आजादी के 70 दशक बाद भी नहीं बनी महुरी का पुरा गांव की पक्की सड़क

ग्राम वासी बोले चुनाव में नेता करते हैं वादा फिर नहीं देते ध्यान अब सिखाएंगे सबक

गोहद/मालनपुर—-गोहद ब्लाक के अंतर्गत आने वाले शेरपुर पंचायत के अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम महुरी के पुरा की सड़क आजादी के 70 दशक बाद भी नहीं बन पाई है यहां के बाशिंदे नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं ग्रामीण बताते हैं चुनाव के समय राजनीतिक दलों के नेता बड़े-बड़े वादे कर सड़क बनवाने का आश्वासन दे जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी ने गांव की ओर ध्यान नहीं दिया एनएच 92 से रायतपुरा की तरफ जाने वाली सड़क से जुड़ी महुरी के पुरा की ओर जाने वाली कच्ची सड़क जिसे बीते महीनों गोहद के पूर्व विधायक रणवीर जाटव ने प्रेम सिंह के पुरा तक डामरीकरण करवा दिया था जिस गांव में मात्र पांच सात घर सरदार परिवारों के हैं वहां से महज 2 किलोमीटर दूर बसे महुरी का पुरा गांव का टुकड़ा छोड़ दिया गया था ग्रामीण बताते हैं बरसात में तो हालत बदतर हो जाती है उबड़ _खाबड़ रास्ता पारकर सड़क पर पहुंच पाते हैं आए दिन हादसे होते हैं सड़क के कारण बच्चों की शिक्षा भी चौपट होती जा रही है स्कूल वाहन गांव तक नहीं आ पाते हैं गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो चारपाई पर लिटा कर मुख्य सड़क पर लाया जाता है यहां तक कि प्रसूता महिलाओं को ट्रैक्टर ट्राली में लिटा कर अस्पताल तक ले जाया जाता है सरकार द्वारा चलाई जा रही जननी एक्सप्रेस 108 जैसे वाहन सड़क न होने से गांव में नहीं आ पाते हैं गांव में करीब जाटव समाज के 150 घर है और लगभग एक हजार से ज्यादा की आबादी है ग्रामीणों ने बताया अब हमने मन बनाया है की नेताओं को सबक सिखा कर रहेंगे आने वाले चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेंगे
श्मशान घाट के लिए भी नहीं है रास्ता जाना पड़ता है दलदल से होकर
गांव में एक मात्र श्मशान घाट है वहां तक जाने के लिए भी रास्ता नहीं है और जो रास्ता है वह दलदल कीचड़ से पटा हुआ है गांव में किसी की मौत हो जाने पर श्मशान घाट तक कीचड़ में धंस कर ही जाना पड़ता है वहां तक कोई पक्का रास्ता नहीं है
गांव के निवासी मंगल सिंह नेताजी ,गुरुदयाल सिंह, भीमसेन जाटव, तोताराम विमल, बताते हैं कि स्थानीय प्रशासन विधायक, सांसद से लेकर सीएम तक शिकायतें की लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है हम लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं एक और तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि गांवों को शहरों से जोड़ा जाएगा लेकिन उनकी यह कहावत थोथी साबित हो रही है

इनका कहना हे 👇🏽

प्रेम सिंह के पुरा तक ही रोड पर डामरीकरण कराया गया है बजट उतने का ही था प्रयास किए जा रहे हैं प्रस्ताव भेज दिया है जैसा ही बजट आजाएगा कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

के. के.शर्मा
कार्यपालन यंत्री
लोक निर्माण विभाग भिंड

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