ड्यूटी कर रहे समस्त शिक्षकों को covid-19 योद्धा कल्याण योजना में शामिल किए जाने की उठी मांग….क्षेत्र विधायक विरसिह भुरिया ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

झाबुआ। कोविड-19 महामारी ने पूरे देश में आहाकार मचा रखा है, ऐसे में जिले में अपनी जान जोखिम में डालकर शासकीय सेवा दे रहे शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान अनहोनी होने पर कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना मैं शामिल नहीं किए जाने से काफी भय व्याप्त है,अपनी जान जोखिम में डालकर डोर टू डोर सर्वे कर रहे इन कर्मचारियों की आवाज बन कर थांदला क्षेत्रीय विधायक वीरसिंह भूरिया द्वारा मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उक्त योजना में शामिल किए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया कि प्रदेश में करीबन 4:30 लाख से अधिक शिक्षक अपने जीवन को खतरे में डालकर डोर टू डोर ड्यूटी कर रहे हैं प्रदेश में वर्तमान में 726 से अधिक शिक्षकों की मौत हो गई है और 28845 शिक्षक संक्रमित है। कहा कि झाबुआ जिले में समस्त शिक्षक अपना जीवन खतरे में डालकर कोरोना ड्यूटी कर रहे हैं, जिसमें नियमित, अध्यापक संवर्ग, संविदा संवर्ग को कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में शामिल नहीं किए जाने से उन्हें कोरोना वारियर्स नहीं माना जा रहा है जिसके कारण संक्रमित होने पर उन्हें इलाज के दौरान शासकीय मदद नहीं मिल पा रही है और ना ही मुआवजा।श्री भूरिया ने इसे भेदभाव पूर्ण नीति बताते हुए कहा कि यह संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है। मांग की गई है कि अतिशीघ्र ड्यूटी कर रहे हैं समस्त शिक्षक कर्मचारियों को कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में शामिल किया जाए एवं ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिजनों को आर्थिक मुआवजा दिए जाने के साथ ही सरकारी नौकरी प्रदान किए जाने की मांग की गई है।

Leave a Reply