पंचायत चुनाव नया मोड़,दारू पंचायत के पिठासिन अधिकारी के खिलाफ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा,

दारू पंचायत के पिठासिन अधिकारी के खिलाफ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा,
पुनर मतगणना होने तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं करने की मांग,


नीमच।जनपद पंचायत नीमच के ग्राम दारू वार्ड क्रमांक 1 जनपद सदस्य प्रत्याशी श्रीमती कलावती गोपाल प्रजापत ने सोमवार दोपहर 3:00 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारी को वार्ड नंबर 1 के पीठासीन अधिकारी द्वारा अभद्रता और प्रत्याशी के सामने मतपत्रों की गणना नहीं करने , तथा पंचायत में पुर्न मत गणना की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जिला कलेक्टर को प्रस्तुत हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में बताया कि वार्ड क्रमांक 1 में कमला प्रजापति चुनाव चिन्ह झोपड़ी पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उम्मीदवार थी। मतदान के बाद पीठासीन अधिकारी द्वारा बिजली नहीं होने के उपरांत प्रत्याक्षी को बिना सूचना दिए उम्मीदवार भगवती बाई प्रताप सिंह रावत को चंद्रकांता पति दिनाकश पाटीदार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बिना की गई प्रत्याशी या प्रत्यक्ष के किसी प्रतिनिधि के की उपस्थिति के बिना ही परिणाम घोषित कर दिया था जब प्रत्याशी द्वारा विरोध किया गया तो बाहर निकलवा दिया गया और कहां की क्या कर रहे हो ।और क्या तुम्हारे लिए यही रहे घर नहीं जाना क्या? इसके बाद जिला अनुविभागीय अधिकारी को फोन किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। जिला कलेक्टर को प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से उक्त वार्ड में पुनःमतगणना होने तक परिणाम को रोकने की मांग की गई है क्योंकि वार्ड की मतगणना के समय पांच राउंड हो चुके थे जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी कमलाबाई प्रजापति पांचवें राउंड में 150 वोटों से आगे चल रही थी छठे राउंड में 42 वोटों से आगे चल रही थी कुल मिलाकर 192वोटो से आगे चल रही थी लेकिन लाइट बंद करने के बाद ही अचानक एक ही राउंड में कमला प्रजापति को 6 मतों से पराजित कर दिया गया ।इस घटना पर प्रत्यक्षी को विश्वास नहीं है इसमें कहीं गड़बड़ी होने की आशंका जताई गई है और मतगणना की पुनः मतगणना करने की मांग की गई है और पीठासीन अधिकारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इधर कलावती गोपाल प्रजापत ने हमारे संवाददाता को बताया कि चुनाव के दिन जनपद पंचायत की मतगणना को रोककर बीच में जिला पंचायत की गणना की गई उसके बाद रात 11:00 बजे बाद पुणे जनपद पंचायत की गणना की गई और जनपद की मतगणना को जानबूझकर की गई ताकि प्रत्याशी के साथ परिणाम में हेराफेरी की जा सके। प्रत्याशी द्वारा तत्काल आपत्ति लगाई गई लेकिन पीठासीन अधिकारी द्वारा यह कहकर आवेदन फाड़ दिए गए कि परिणाम घोषित हो चुका है अब कुछ नहीं कर सकते है।

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