एक ही साल में समान पूर्णता की अवधि वाले दो चंद्रग्रहण, पहला सोमवार को – सारिका घारू

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संवाददाता सुरेश मालवीय 8871288482

भोपाल नर्मदापुरम । सोमवार बुद्ध पूर्णिमा की सुबह जब चंद्रमा विदा लेकर पश्चिमी देशों में उदित हो रहा होगा तब उन देशों में चंद्रमा पर पृथ्वी की घनी छाया पड़ने से पूर्ण चंद्रग्रहण की घटना होगी और वह तामिया लाल रंग का दिख रहा होगा, इसे ब्लडमून का नाम दिया गया है। भारत सरकार नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने साल के पहले चंद्रग्रहण की खास बातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण टोटल लुनार इकलिप्स की यह घटना नार्थ और साउथ अमेरिका केे अलावा यूरोप और अफ्रीका के कुछ भागों में दिखाई देगी। यह वेस्ट कोस्ट में -रात्रि 8 से 11 बजे के प्राइम टाइम के बीच पड़ने वाला इस सदी का सबसे लंबी अवधि का पूर्ण ग्रहण होगा इसलिए इसे सेंचुरी का लांगेस्ट प्राइम टाइम टोटेलिटी कहा जा रहा है। पूर्णता की अवधि एक घंटे 25 मिनट होगी। उन्होंने बताया कि इस साल 8 नवंबर को पड़ने वाला अगला चद्रग्रहण भी 1 घंटे 24 मिनट 54 सेकंड की टोटेलिटी का होगा। इसलिए यह एक ही कैलेंडर ईयर में पड़ने वाला मोस्ट बेलेंस्ड पेयर आफ टोटल लुनार इकलिप्स है। यह सन 1661 के होने वाली घटना है जो कि अब आगे 2091 में होगी। सारिका ने कहा कि यह ग्रहण हालाकि भारत में नहीं दिखेगा लेकिन वैश्वीकरण के इस दौर में जबकि अनेक भारतीय युवा अमेरिका में हैं। तो वे जब उनकी शाम के आकाश में ग्रहण देख रहे होंगे और तब भारत में बुद्ध पूर्णिमा की सुबह हो चुकी होगी। कुछ प्रमुख शहर जहां पूर्ण चंद्रग्रहण दिखेगाः रोम, लंदन, पेरिस, जहांनसबर्ग, वाशिंगटन डीसी, न्यूयार्क, लासएजेंलिस, शिकागो ग्रहण की अवस्था भारत में समय 16 मई को। ग्रहण की खास बातें- ग्रहण की पूर्ण अवधिः 5 घंटे 19 मिनिट, पूर्ण ग्रहण की अवधिः 1 घंटा 25 मिनिट

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