा था। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो तक यह जानकारी पहुंच गई है। आरक्षक पंकज कुमावत बचने के लिए कई जगहों पर हाथ पैर मार रहा है।

आरक्षक पंकज कुमावत, प्रापर्टी दलाल सौरभ कोचटटा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी, दीपक अग्रवाल चिकना सहित एक दर्जन सफेदपोश रडार पर

मंडी के कारोबारी दीपक अग्रवाल चिकना, सुनील उर्फ टोपी खंडेलवाल, प्रापर्टी दलाल सौरभ कोचटटा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी सहित एक दर्जन लोग तस्कर बाबू सिंधी नेक्सेस में शामिल
बीते करीब पांच सालों से कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी तस्करी की गतिविधियों को धडल्ले से संचालित कर रहा था। मंडी के कारोबारी अग्रवाल सोया के दीपक अग्रवाल चिकना, सुनील उर्फ टोपी खंडेलवाल जो कि हरियाणा में पकडाए दो क्विंटल डोडाचूरा के मामले में जमानत पर चल रहे है, ये तस्कर बाबू सिंधी के साथ मिलकर मंडी के अन्य पोस्ता कारोबारियों से धोलापाली लेते थे और बाबू सिंधी के यहां गोदाम में पैक कर हरियाणा पंजाब अन्य प्रांतों में भेजते थे। हाल ही में पनपे उठाईकिरे सौरभ कोचटटा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी भी बाबू सिंधी के साथ मिलकर तस्करी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। बीते कुछ माह से ये हर चौथे दिन महंगी—महंगी कारें ला रहे थे, नीमच की जनता भी सोच में थी कि आखिर ये ऐसा क्या कर रहे है जो इतना पैसा उनके पास आ रहा है, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की कार्यवाही के बाद जनता को पता चला कि असल में ये मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त थे। सुनील टोपी, दीपक अग्रवाल चिकना, सौरभ कोचटटा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी अब दौड लगाते नजर आ रहे है।

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