मैनिट में चल रही ऑनलाइन कार्यशाला का समापन

सम्यक व्यायाम एवं स्वस्थ श्वसन क्रिया जीवन का आधार: डॉ. एन. एस. रघुवंशी

दुख का सिम कार्ड जीवन से निकाल फेंके और शांति का सिम कार्ड इंसर्ट करें

भोपाल. “कोविड-19 महामारी को हराने के लिए मनुष्य को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना अति आवश्यक हो गया है, हमें नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बना कर शारीरिक दृढ़ता के साथ अपनी सांसो को नियंत्रित करते हुए मानसिक शांति का अनुभव करके रोग मुक्त जीवन की आधारशिला रखनी पड़ेगी.” मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डायरेक्टर डॉ. एन. एस. रघुवंशी मैनिट में चल रही ऑनलाइन कार्यशाला के समापन अवसर पर बोल रहे थे. यूएसए फ्लोरिडा मियामी की शिल्पा श्यामसुखा जी ने आज बहुत सुंदर एवं सरल सूत्र दिया कि अपने जीवन में से दुख-तनाव का सिम कार्ड निकाल फेकें और आनंद-शांति का नया सिम कार्ड लगा लें; इसी कार्य में सिद्धेश्वर टीम द पावर ऑफ सोल मदद करती है। ध्यान प्रक्रिया में सभी प्रतिभागियों को गहराई में जाने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ पल मौन में डूबने से भीतरी शक्ति का आविर्भाव होता है, जिससे हमारे तन-मन की उर्जा का तल बढ़ जाता है और आरोग्य शक्ति विकसित हो जाती है। सिद्धेश्वर टीम की मीनाक्षी ने स्वयं से बातें करने की टेक्निक बताइ और कहा कि खुद से प्यार कीजिए और साथ ही महसूस करें कि आपकी डोर परमात्मा के हाथ में है और बाहर की स्थिति कोई भी हो आप पूरी तरह सुरक्षित हैं। आज कोविड-19 से डरना नहीं है, बस सजग रहना है और अपनी डोर परमात्मा के हाथ में सौंप के शांत मन से सुरक्षित महसूस करना है। कई प्रतिभागियों के द्वारा कार्यशाला के आयोजक डॉ. अरविंद मित्तल, डॉ. प्रशांत बारेदार एवं डॉ. मीना अग्रवाल से पुनः ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कराने का निवेदन किया।

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