नई आबकारी नीति: सरकार ने पिछले दरवाजे से दोगुनी कर दीं शराब दुकानें,,,

20 प्रतिशत सस्ती होगी शराब, एक ही दुकान में बिकेगी देशी-विदेशी शराब

शिवराज सरकार ने शराब के शौकीनों की मन की मुराद पूरी कर दी है। प्रदेश में देशी-विदेशी शराब की कीमत 20 प्रतिशत कम होंगी। दरअसल, सरकार ने वर्ष 2022-23 की आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इसमें शराब पर ड्यूटी 10 से 15 प्रतिशत कम कर दी गई है। कहा जा रहा है कि शराब की कीमतें कम होने से अवैध शराब का कारोबार पर खत्म होने के साथ ही घटिया क्वालिटी की शराब पीने से होने वाली मौतें रुक जाएंगी। ऐसा हो पाएगा या नहीं, यह तो आना वाला वक्त बताएगा, लेकिन इतना जरूर है कि 1 अप्रैल से प्रदेश में शराब सस्ती बिकने लगेगी।

नई आबकारी नीति में ऐसी कई खामियां है जिन पर सवाल उठने लगे हैं। नई नीति में सरकार ने प्रत्यक्ष तौर पर भले ही शराब की नई दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया हो, लेकिन विदेशी शराब दुकान में देशी और देशी शराब दुकान में विदेशी शराब बेचे जाने का प्रावधान करके सरकार ने पिछले दरवाजे से शराब दुकानों की संख्या दोगुनी कर दी है। प्रदेश में अभी 2541 देशी और 1070 विदेशी मदिरा दुकानें हैं।

मॉल व सुपर मार्केट में भी वाइन शाप

नीति में होम बार लायसेंस देने का प्रावधान किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि ड्राई डे यानी गांधी जयंती, होली या चुनाव की स्थिति में होम बार पर नियंत्रण कैसे होगा। होम बार की आड़ में पवित्र नगरों में भी शराबखोरी शुरू हो जाएगी। अब न सिर्फ एयरपोर्ट पर वाइन शाप खुलेगी, बल्कि बड़े शहरों में मॉल व सुपर मार्केट में वाइन शाप के काउंटर खोलने की अनुमति दी जाएगी। घर पर शराब रखने की मात्रा में बढ़ाकर चार गुना कर दी गई है। एक तरफ राज्य सरकार नशा मुक्ति अभियान चलाने की बात कर रही है, वहीं शराब की पहुंच को और आसान बनाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे शिवराज सरकार का शराब प्रेम बताया गया है। कांग्रेस का मानना है कि खपत बढ़ाने के लिए शराब सस्ती की जा रही है, ताकि सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो। कांग्रेस ने नई आबकरी नीति को लागू करने से पहले इसमें संशोधन करने की मांग सरकार से की है।

बड़े ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म होगी

नई आबकारी नीति की एक अच्छी बात यह है कि इसमें प्रदेश में शराब के ठेकों को लेकर बड़े ठेकेदारों की मोनोपॉली सिस्टम को खत्म कर दी गई है। अब जिले में सिंगल ग्रुप सिस्टम के स्थान पर छोटे समूह बनाकर शराब दुकानों की नीलामी की जाएगी। एक समूह में अधिकतम पांच दुकानें होंगी। ऐसा करने से छोटे बजट वाले ठेकेदार भी शराब दुकानें ले सकेंगे। वर्तमान में प्रदेश में 2019-20 की आबकारी नीति लागू है। इसमें शराब दुकानें सिंगल ग्रुप सिस्टम में 1 जिले में एक या दो ग्रुप के पास हैं। इसकी वजह से शराब ठेकेदारों में आपसी प्रतिस्पर्धा नहीं है। छोटे ग्रुप में शराब दुकान ठेके होने से कीमतों पर अंकुश रहेगा।

नई आबकारी नीति एक नजर में
– घर पर 4 गुना शराब रखने की छूट मिलेगी। फिलहाल घर में एक पेटी बीयर व 6 बॉटल शराब रखने की अनुमति है।

– अपसेट प्राइस से 15 प्रतिशत ज्यादा राशि पर अंग्रेजी और 25 प्रतिशत ज्यादा राशि पर देशी शराब दुकान रीन्यू होगी

– भोपाल व इंदौर में माइक्रो बेवरेज खोली जा सकेंगी

– अंगूर के साथ जामुन से भी बन सकेगी वाइन

-एयरपोर्ट पर होगी अंग्रेजी शराब दुकान

– सालाना आय एक करोड़ वाले व्यक्ति होम बार लायसेंस ले सकेंगे

– भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सुपर मार्केट में वाइन की बिक्री की जा सकेगी।

इसके लिए लायसेंस लेना अनिवार्य होगा।

– नई आबकारी नीति में आदिवासियों द्वारा महुआ से बनाई जाने वाली शराब को हेरिटेज शराब का दर्जा दिया गया है। यह शराब टैक्स फ्री होगी।

– नई नीति में हर ठेकेदार को अपने कोटे का 85 प्रतिशत माल उठाना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

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