आरटीओ दलाल ड्राइविंग लायसेंस , वाहन ट्रांसफर में लेते मोटी रकम

आरटीओ दलाल ड्राइविंग लायसेंस , वाहन ट्रांसफर में लेते मोटी रकम

कटनी – वाहन संबंधित कार्यों के लिए आम जनता को आरटीओ विभाग जाना पड़ता है , आरटीओ विभाग एक ऐसा विभाग है जहाँ सड़क में वाहन चलाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है जैसे छोटे वाहन से लेकर बड़े वाहनों से संबंधित लायसेंस का होना बेहद जरूरी माना जाता है लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को शासन ने बेहद सरल बना दिया है बाबजूद इसके भी लोग लायसेंस बनवाने के लिए दलालों का सहारा लेकर अपना लाइसेंस बनवाते हैं हालांकि टू व्हीलर वाहन की लर्निंग ड्राइविंग लायसेंस फीस महज 150 रु शासन द्वारा निर्धारित है लर्निंग इसके बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया 6 माह के अंदर करवाया जाना अनिवार्य है , परमानेंट ड्राइविंग लायसेंस फीस लगभग 200 है , इसी तरह दोनों टू व्हीलर फोर व्हीलर वाहन की ड्राइविंग लाइसेंस फीस 300 निर्धारित है टेस्ट के 50 रुपया अलग से निर्धारित है । वाहनों के ट्रांसफर के भी रेट तय किया गया है लेकिन आरटीओ कार्यालय के बाहर गुमटियों में बैठे दलालों द्वारा दोनों टू व्हीलर प्लस फोर व्हीलर लायसेंस बनवाने का 9 हजार से लेकर 12 हजार हैवी वाहन के लाइसेंस के लिए भी 10 हजार से लेकर मनचाही रकम वसूल करते हैं इसके अलावा वाहनों के ट्रांसफर करवाने के नाम पर भी मोटी रकम दो पहिया 3 से 4 हजार , फोर व्हीलर 10 से पंद्रह हजार रुपए वसूल की जाती है ट्रकों के ट्रांसफर के लिए भी 10 से पंद्रह हजार रुपए की वसूली आर टी ओ दलालों द्वारा किया जाना बताया जाता है ।

आर टी ओ कार्यालय के बाहर दलालों की अवैध गुमटियां ही गुमटियां
मझगवां स्थित आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों ने अवैध गुमटियां बना रखा है आरटीओ कार्यालय लायसेंस बनवाने आने वाले लोगों को गुमराह करते हुए लायसेंस बनवाने के नाम पर अनाप – शनाप रुपए लिया जाता है । लायसेंस बनवाने आने वाले दलालों के चंगुल में फंसकर लायसेंस के लिए हजारों रुपए दलालों को दे देते हैं ।

करोड़ी दलालों की नेतागिरी , जगह जगह आरटीओ सलाहकार के नाम पर खोल रखा कार्यालय

आरटीओ संबंधित दलाल के संबंध में सूत्रों की मान ली जाए तो कुछ ऐसे करोड़पति दलाल भी हैं जो अपना काम करवाने के लिए अधिकारियों – कर्मचारियों को अपना प्रभाव दिखाकर नेतागिरी करते हैं जिसके चलते ही अधिकारी भी इन दलालों से भय खाते हैं । वहीं आरटीओ से संबंधित कार्यो के सलाह के नाम पर नगर सहित सभी ब्लाकों में दलालों ने कार्यालय खोल रखा है । अब देखना दिलचस्प होगा कि अवैध गुमटियों पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है ?

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