नीमच और मंदसौर जिले में पहली बार मंदसौर में एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) रूपी रक्त चड़ा।

डीजी न्यूज इंडिया
मन्दसौर
से मंगल देव राठौर की
खास रिपोर्ट
मो.+918305357955

झालावाड़ से भेजी 180 किलोमीटर दूर मंदसौर में एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) रूपी रक्त मुस्कान…दुर्लभतम O ओ नेगेटिव एसडीपी कल देर रात मंदसौर
अजय हास्पिटल मैं चडा।
एसडीपी का फुल फॉम (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) होता है
दरसल मंदसौर मध्यप्रदेश में डेंगू पीड़ित मरीज शैलेंद्र सिंह भाटी निवासी लसुडिया भाटी के भर्ती है जिनकी प्लेटलेट्स मात्र 2000 रह गयी थी, मंदसौर सहित आस पास एसडीपी सुविधा नही है, परिजन ने रक्त मित्र नागेश्वर जी मालवीय से संपर्क साधा नागेश्वर जी मालवीय द्वारा टीम रक्तदाता समूह झालावाड़ (टीम – आरडीएस) को सूचना दी गयी की झालावाड़ में एसडीपी हो जाए तो हम लेने आ जाएंगे तुरंत अपनी ओर से हामी भरी ।
रक्त सेवा हिंदुस्तान संस्था द्वारा मंदसौर अजय हॉस्पिटल मे एडमिट पेशेंट शेलेन्द्र सिंह जी भाटी निवासी लसुडिया भाटी के लिए रुधिरा ब्लड बेंक झालावाड़ (राजस्थान) जाकर एसडीपी ब्लड लेके आई ।
मंदसौर जिले मे पहली बार sdp ब्लड किसी पेशेंट को चड रहा है ओर वो मंदसौर का अजय हॉस्पिटल है ।
अजय हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर कोठारी जी ने तुरंत हा कर दी की आप लेके आ जाइये चड़ा हम देंगे
रक्त सेवा हिंदुस्तान संस्था द्वारा झालावाड़ की संस्था रक्तदाता समूह झालावाड़ से संपर्क करके ओ नेगेटिव एसडीपी ब्लड लेके आये पेशेंट फेमेली से उनके छौटे भाई वीरेंद्र सिंह भाटी ड्राइविंग की रात भर ओर साथ मे पेशेंट के जिजोसा सुन्दर सिंह झाला निवासी चोहमेला राजस्थान व उन्के पफोसा ब्रजपाल सिंह राठोर निवासी आक्या सहित खुद नागेश्वर जी मालवीय झालावाड़ के लिए रवाना हुए 180 किलोमीटर का सफर तय कर आप मंदसौर से 9 बजे निकले और रात 1 बजे झालावाड़ पहुंचे कर वहा की टीम से भैया अर्पित जी पालीवाल शाम से ही CBC करवा SDP देने का देर रात तक इंतजार कर रहे थे, परिजन ने जैसे ही भानपुरा क्रॉस किया इधर अर्पित भैया जी ने SDP शुरू की परिजन के झालावाड़ आते ही बिना देर किए तुरंत उन्हें SDP दे वापस मंदसौर के लिए रवाना किया। और रक्त सेवा हिंदुस्तान टीम के जांबाज सदस्य और रक्त सेवा हिंदुस्तान के संस्थापक नागेश्वर मालवीय ओर पेशेट के परिजन के साथ झालावाड़ गए जब पूरी रात पानी गिर रहा था जब एक तरफ लोग अपने बिस्तरो में आराम से सो रहे थे। और दूसरी तरफ की परवाह किए बगैर पेशेंट की जान बचाने के लिए नींद और आराम को छोड़ और त्याग कर सेवा में लगे रहे।  नागेश्वर मालवीय रक्त वीर योद्धा जो इंसानियत एवं मानवता की मिसाल कायम रखने के साथ-साथ समाज की सेवा में हमेशा तत्पर रहने वाले नागेश्वर मालवीय पूरी रात जागकर पेशेंट की समस्याओं को समझा और उसको हल करने का प्रयास किया और पूरा सहयोग दिया जो कि एक काबिले तारीफ एवं और पूरी रात जागकर पेशेंट को दुर्लभ रक्त ओ नेगेटिव एसडीपी  ब्लड चढ़ाया।
रक्त सेवा हिंदुस्तान के संस्थापक नागेश्वर जी मालवीय का कहना है की
ये अकेले का कार्य नही है पूरी संस्था का व झालावाड़ की संस्था टीम रक्तदाता सुमह झालावाड का भी कार्य है
मेन कार्य तो वहा की संस्था रक्तदाता समूह ने किया
यहा की संस्था तो सिर्फ लेके आई
इसमे धन्यवाद की कौई बात नही
सभी रक्त विरो के सहयोग से हूआ ये कार्य
ओर जाते जाते रक्त विर हिंदुस्तान का साथ मिल गया तो सब कार्य अच्छा ही हूआ कही से कही तक कौई बाधा नही आई
नदी नाले से बचाने के लिए लगातार रक्त वीर भगवान से प्रार्थना कर रहे थे की स्कुश्ल मंदसौर वापस आये ओर खालि हाथ ना आये sdp लेके ही आये
इसलिए सभी रक्त विरो का बहुत बहुत धन्यवाद
आप सभी के सहयोग से एक पेशेंट की जान बच गइ
रक्तदाता समूह झालावाड व जय जी गुप्ता ओर रक्त वीर अर्पित जी पालीवाल का भी बहुत बहुत धन्यवाद
एक कॉल पर दुर्लभ रक्त ओ नेगेटिव का रक्त वीर तेयार करके sdp करवा दी

