भयंकर संक्रमण के बीच महिला समूहो पर प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी लोन किस्त भरवाने के लिए बना रहे दबाव…कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नारी शक्ति सुमित्रा मेडा व सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश वसुनिया ने महिला समूह की लोन किस्तों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमे लोन कंपनी कर्मचारियों द्वारा किस्त नहीं भरने पर ₹40 प्रतिदिन ब्याज के रूम में अलग चार्ज लगने की बात कही गई। आज भारत सहित पूरा विश्व कोरोनावायरस संक्रमण के चलते इस संक्रमण से कैसे बचा जाए प्रधानमंत्री से लगाकर मुख्यमंत्री और पूरा शासन प्रशासन आम जनता को घरों में रहे सुरक्षित रहे जैसे नारे लगाते हुए उन्हें इस संक्रमण से बचने का संदेश दे रहे हैं l वही कुछ प्राइवेट कंपनियां जिन्होंने ग्रामीण व शहरी महिलाओं से ब्याज कमाने के लिए लोन बांट रखा है किसी को 1 साल के लिए तो किसी को 2 साल के लिए इन कंपनियों ने लोन दे रखा है, इन्हीं के साथ यह प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी इन महिलाओं से 15 दिन में या महीने भर में किस्त के माध्यम से वापस अपना पैसा जमा करवाते हैं जब तक लॉकडाउन नहीं लगा था तब तक तो इन शहरी और ग्रामीण महिलाओं को लोन किस्त भरने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो रही थी पर जैसे ही कोरोनावायरस संक्रमण ने अपना रूद्र रूप दिखाया वैसे ही प्रशासन ने 15 मई तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी, उसी समय से इन समूह की महिलाओं के माथे पर इन प्राइवेट कंपनियों कि किस्त कैसे भरेंगे इस प्रकार की चिंता सताने लगी थी इन समूह की महिलाओं को चिंता होय भी क्यों नहीं क्योंकि प्राइवेट बैंकों के कर्मचारी इस लॉक डाउन में भी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जाकर अपनी किस्त वसूलने का काम कर रहे हैं तो वहीं ग्रामीण वह शहरी क्षेत्र की महिलाएं इन किस्तों को चुकाने के लिए संघर्ष कर रही है, समूह की महिलाओं को इस समय दोहरी मार झेलनी पड़ रही है एक तरफ संक्रमण बीमारी से बचना व घर में राशन पानी की भी व्यवस्था करना तो वही दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों से लिए गए लोन की किस्तें भी भरना। लॉकडाउन में काम धंधे सब ठप पड़े हैं ऐसे में इन शहरी व ग्रामीण महिलाओं को लोन किस्त भरने में काफी समस्याएं आ रही है इसी को देखते हुए इन समूह की महिलाओं ने कलेक्टर महोदय से निवेदन किया है की लॉकडाउन खुलने के पश्चात 2 से 3 माह बाद इन प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को हम विधिवत तरीके से इनकी किस्तों का भुगतान कर देंगे कंपनी द्वारा पूर्व में निर्धारित ब्याज तो हम देंगे पर दिन के ₹40 ब्याज हम नहीं देंगे। इसवंदना प्राइवेट कंपनी ने तो इन समूह की महिलाओं के होश उड़ा कर रख दिए उनके कर्मचारियों ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आकर महिला समूह को बताया कि अगर आप लोग किस्त नहीं भरोगे तो 1 दिन के ₹40 के मान से हम आप लोगों से पैसा वसूल करेंगे और इसी प्रकार 1 महीने का 1200 रुपए अलग चार्ज लगेगा इसका पुख्ता सबूत इन समूह की महिलाओं के पास मौजूद है भील प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश वसुनिया व नारी शक्ति अध्यक्ष सुमित्रा मेडा ने इन समूह की महिलाओं की समस्या को कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा जी से मिले व ज्ञापन दिया कलेक्टर महोदय ने आश्वासन दिया की इस विषय पर जल्द ही चर्चा कर एक्शन लेने की बात कही।

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