‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ को लोगों की व्यापक भागीदारी के साथ ‘जन अभियान’ के रूप में लागू किया जा रहा है

“जनभागीदारी” के माध्यम से 211 करोड़ से अधिक टीके की खुराक देश के सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करती है: डॉ. मनसुख मांडविया
कोविड टीकाकरण का आंकड़ा औसतन प्रतिदिन 28 लाख से अधिक हो गया है
प्रति दिन औसतन 22 लाख से अधिक एहतियाती टीके लगाए गए
पूरे देश में 8.8 लाख से अधिक विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए
राष्ट्रीय कोविड- 19 टीकाकरण कार्यक्रम में कोर्बेवैक्स को एक अलग एहतियाती खुराक के रूप में जोड़ा गया है

211 करोड़ से अधिक कोविड टीकाकरण की खुराक के साथ भारत ने राष्ट्रीय देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त कर लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मानसुख मांडविया ने इसकी “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के निर्णायक और प्रगतिशील नेतृत्व के तहत देश की सामूहिक संकल्प के रूप में सराहना की, जिसे जन भागीदरी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।”

इससे पहले प्रधानमंत्री ने 13 जुलाई, 2022 को एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था, “टीकाकरण, कोविड- 19 से लड़ने का एक प्रभावी साधन है। आज का कैबिनेट निर्णय भारत के टीकाकरण कवरेज को आगे बढ़ाएगा और एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करेगा।”

15 जुलाई, 2022 को ‘कोविड टीका अमृत महोत्सव’ अभियान राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान के तहत एहतियाती खुराक देने के लिए एक प्रेरणा के रूप में शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत 18 साल और इससे अधिक की आयु के व्यक्तियों के लिए सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर नि:शुल्क एहतियाती खुराक 75 दिनों के लिए (15 जुलाई से 30 सितंबर, 2022 तक) प्रदान की जा रही है।

पिछले 42 दिनों से इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। अब तक कुल 14.7 करोड़ एहतियाती टीके लोगों को लगाए जा चुके हैं। इनमें 9.6 करोड़ एहतियाती टीके शामिल हैं, जिन्‍हें इस अभियान के दौरान लोगों को लगाया गया है।

इसके अलावा इस अभियान को शुरू किए जाने के पहले 15 दिनों में प्रतिदिन औसतन 11.4 लाख टीके लोगों को लगाए गए थे, जो अब प्रतिदिन 27.77 लाख तक बढ़ गया है। वहीं, एहतियाती खुराक का आंकड़ा औसतन प्रतिदिन 22 लाख के पार पहुंच गया है।

वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के रूप में एनटीएजीआई की सिफारिश के अनुरूप राष्ट्रीय कोविड- 19 टीकाकरण कार्यक्रम में कोर्बेवैक्स को एक अलग एहतियाती खुराक के रूप में शामिल किया गया है, जिसे कोवैक्सिन या कोविशिल्ड की दूसरी खुराक के बाद लिया जा सकता है। इस अभियान के दौरान सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए टीके की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वहीं, एहतियाती खुराक अब 6 महीने (दूसरी खुराक के 26 सप्ताह) बाद ली जा सकती है।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने एक शिविर दृष्टिकोण के माध्यम से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के साथ ‘जन अभियान’ के रूप में ‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ को कार्यान्वित करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाया है। इसके तहत अब तक सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने 8,86,585 से अधिक विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किए हैं। इसमें रेलवे स्टेशनों (4,052), बस स्टेशनों (8,776), हवाईअड्डे (367), विद्यालय व कॉलेजों (1,11,700) में धार्मिक स्थलों (4,654) और अन्य स्थानों (757036) के शिविर शामिल हैं। इसके अलावा चार धाम की यात्रा (उत्तराखंड), अमरनाथ यात्रा (जम्मू और कश्मीर), कांवर यात्रा (उत्तर भारत के सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों) के साथ- साथ प्रमुख मेलों और सभाओं के मार्गों पर विशेष टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया गया है। व्यापक देशव्यापी जागरूकता अभियानों ने एहतियाती खुराक के बारे में जन जागरूकता को बढ़ाया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इस विशेष अभियान की प्रगति की गहराई से समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के साथ कई बैठकें भी आयोजित की गईं, जो इस अभियान में उनका मार्गदर्शन कर रही हैं। इसके अलावा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को भारत सरकार की ओर से निरंतर सहायता का आश्वासन दिया गया है, जिससे प्रक्रियाओं को और अधिक सुव्यवस्थित व तेज किया जा सके। केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को विस्तृत योजना और प्रक्रियाओं की निरंतर निगरानी के माध्यम से टीकों को बर्बाद होने से बचाने की सलाह भी दी है।

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