रक्त सेवा हिंदुस्तान आप सभी सहयोग कर्ताओ का व रक्त विरो का आभार व्यक्त करती है।
इतिहास रच दिया अपनो ने
उसके लिए बधाई सभी रक्त विरो को
रक्त सेवा हिंदुस्तान
नागेश्वर मालवीय रात भर सोए नहीं और पेशेंट की सेवा में हमेशा तत्पर रहें सूबह 5:30 पर अजय हॉस्पिटल मंदसौर आ गये थे 6 बजे sdp उतर गई ।
रक्त सेवा हिंदुस्तान संस्था द्वारा मंदसौर अजय हॉस्पिटल मे एडमिट पेशेंट शेलेन्द्र सिंह जी भाटी निवासी लसुडिया भाटी के लिए रुधिरा ब्लड बेंक झालावाड़ (राजस्थान) जाकर sdp ब्लड लेके आई।
मंदसौर जिले मे पहली बार sdp ब्लड किसी पेशेंट को चड रहा है ओर वो मंदसौर जिले का एक मात्र अजय हॉस्पिटल ही है जिसने sdp ब्लड लगाने की हा करि
रक्त सेवा हिंदुस्तान संस्था द्वारा झालावाड़ की संस्था रक्तदाता समूह झालावाड़ से संपर्क करके दुर्लभ रक्त ओ नेगेटिव एसडीपी ब्लड लेके आये
यह पहली बार नहीं है नागेश्वर मालवीय जी पहले भी अनेक पेशेंट को आवश्यकता पड़ने पर ब्लड प्लाजमा आदि की व्यवस्था करवाने में हमेशा तत्पर रहे हैं और अपनी परवाह किए बगैर वह पेशेंट को और लोगों को रक्त दिलाने में पूरा सहयोग और समर्पण के भाव एवं निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। जो कि मंदसौर जिले के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

और सेवा को नमन करते हैअर्पित जी पालीवाल झालावाड़ को व रक्त सेवा हिंदुस्तान के जांबाज सिपाही के हौसले को अर्पित जी पालीवाल रात भर एसडीपी देने के लिए जागे रहे थे। और यह उन लोगों के लिए तमाचा है और सीख हैं।जो रक्त देने से भी कतराते हैं और रक्त देने से डरते भी हैं।
मंदसौर जिले मे पहली बार sdp ब्लड किसी पेशेंट
रक्त सेवा हिंदुस्तान संस्था द्वारा झालावाड़ की  झालावाड़ से संपर्क करके ओ नेगेटिव sdp ब्लड लेके  खुद नागेश जी झालावाड़ के लिए रवाना हुए 180  तय कर आप मंदसौर  निकले और रात 1 बजे झालावाड़ पहुंचे कर वहा की  अर्पित जी पालीवाल  CBC करवा SDP देने का देर रात तक इंतजार कर रहे  जैसे ही  अर्पित भैया जी SDP शुरू की परिजन के झालावाड़ आते ही बिना  मंदसौर के लिए रवाना किया। और रक्त सेवा हिंदुस्तान  सदस्य और रक्त सेवा हिंदुस्तान के  पेसेंट के परिजन के साथ झालावाड़ गए जब पूरी रात  जब एक तरफ  आराम से सो रहे  की परवाह किए बगैर पेशेंट की जान बचाने के लिए नींद  छोड़ और त्याग  की सेवा में  नागेश्वर  पेशेंट की  उसको हल  सहयोग  तारीफ एवं और पूरी रात जागकर  नागेश्वर  और
दिखने ओर पढ़ने में ये कारनामा भले ही छोटा लगे, पर इंसानियत के इस बड़े काम को सकुशल सम्पन्न करवाने तक देर रात तक जगे टीम से सभी रक्त विरो को दिल से सेल्यूट करते है ….
*ये कार्य रक्त सेवा हिंदुस्तान के हर रक्त वीर द्वारा पुरा किया गया है संस्था के हर रक्त वीर का इस कार्य मे हाथ ये सारा श्रेय रक्त सेवा हिंदुस्तान के हर रक्त वीर को जाता है*
*रक्त सेवा हिंदुस्तान टीम रक्तदाता समूह झालावाड़ व सभी सहयोग कर्ता का आभार व्यक्त करती है*
*उक्त जानकारी रक्त सेवा हिंदुस्तान के संस्थापक नागेश्वर मालवीय ने दी*

Leave a Reply