कलेक्टर श्री लवानिया ने जिले में तैयारियों की समीक्षा

तीसरी लहर से निपटने के लिए 16 मेट्रिक टन से अधिक के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट 1 सितम्बर तक पूरी तरह तैयार होंगे

7 हजार ऑक्सीजन युक्त और 2 हजार 500 आईसीयू बेड की व्यवस्था



भोपाल,12 अगस्त 2021।कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने गुरुवार को भोपाल के शासकीय ,निजी चिकित्सालय के साथ ही मेडिकल कालेज के संचालकों ,अधीक्षकों को निर्देश दिए है कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने में यदि कोई समस्या आ रही है या किसी अनुमति की आवश्यकता है तो उसके लिए तुरंत संपर्क करें जिससे उनकी कठिनाइयों को दूर किया जा सके। भोपाल कलेक्ट्रेट कार्यालय में सम्पन्न बैठक में बताया गया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए 9500 के लगभग बेड तैयार हैं इसमें 2हजार 500 आईसीयू बेड भी सम्मिलित है। विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट को तैयार कर लिया गया है

भोपाल में ऑक्सीजन के 15 ऑक्सीजन प्लांट अलग-अलग अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं जिनकी क्षमता 16 से 20 मेट्रिक टन प्रतिदिन उपलब्ध रहेगी । इसके साथ ही 180 मीट्रिक ऑक्सीजन की स्टोरेज की क्षमता विकसित कर ली गई है और 100 मिट्रिक टन आईनॉक्स द्वारा ऑक्सीजन सप्लाई हो सकती है।
बैठक मे चिरायु ,एलएनसीटी, पीपुल्स ,जेके हमीदिया, आरकेडीएफ, कस्तूरबा, कमला नेहरू, जेपी ,हमीदिया, के साथ-साथ अन्य सभी बड़े चिकित्सालय के अधीक्षक और संचालक उपस्थित रहे ।
बैठक में अपर कलेक्टर संदीप केरकट्टा ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री प्रभाकर तिवारी, सिविल सर्जन राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि भोपाल में लगातार तीसरी लहर को देखते हुए काम तेजी से किया जा रहा है बच्चों के इलाज के लिए भी वर्तमान में 200 आईसीयू ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए गए हैं ,;उसकी क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है ।
जीरो से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों के इलाज के लिए विशेष प्रावधान करने के निर्देश कलेक्टर श्री लवानिया ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के साथ उनके माता-पिता में से किसी एक को रखना अनिवार्य होगा, तो सारी व्यवस्था इस प्रकार से की जाए जिससे बच्चों के इलाज के समय किसी प्रकार की समस्याओं का सामना ना करना पड़े ।
इसके साथ ही सभी हॉस्पिटल संचालकों को कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए अपने सभी नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए इसके लिए उन्होंने चिरायु अस्पताल के श्री अजय गोयंका को निर्देशित किया कि वे सभी अस्पतालों के आग्रह करने पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित करे और केंद्रीकृत ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाए। सभी अस्पताल भी अपने स्तर पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था करें जिससे कि सभी स्टाफ पूरी तरह से प्रशिक्षित हो विशेषकर छोटे बच्चों के इलाज के समय विशेष व्यवस्थाएं होना आवश्यक है।
इसके साथ ही बताया गया कि भोपाल में सभी अस्पतालों में ढाई हजार से अधिक आईसीयू वर्तमान में तैयार कर लिए गए हैं। भोपाल में ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रहेगी ।
बैठक में श्री संदीप केरकेट्टा ने बताया कि भोपाल में कोरोना के दौरान अधिकतम डिमांड 98 से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग और उपलब्धता रही थी ,उसकी तुलना में इस बार 300 मेट्रिक टन ऑक्सीजन प्रतिदिन उपलब्ध रहने की संभावना है। सभी बड़े अस्पतालों द्वारा अपने स्वयं के ऑक्सीजन प्लांट लगभग तैयार कर लिए गए हैं और शेष बचे हुए ऑक्सीजन प्लांटों को आने वाले 15 दिनों में पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। सभी प्लांट में ऑक्सीजन जेनरेशन और सप्लाई शुरू कर ली जाएगी ।इसके साथ-साथ बड़े सिलेंडर सभी अस्पतालों में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
CM Madhya Pradesh

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