केन्द्रीय मंत्री-मंडल ने केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को दी मंजूरी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का माना आभार परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान और एक नया सवेरा : मुख्यमंत्री श्री चौहान परियोजना की लागत 44,605 करोड़ रुपये बुंदेलखंड क्षेत्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की मिलेगी सुविधा 103 मेगा वाट जल विद्युत और 27 मेगा वाट सौर ऊर्जा होगी उत्पादित परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र में आएगी भी खुशहाली और सम्पन्नता

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नदियों को जोड़ने की केन-बेतवा परियोजना को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी और केंद्रीय केबिनेट का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान है और एक नया सवेरा भी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 44 हजार 605 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सागर, दतिया, शिवपुरी, विदिशा और रायसेन जिले लाभान्वित होंगे। साथ ही 103 मेगा वाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न होगी। परियोजना से बुंदेलखंड में भी खुशहाली और सम्पन्नता आएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने आज केन-बेतवा नदी को आपस में जोड़ने की परियोजना के लिये वित्त पोषण तथा क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिये केंद्रीय समर्थन के रूप में 39 हजार 317 करोड़ रुपये, सहायक अनुदान के रूप में 36 हजार 290 करोड़ रुपये और ऋण के रूप में 3,027 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूर किया गया है। यह परियोजना भारत में नदियों को आपस में जोड़ने की अन्य परियोजनाओं का भी मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के अन्तर्गत मूर्त रूप लेने वाली केन-बेतवा लिंक देश की पहली राष्ट्रीय परियोजना है, जो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वप्न के रूप में एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है। परियोजना की विस्तृत डी.पी.आर तैयार करने हेतु मध्यप्रदेश शासन, उत्तरप्रेदश शासन और प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है।

परियोजना के लाभ

  • परियोजना के मूर्तरूप लेने पर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

  • मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा तथा खुशहाली आएगी।

  • जल संकट से प्रभावित प्रदेश की 41 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी।

  • परियोजना से भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी।

  • परियोजना से प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सागर, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन जिले लाभांवित होंगे।

  • परियोजना से 103 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा, जिसका उपयोग पूर्णरूप से मध्यप्रदेश करेगा।

  • जल आपूर्ति होने पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र में औद्योगीकरण एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

  • स्थानीय स्तर पर आमजन में आत्म-निर्भरता आएगी तथा क्षेत्र से लोगों का पलायन रुकेगा।

  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से पन्ना जिले में 70 हजार हेक्टेयर, छतरपुर में 3 लाख 11 हजार 151 हेक्टेयर, दमोह में 20 हजार 101 हेक्टेयर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी में 50 हजार 112 हेक्टेयर, सागर में 90 हजार हेक्टेयर, रायसेन में 6 हजार हेक्टेयर, विदिशा में 20 हजार हेक्टेयर, शिवपुरी में 76 हजार हेक्टेयर एवं दतिया जिले में 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो सकेगा। साथ ही पर्याप्त पेयजल भी उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि निःसंदेह केन-बेतवा लिंक परियोजना सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिये आत्म-निर्भरता और समृद्धि के नये आयाम विकसित करेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी तथा जीवन-स्तर सुधरेगा। समावेशी विकास की परिकल्पना साकार होगी तथा आमजन में खुशहाली आयेगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है, कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के मूर्त रूप लेने पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विकास और प्रगति का एक नया सूर्योदय होगा।।

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