कांस्टेबल पंकज कुमावत से सीबीएन ने शुरू की पूछताछ, कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के साथ मिलकर चला रहा था मादक प्रदार्थ की तस्करी का गिरोह

  • कई बार नोटिस के बाद उपस्थित नही हो रहा था पुलिसकर्मी पंकज कुमावत, १० महीने से पुलिस विभाग से भी था ग़ायब, तस्करों से गठजोड़ के कारण नीमच से देवास कर दिया था तबादला
  • निलम्बित आरक्षक पंकज ने बाबू के साथ तस्करी से करोड़ों रुपए अर्जित कर कई ज़मीन तथा बेनामी संपत्ति ख़रीदीं
    नीमच। कुख्यात तस्कर बाबू उर्फ़ जयकुमार सिंधी के साथी एमपी पुलिस के आरक्षक पंकज कुमावत को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मंगलवार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पंकज से मंदसौर में पूछताछ जारी है। तस्कर बाबू के साथ मिलकर ख़ाकी की आड़ में मादक प्रदार्थ की लंबे समय से तस्करी कर रहा था। बाबू के पकड़ाने के बाद से ही वह ड्यूटी से ग़ायब था वही CBN के सामने भी कई नोटिस जारी होने के बाद भी उपस्थित नही हो रहा था, क़रीब दस महीने से फ़रार चल रहा था। तस्कर गिरोह में पंकज कुमावत का अहम रोल था ओर पुलिस की वर्दी पहनकर वह मादक प्रदार्थ से भरी गाड़ियों की पायलेटिंग करता था। तस्कर बाबू सिंधी गिरोह से जुड़ी कई जानकारी पंकज को है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कोन कोन तस्कर गिरोह में शामिल थे इसके अलावा नीमच तथा मंदसौर के कोन कोन लोग तस्करी में उनके सहयोगी है, ये सभी जानकारी पंकज को ही है। साथी पंकज के पकड़ में आने के बाद कई सफलता ब्यूरो की टीम को लग सकती है।
    उल्लेखनीय है कि CBN की टीम ने २७ अगस्त २०२१ को बाबू सिंधी के उसके गोदाम से २५ टन ड़ोडाचूरा, अफ़ीम कालादाना , पिसा हुआ डोड़ाचूरा ज़ब्त किया था तथा बाबू को मोके से गिरफ़्तार किया था। जब बाबू के गोदाम पर छापा पड़ा था तो देवास से पंकज नीमच आ गया था, तभी से वह ड्यूटी पर नही गया। इस बीच तस्कर बाबू के जन्मदिवस पर १२बोर बंदूक़ से केक काटने का विडीओ वायरल होने के बाद उसे निलम्बित कर दिया था। इधर देवास एसपी ने जाँच में जवाब के लिए कई बार नोटिस जारी किए, घर पर भी नोटिस चस्पा किए, पर देवास पुलीस के सामने पंकज उपस्थित भी हुआ, इसी प्रकार CBN ने भी बाबू के साथ संलिप्ता पाए जाने पर नोटिस जारी किए थे।पंकज पर CBN लगातार दबाव बना रही थी, आज मंगलवार को आख़िरकार पंकज कुमावत को हाज़िर होना पड़ा, देर रात तक तस्कर के साथी पंकज से पूछताछ जारी थी, सूत्र बताते है कि गिरफ़्तारी के बाद उसे कोर्ट पेश किया जा सकता है।
    अफ़सरों के फ़ोरव्हिलर अनुबंध पर लगाता था, कार में लोकेशन का डिवाईज लगाता था ओर अफ़सरों की लोकेशन पता लगाता था पंकज-
    बाबू के साथी पंकज के बारे में CBN को कई अहम जानकारी मिली है, पंकज नीमच मंदसौर में बड़े अफ़सरों के गाड़ियाँ किराए पर रखाता था ओर उन गाड़ियों में लोकेशन ट्रेस वाला डिवाईज लगा देता था, ताकि अफ़सर कन्ही भी जाए तो उसे लोकेशन मिलती रहे, क़रीब एक दर्जन गाड़ियाँ पंकज ने दूसरे नामों से अफ़सरों के यहा किराए से लगा रखी थी, तस्कर बाबू के जन्मदिवस पर जिस बंदूक़ से केक काटा था, वह नारायणगड़ के महिपाल गुर्जर की थी, महिपाल के नाम से एक कार को एक अधिकारी के यहा अनुबंधित कर रखी थी, बाद में चुपचाप उस कार को हटा दी थी। सूत्र बताते है कि बाबू की तमाम मादक प्रदार्थ से भरी गाड़ियों की पंकज पायलेटिंग करता था तथा तस्करी से आने वाले पेसो में उसकी बराबर की हिस्सेदारी थी। नीमच सिटी थाने में पदस्थ रहते हुए पंकज ओर बाबू ने मिलकर जमकर तस्करी की।
    बाबू के साथ तस्करी में पंकज ने करोड़ों रुपए अर्जित किए,इसमे पंकज का फार्महाउस, चंगेरा के यहा बाबू के साथ मिलकर ख़रीदी ज़मीन शामिल है।
  • शातिर है पंकज, फ़ेसटाइम, वट्सएप कालिंग के ज़रिए करता बातचीत
    यू कहने को तो पंकज पुलिस विभाग में है, लेकिन जब से बाबू से दोस्ती हुई तो पूरी तरह तस्करी में उतर गया।२०१७ के बाद से ही पंकज बाबू के साथ मिलकर तस्करी में लिप्त हो गया। पुलिस बाबू पर हाथ ना डाले, इसलिए मासिक बंदी किसको कितनी देनी है , यह पंकज ही तय करता था, पुलिस संभ्धित पूरा काम पंकज देखता था। नीमच सिटी थाने में रहते हुए पंकज ने पूरी तरह से बाबू के साथ हिस्सेदारी में तस्करी की। CBN को बाबू से पंकज का करोड़ों का लेनदेन भी मिला है।
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