बाढ प्रभावित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल व्यवस्था तत्परता से बहाल करें : राज्य-मंत्री श्री Brijendra Singh Yadav



लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य-मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने बाढ प्रभावित क्षेत्रों में जल परीक्षण कर पेयजल व्यवस्था शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल का सतत परीक्षण किया जाय और यदि पानी निर्धारित मानको के अनुरूप न हो तो शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। राज्य मंत्री श्री यादव ने ग्वालियर-चम्बल सम्भाग के जिलों में अति-वर्षा के कारण प्रभावित पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागीय अमले ने जिस तत्परता और लगन से बाढ प्रभावित ग्रामों के हैण्डपंपों का सर्वेक्षण एवं जल-परीक्षण किया है, उसी तरह पेयजल व्यवस्था भी बहाल करें।

अपर मुख्य सचिव पीएचई श्री मलय श्रीवास्तव ने कहा कि अति वर्षा से प्रभावित गाँवों में स्थापित हैण्डपंपों के जल को सोडियम हाईपोक्लोराइड से क्लोरीनेटेड किया जाय। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप इसकी व्यवस्था की गई है, कहीं पर भी दूषित जल का उपयोग नहीं होने पाये यह भी सुनिश्चित करें। प्रबंध संचालक जल निगम मर्यादित श्री तेजस्वी एस. नायक ने दतिया में क्षतिग्रस्त हुई जल प्रदाय योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए इसकी पुनर्स्थापना के प्रयासों से अवगत कराया।

राज्य मंत्री श्री यादव के निर्देशानुसार प्रमुख अभियंता (ईएनसी) श्री के.के. सोनगरिया ने गुना, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, सागर आदि जिलों का दौरा कर जिला प्रशासन से सम्पर्क किया और प्रभावित जल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अति-वर्षा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित 4364 हैण्डपंपों में से 3626 को क्लोरीनेटेड किये जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में शेष रहे हैण्डपंपों को क्लोरीनेटेड किया जा रहा है।

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