भाजपा ने पिछडा वर्ग का आरक्षण खत्म करने का षडयंत्र रचा,
कांग्रेस ओबीसी वर्ग को निकाय चुनाव में 27 प्रतिशत आरक्षण देगी- श्री पाटील
जिला कांग्रेस कार्यालय पर हुआ प्रेस वार्ता का आयोजन माननीय कमलनाथजी का माना आभार

मध्य प्रदेश से जिला जनपद ब्यूरो चीफ मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट

मन्दसौर/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथजी ने 11 मई 2022 को घोषणा करते हुये कहा है कि आने वाले निकाय चुनाव में पार्टी अन्य पिछडा वर्ग के 27 प्रतिशत प्रत्याशियो को टिकट देगी। श्री कमलनाथजी ने यह घोषणा ऐसे समय पर की है कि जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में बिना ओबीसी आरक्षण के निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के आरक्षण के बिना चुनाव कराने का फैसला इसलिये किया क्योकि मध्यप्रदेश की शिवराजसिंह चौहान सरकार ने माननीय अदालत के सामने ओबीसी के बारे में भ्रामक व आधे अधूरे तथ्य प्रस्तुत किये जिसके कारण पिछडा वर्ग का हित प्रभावित हुआ है।
यह बात जिला कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री नवकृष्ण पाटील ने कही। उन्होने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथजी की भावना को पत्रकारो के समक्ष रखा। इस दौरान पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रकाश रातडिया, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्री महेन्द्रसिंह गुर्जर, पूर्व नपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ शेख, जिला कांग्रेस प्रवक्ता श्री सुरेश भाटी भी उपस्थित थेे।
श्री पाटील ने कहा कि ओबीसी वर्ग के हित में उठाये गये ऐतिहासिक कदम के लिये हम माननीय कमलनाथजी का आभार व्यक्त करते है। प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुये उन्होनें ही ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था। आज विपक्ष में होने के बावजुद वह ओबीसी वर्ग को उसका संवेधानिक अधिकार दे रहे है। श्री पाटील ने पुछे गये एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश के लगभग 23 हजार चार सौ निकाय पदो में से 27 प्रतिशत अवसर पिछडा वर्ग को मिलेगे जबकी सत्ता मंें बैठे लोग सिर्फ बहानेबाजी करके ओबीसी हितेशी होने का पाखंड कर रहे है जबकी असल में उनका चरित्र आरक्षण विरोधी है। सह सर्वविदित तथ्य है कि मध्यप्रदेश और पुरे देश में अन्य पिछडा वर्ग का हित करने का कार्य हमेशा कांग्रेस पार्टी ने किया है। भारतीय जनता पार्टी ने ओबीसी आरक्षण को समाप्त करने का षडयंत्र रचा है। ओबीसी आरक्षण समाप्त कराने के लिये शिवराज सरकार पहले जानबूझकर असंवेधानिक अध्यादेश लेकर आयी और बाद में न्यायालय के दबाव में इस असंवेधानिक अध्यादेश को वापस लिया। भाजपा की सरकार ओबीसी के खिलाफ यह जो काम किया है वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय जनपा पार्टी के गुप्त ऐजेन्डे का हिस्सा है। कांग्रेस पार्टी ने जब भी ओबीसी वर्ग को अधिकार दिया है तब-तब बीजेपी ने चोर रास्ते से ओबीसी से वह अधिकार छिनने का काम किया है।
श्री पाटील ने कहा कि 2003 में कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण बढाकर 14 से 27 प्रतिशत किया था लेकिन उसके बाद बनी बीजेपी सरकारो ने अगले 15 साल में अदालतो में एकदम खराब पैरवी करके ओबीसी के 27 प्रतिक्षत आरक्षण को समाप्त हो जाने दिया। 2018 में जब श्री कमलनाथजी के नेतृत्व में फिर से कांग्रेस सरकार बनी तो कांग्रेस सरकार ने ओबीसी को एक बार फिर से 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। इस आरक्षण को वर्तमान शिवराजसिंह चौहान सरकार अदालतो में गलत तथ्य रख धीरे-धीरे खत्म करती जा रही है।
माननीय कमलनाथजी की घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि सिर्फ निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी, बल्कि आरक्षण समाप्त होने के बावजुद कांग्रेस पार्टी के प्रयासो से ओबीसी वर्ग के अधिक से अधिक प्रतिनिधि निकायो में चुनकर आयेगे। सभी समाजो के साथ समानता का व्यवहार करना और सब को संविधान के मुताबिक अधिकार प्रदान करना कांग्रेस पार्टी की नीति का अभिन्न हिस्सा है। सामाजिक न्याय की लडाई को नई ऊंचाई देने के लिये माननीय कमलनाथजी का बहुत- बहुत आभार।

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