मंत्री श्री सारंग ने की कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर समीक्षा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग समन्वय से करें काम ऑक्सीजन, बिस्तर, उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के डीन और अधीक्षक से चर्चा की। मंत्री श्री सारंग ने ऑक्सीजन, बिस्तर, उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री निशांत वरवड़े, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. उल्का श्रीवास्तव उपस्थित थीं।

लगभग 335 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि कोविड प्रबंधन एवं उपचार के लिये प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज में उपकरण, पीडियाट्रिक, आईसीयू, दवाइयाँ, कंज्यूमेबल्स, टेस्टिंग, ऑक्सीजन की उपलब्धता और मेडिकल गैस पाइपलाईन सिस्टम आदि कार्यों के लिये स्वीकृति दी गई है। कोविड की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिये लगभग 335 करोड़ उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इमरजेंसी कोविड रिस्पॉन्स पैकेज में 215 करोड़ 65 लाख रूपये, डिजास्टर रिलीफ फण्ड में 63 करोड़ 35 लाख रूपये, दवाइयों के लिये 36 करोड़ रूपये और कंज्यूमेबल्स में 20 करोड़ रूपये उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।

8300 बिस्तरों की व्यवस्था

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज में कोविड उपचार के लिये पहले से चिन्हित 6765 बिस्तरों के अतिरिक्त 1535 नये बिस्तर का विस्तार किया गया है। इस तरह कोविड के लिये कुल 8300 बिस्तर उपलब्ध होंगे।

मेडिकल गैस पाइप-लाइन और ऑक्सीजन

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि कोविड प्रबंधन के लिये सभी कोविड बेड पर मेडिकल गैस पाइप लाइन सिस्टम स्थापित किया जा चुका है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में निरंतर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये एलएमओ की 271 किलोलीटर क्षमता को बढ़ा कर 395 किलोलीटर किया जाकर 124 किलोलीटर की वृद्धि की गई है। मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन जनरेशन के 27 प्लांट की स्थापना की जा चुकी है। इन प्लांटों से 24 हजार 852 एलपीएम ऑक्सीजन का जनरेशन किया जा सकेगा। इससे लगभग 3500 बिस्तर पर ऑक्सीजन उपलब्ध की जा सकेगी।

विकेन्द्रीकृत क्रय का निर्णय

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि कोविड की संभावित तीसरी लहर के पहले तैयारी के लिये उपकरण, दवाई, कंज्यूमेबल्स की उपलब्धता की सुगमता के लिये विकेन्द्रीकृत क्रय का निर्णय लिया गया है। इससे डीन और अधीक्षक को स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार क्रय का अधिकार पुन: बहाल होगा। कोविड की आकस्मिक स्थिति को देखते हुए पहली और दूसरी लहर के दौरान केन्द्रीयकृत क्रय की व्यवस्था भोपाल स्तर से की गई थी।

दवाइयों और कंज्यूमेबल्स की उपलब्धता

मंत्री श्री सांरग ने कोविड के उपचार के लिये सभी आवश्यक दवाइयों और कंज्यूमेबल्स की व्यवस्था के निर्देश दिए। सभी डीन और अधीक्षक को सभी दवाइयों और कंज्यूमेबल्स के लिये वर्चुअल लिमिट के माध्यम से बजट उपलब्ध कराया गया है। पीपीई किट, एन95 मास्क, ग्लब्स, थ्री लेयर मास्क, आरटी पीसीआर किट आदि आवश्यक सामग्री की भी उपलब्धता के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जीवन रक्षक उपकरणों की स्थापना

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर क्षमता वृद्धि के लिये कुल 3358 आईसीयू/एचडीयू बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। साथ ही 380 पीआईसीयू बिस्तरों पर बच्चों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन इंटेंसिव केअर यूनिट में जीवन रक्षक उपकरण नियोनेटल वेंटिलेटर, मल्टीपेरा मॉनिटर, डिफिब्रीलेटर, सीरिंज पंप, आईसीयू बेड, हॉस्पिटल फर्नीचर स्थापित किये जा रहे हैं।

जागरूकता आवश्यक

मंत्री श्री सारंग ने सभी डीन एवं अधीक्षक से कहा है कि कोविड जागरूकता के लिये अपना स्वयं का संदेश बनाकर प्रसारित करें। कोविड के प्रति लोगों की सतर्कता एवं जागरूकता अति आवश्यक है। डॉक्टर्स द्वारा की गई अपील लोगों में प्रभावी रहेगी। उन्होंने कहा कि मास्क का उपयोग और टीकाकरण अति आवश्यक है। इससे संक्रमण फैलने से काफी हद तक बचा जा सकता है।

हर 15 दिन में हो मॉकड्रिल

मंत्री श्री सारंग ने ऑक्सीजन प्लांटों के लिये हर 15 दिन में मॉकड्रिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑक्सीजन की मात्रा और क्वालिटी में कोई कमी न रह जाएँ इसके लिये जरूरी कदम उठाने को भी कहा। दवाइयों की उपलब्धता के लिये चेकलिस्ट बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने उपकरणों के इंस्टॉलेशन और केलिवेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्धारित स्टीकर में मशीनों की अद्यतन रिपोर्ट मशीनों पर चस्पां करने के निर्देश भी दिए।

आपसी समन्व्य

मंत्री श्री सांरग ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कमिश्नर, कलेक्टर, सीएमएचओ, डीन और अधीक्षक लगातार सतत सम्पर्क में रहकर हर हफ्ते समीक्षा करें। उन्होंने मरीजों के परिजन के साथ संवाद स्थापित करने के लिये हॉस्पिटल मैनेजर बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही हर हॉस्पिटल के लिये एक मोबाईल नम्बर सुनिश्चित कर प्रचारित करने के निर्देश दिए। इन मोबाइल नम्बर पर लगातार 24 घंटे सम्पर्क किया जा सकेगा।

मंत्री श्री सारंग ने कहा है कि प्रदेश में बजट एवं दवाइयों की उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने डीन और अधीक्षक को पूर्व आंकलन कर अपनी मांग अनुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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