ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

तेजेंद्र शर्मा, रणेंद्र, उमेश पंत, लक्ष्मी शर्मा, इरशाद ख़ान सिकंदर तथा मोतीलाल आलमचंद्र को सम्मान

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट 8871288482

सीहोर । ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन अमेरिका ने अपने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन ने अपने कथा-कविता सम्मान घोषित कर दिए हैं। ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन सम्मानों की चयन समिति के संयोजक पंकज सुबीर ने बताया कि ‘ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन लाइफ़ टाइम एचीवमेंट सम्मान’ हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार इंग्लैंड में रहने वाले श्री तेजेन्द्र शर्मा को प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है,

शिवना प्रकाशन के सम्मानों की चयन समिति के संयोजक श्री नीरज गोस्वामी ने बताया कि ‘

शिवना अंतर्राष्ट्रीय कृति सम्मान’ शिवना प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तक ‘ साँची दानं’ के लिए श्री मोतीलाल आलमचन्द्र को प्रदान किया जाएगा, सम्मान के तहत ग्यारह हज़ार रुपये सम्मान राशि तथा सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा। ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन अमेरिका तथा शिवना प्रकाशन द्वारा हर वर्ष साहित्य सम्मान प्रदान किए जाते हैं।

मोतीलाल आलमचंद्र की शोधपरक कृति साँची दानं अपने आप में एक महत्वपूर्ण कृति है इस पुस्तक के द्वारा अब आम आम आदमी सम्राट अशोक के शिलालेखों को उनकी ही लिपि धम्मलिपि में आराम से पढ़ समझ सकेगा। नये पाठक के लिये इस पुस्तक में सरल रूप में वर्णमाला , मात्राएँ लगाने का तरीका , ग्यारहखड़ी , तो दी ही है।

इस पुस्तक में मौर्य कालीन से लेकर सातवाहनों के साँची के स्तूपों पर उत्कीर्ण शिलालेखों को प्राकृत भाषा में मूलत ग्रहण किये गये हैं। शिलालेखों का प्रतिलिप्यंतरण रोमन और देवनागरी लिपि में दिया है।साथ ही अनुवाद हिंदी और अंग्रेजी में दिया गया है जिससे पाठक आराम से इन शिलालेखों को पढ़ और समझ सकता है इस किताब के माध्यम से अशोक के शिलालेखों को पढ़कर टूरिस्ट एक नया अनुभव ग्रहण करेंगे तथा भारत की महान लिपि के प्रति जागरूकता पैदा होगी।

धम्मलिपि सीखकर पुस्तक में दिए 412 अभिलेखों को भी आराम से पढ सकेंगे। न केवल साँची के बल्कि अन्य मौर्यकालीन अभिलेख भी पढ सकेंगे।

भारतवर्ष में बिखरे शिलालेख जो सम्राट अशोक ने धम्म लिपि में लिखवाए थे। समस्त अभिलेखों को पढ़ने में मदद मिलेगी जिससे समाज में सम्राट अशोक के शिलालेखों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी लेखक मोतीलाल आनंद ने अपने शोध के दौरान साँची स्थित स्तूप की वेदिका ऊपर उत्तीर्ण शिलालेखों पर शोध किया और पाया कि स्तूपों की वेदिकाओं पर 29 शिला पट्टिकायें उल्टी लगी पाई गई।इन शिला पट्टिकाओं अभिलेख उलटे उत्कीर्ण हैं।यह अपने आप में एक चौंकाने वाला सत्य है।
यह गलती स्तूपों के जीर्णोद्धार के समय हुई है। श्रमिकों ने गलती से उल्टी लगा दी हैं।

लेखक तहसीलदार एवं दंडाधिकारी के पद पर पदस्थ है। लेखक की यह खोज इतिहास , पुरातात्विक और एपीग्राफी के छात्रों के साथ साथ विद्वानो को को बहुत मददगार होगी

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन अमेरिका का यह पाँचवा सम्मान है। हिन्दी की वरिष्ठ कथाकार, कवयित्री, संपादक डॉ. सुधा ओम ढींगरा तथा उनके पति डॉ. ओम ढींगरा द्वारा स्थापित इस फ़ाउण्डेशन के यह सम्मान इससे पूर्व उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल, ममता कालिया, उषाकिरण खान, महेश कटारे, डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, सुदर्शन प्रियदर्शिनी, डॉ. कमल किशोर गोयनका, मुकेश वर्मा, मनीषा कुलश्रेष्ठ, अनिल प्रभा कुमार तथा प्रो. हरिशंकर आदेश को प्रदान किया जा चुका है। जबकि शिवना सम्मान का यह दूसरा वर्ष है, इससे पूर्व गीताश्री, वसंत सकरगाए, प्रज्ञा, रश्मि भारद्वाज, गरिमा संजय दुबे तथा ज्योति जैन को प्रदान किया जा चुका है।

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