राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बार-बार गुटों संबंधी सवालों पर विराम लगाते हुए कहा..

ग्वालियर। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बार-बार गुटों संबंधी सवालों पर विराम लगाते हुए कहा कि कौन ज्योतिरादित्य सिंधिया. मैं नहीं जानता, मै सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता हूं। यह बात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी मधुकर राव के इंदौर में सिंधिया समर्थकों के समावेश के संबंध में दिए गए बयान के संदर्भ कही। सिंधिया गुरुवार की रात को निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए तीन घंटे के अल्पप्रवास पर आए थे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्टेशन पर मीडिया से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व योजना आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एनके सिंह का आभार जताते हुए कहा कि चंबल का पानी मुरैना व ग्वालियर लाने, चंदेरी के बुनकरों व महकाल मंदिर के जीणोद्धार के लिए पत्र लिखा था। यह पत्र मैंने कोरोना संक्रमण काल में लिखा था। इन तीनों कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने 400 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश होगी कि जब में यहां आओ, खाली हाथ नहीं आओ।
वैचारिक मतभेद अलग बात हैं- सदन में दिग्विजय सिंह से हुए संवाद पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि विचारों का आदन-प्रदान होते हैं। विचारधार में मतभेद हो सकते हैं। राजनीति का एक स्तर होना चाहिए। मैंने 20 साल के राजनीतिक जीवन में इसी स्तर को बनाए रखा है। सदन में जो दिग्विजय सिंह को कहना था, उन्होंने कहा, जो मुझे कहना था, वो मैंने कहा। उमा भारती द्वारा शराब बंदी को लेकर दिए बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
मेला पिछले साल की तुलना बराबर रिवेन्यू हासिल हो- मेला के संबंध में सिंधिया ने कहा कि पहले का रिवेन्यू गिरकर 100 करोड़ रुपये रह गया था। उसके बाद चार सौ करोड़ हुआ. पिछले साल आठ सौ करोड़ रहा। कोरोना संक्रमण के बाद लग रहे मेला का रिवेन्यू पिछले साल के बराबर रहना चाहिए। इसकी कोशिश की जा रही है।

नीमच ब्यूरो चीफ

आनंद यादव

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