दिलों में वही बसते हैं जिनका मन साफ हो, क्योंकि सुई में वही धागा प्रवेश कर सकता है जिस धागे में कोई गाँठ ना हो*

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मंगल देव राठौर की न्यूज

श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस भगवान क्रष्ण रुक्मणी मंगल मनाया गया
मन्दसौर ~प्रतापगढ़ बीच गांव -मचलाना में द्वारिकाधीश मन्दिर प्रागण  श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है  भागवत के षष्ठम दिवस में  कथावाचक परम पूज्य पं.वासुदेव जी शर्मा (बसेरा) वाले के मुख से ज्ञान गंगा का रस वादन करते हुए शर्मा ने बताया न गोवर्धन लीला,अघासुर, बकासुर,का वध कंस वध, रुक्मणी मंगल ,वह अन्य कथाएं बताई।और अबीर गुलाल पुष्पा की वर्षा कर रुक्मणी मंगल धूमधाम से मनाया गया। शर्मा ने कहा कि जीवन को
कभी कभी सही वक्त पर पिये गए कड़वे घूट अक्सर जिंदगी मीठी कर दिया करते हैं। जीवन में कभी भी सही वक्त का इंतजार नहीं करें, क्योंकि सही वक्त आता नहीं लाना पड़ता है, इसलिये आज कुछ ऐसा करें कि कल आप खुद को उसके लिए धन्यवाद दे सके। अच्छे किरदार, अच्छे संस्कार और अच्छे विचार वाले लोग हमेशा साथ रहते हैं… दिलों में भी, लफ्ज़ों में भी और दुवाओ में भी..! इसलिये हमेशा अच्छे लोगों की संगत में रहें क्योंकि सुनार का कचरा भी बनिए के बादाम से महंगा होता है। हमारी आदतें और हमारे संस्कार ही बताते हैं कि हम दो कौड़ी के हैं या सौ कौड़ी के। कभी किसी का हक नहीं छीन ना चाहिए,  जो दुसरो का हक छीनता है उसे कभी सम्मान नहीं मिलता। ज़िन्दगी तब “बेहतर” होती है जब हम खुश होते हैं, लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब “बेहतरीन” हो जाती है… जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं। तभी तो कहते हैं की “व्यक्तित्व” की भी अपनी वाणी होती है, जो “कलम”‘ या “जीभ” के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के “अंर्तमन” को छू जाती है क्रष्ण रुक्मणी मंगल में भागवत कथा श्रवण सुने भक्तो की  हुई भीड़।और भक्तो ने धूमधाम से आनन्द लिया।

अर्पित जोशी रिपोर्ट

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