गोलमाल है:मेडिकल व्यवसाय की आड में दो नंबर का कारोबार, नीमच, मंदसौर और मनासा में एक दर्जन मेडिकल संचालित

मेडिकल माफिया धीरेंद्र व्यास की असली कहानी पार्ट—2 : मेडिकल व्यवसाय की आड में दो नंबर का कारोबार, नीमच, मंदसौर और मनासा में एक दर्जन मेडिकल संचालित


नीमच/ मनासा। मेडिकल माफिया धीरेंद्र व्यास मेडिकल और लैब की आड में तस्करों की काली कमाई को जमीनों की खरीद—फरोख्त में लगाकर एक नंबर में तब्दिल करने में लंबे समय से सक्रिय है। नीमच, मंदसौर और मनासा में एक दर्जन से मेडिकल और लैब को संचालित कर तस्करों का पनाहगार बना हुआ है। आज से पांच वर्ष पहले धीरेंद्र व्यास सिर्फ नीमच सिटी तक ही सीमित था, मेडिकल स्टोर्स में नकली दवाईयों का कारोबार बिछाने के साथ ही वह तस्करों के संपर्क में आया। कुख्यात तस्कर बाबू उर्फ जयकुमार सिंधी, मादक पदार्थों में तोडबटटा करने कर करोडों रूपए ऐंठने वाले निलंबित आरक्षक पंकज कुमावत जैसे कई तस्करों से धीरेंद्र व्यास संपर्क में है। दो नंबर के पैसों को जमीनों के लगाने के खेल में अब तक इस अदने से मेडिकल स्टोर्स वाले ने 200 करोड रूपए का आसामी बन बैठा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंदसौर, नीमच और मनासा में मेडिकल स्टोर्स और पैथोलॉजि लैब तो सिर्फस नाम की है, असल में उसकी आड में दो नंबर के पैसों को एक नंबर में कनवर्ट किया जा रहा है। बीते पांच वर्ष के दौरान मेडिकल माफिया धीरेंद्र ने करोडों की प्रापर्टी खरीदी। कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के जेल जाने के बाद बाबू और निलंबित आरक्षक पंकज कुमावत के पैसों से खरीदी गई प्रापर्टी के तेजी से बेच रहा है। मनासा और नीमच में कई जमीनों के सौदे बीते दो माह के दौरान हुए। नीमच व मंदसौर जिले में यह लोगों को झांसा देकर यह दो नंबर के पैसों से खरीदी गई तस्करों की प्रापर्टी को बेच रहा है। दोनों जिले में इस कथित मेडिकल माफिया का चेहरा उजागर हो गया है। अब तक यह मेडिकल की आड में कलाकारी करते हुए ब्लैक मनी अर्जित करता आया है, लेकिन केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, इनकम टैक्स सहित विभिन्न जांच एजेंसियों तक इसके कारनामें की जानकारी पहुंच चुकी है। इसके मोबाईल नंबर सॉर्विलांस में डालकर डिटेल्स निकाली जा रही है। इधर कथित मेडिकल माफिया धीरेंद्र व्यास और उसके साथी तस्करों में खबरों से हडकंप मच गया है। बीते सालों के दौरान किए गए कारनामों को छिपाने में जुट गए है

, ,

Leave a Reply