महापौर के संभावित नामों पर भाजपा कोर ग्रुप करेगा मंथन

विभा पटेल होंगी भोपाल से कांग्रेस की महापौर पद की प्रत्याशी

भोपाल। कांग्रेस ने भोपाल नगर निगम के महापौर पद के लिए मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल का नाम तय कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने इसके संकेत कोरग्रुप की बैठक में दे दिए हैं। वहीं, सागर से पूर्व विधायक सुनील जैन की पत्नी निधि जैन को प्रत्याशी बनाने का निर्णय किया है। उन्होंने मंगलवार को कमल नाथ से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। वहीं, इंदौर से विधायक संजय शुक्ला का नाम तय है। नौ जून को पार्टी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर सकती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने महापौर पद का चुनाव लड़ने के लिए कुछ प्रत्याशियों को फोन करके सूचित किया है। इसमें विभा पटेल का नाम भी शामिल है। पटेल ने वर्ष 1999 ने महापौर का चुनाव लड़ा था और भाजपा की राजो मालवीय को हराया था। 2008 में पार्टी उन्हें गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा चुकी हैं। हालांकि, वे पराजित हो गई थीं। पार्टी ने उन्हें मार्च में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया था। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का उनको समर्थन हासिल है और उनका भोपाल में व्यक्तिगत संपर्क भी बेहतर है।

नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा होते ही अब सबकी निगाहें प्रत्याशियों की घोषणा पर टिकी है। कांग्रेस की ओर से तो स्थिति स्पष्ट है, लेकिन भाजपा में घमासान मचा है। यहां कई दावेदार हैं, लेकिन पार्टी संगठन किस पर भरोसा जताता है, यह देखना रोचक होगा। भाजपा में महापौर पद के प्रत्याशी के चयन में संगठन की गाइडलाइन भी महत्वपूर्ण है। 

प्रदेश के 16 नगर निगम (Nagar nigam) में महापौर (Mayor) उम्मीदवार को लेकर भाजपा अभी तक ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सकी है। इंदौर और भोपाल जैसे जिलों में महापौर के दावेदारों की भरमार है, लेकिन पार्टी इस बार नए चेहरे पर दांव लगाना चाहती है, ताकि संगठन की नई पीढ़ी के मार्फत नगर सरकार तक पहुंचा जा सके। इसको लेकर आज संगठन ने प्रभारी मंत्रियों को मंथन करने जिलों में भेजा है।

 

महापौर उम्मीदवार के चयन के लिए भाजपा संगठन ने अभी तक किसी प्रकार की गाइड लाइन जारी नहीं की है और न ही पार्षद पद के प्रत्याशियों को लेकर कोई नियम बनाए हैं। कल भोपाल में महत्वपूर्ण बैठक है और माना जा रहा है कि उसी बैठक में गाइड लाइन जारी कर दी जाएगी। उसके पहले संगठन ने प्रभारी मंत्रियों को एक तरह से निर्वाचन अधिकारी बनाकर उनके प्रभार वाले जिलों में भेजा है। गृहमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा आज भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक ले रहे हैं। कोर कमेटी की बैठक में महापौर प्रत्याशी के नामों पर मंथन किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि गोपनीय तौर पर होने वाली इस मीटिंग में प्रभारी मंत्री मिश्रा वरिष्ठ नेताओं से संभावित नामों को लेकर विचार करेंगे। साथ ही अलग-अलग भी पूछा जाएगा कि किसको टिकट देने से क्या समीकरण बनेंगे और इससे पार्टी को कितना नफा-नुकसान होगा। वैसे नुकसान भाजपा नहीं चाहती है और आसानी से जीतने वाले चेहरे पर ही दांव लगाएगी। हालांकि वर्तमान विधायक और 50 साल की उम्र से अधिक के नेताओं को टिकट नहीं देने की खबरें भोपाल से उड़ी हैं, जिसको लेकर इंदौरी नेता भी असमंजस की स्थिति में हैं। इसके साथ ही पहले दौर में घोषित किए जाने वाले पार्षद प्रत्याशियों के नामों पर भी बैठक में विचार किया जा सकता है।

कांग्रेस प्रदेश अघ्यक्ष ने कहा .
एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (MP Congress state president Kamal Nath) ने कहा है कि कांग्रेस एक-दो दिन में निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी फाइनल कर देगी। चुनाव में सभी लोग टिकट मांगते हैं, लेकिन किसी एक को टिकट मिल पाता है। हम इसमें किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि संगठन को मजबूत करने वाला फैसला करेंगे।

महापौर का चुनाव लडऩे से पीछे हटीं विधायक कृष्णा गौर!

भोपाल। नगरीय निकाय चुनाव में भोपाल से महापौर चुनाव के लिए कांग्रेस से पूर्व महापौर विभा पटेल का नाम तय कर दिया है, जबकि भाजपा में अभी नाम को लेकर मंथन शूरू नहीं हुआ है। हालांकि टिकट के लिए कई नेताओं ने दावेदारी पेश की है। इस बीच पूर्व महापौर एवं गोविंदपुरा सीट से विधायक कृष्णा गौर का नाम भी महापौर के लिए तेजी से चल रहा है। खबर है कि महापौर चुनाव में कृष्णा ने कोई रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंन अपने समर्थकों के जरिए संगठन को यह संदेश भिजवा दिया है कि वे महापौर का चुनाव नहीं लड़ेंगी। भाजपा में एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर जोर दिया जा रहा है। चुनाव जीतने के लिए भाजपा यदि किसी विधायक को महापौर का चुनाव लड़ाती है और वह चुनाव जीतता है तो अगले साल विधानसभा चुनाव में उसे विधायक का टिकट नहीं मिलेगा। यही चिंता कृष्णा गौर को है। यदि उन्हें महापौर का टिकट दिया जाता है तो वे अगले साल विधायक नहीं बन पाएंगी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि गोविंदपुरा विधानसभा सीट से विधायकी लडऩे की चाह रखने वाले भाजपा नेता कृष्णा गौर को महापौर के लिए सबसे मजबूत प्रत्याशी बता रहे हैं। ऐसे नेता कृष्णा को टिकट दिलाने के लिए लॉबिंग भी कर रहे हैं। हालांकि कृष्णा गौर महापौर चुनाव में कोई रुचि नहीं ले रही हैं।

विधायक कृष्णा गौर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी से इनकार किया है। कृष्णा गौर ने कहा है वह पहले महापौर रह चुकी हैं और अब विधायक हैं। अब वो आगे बढ़ेंगी। पार्टी खुली आंख से उम्मीदवारों को देख रही हैं, योग्य उम्मीदवार को महापौर पद के लिए टिकट दिया जाएगा। स्थानीय निकाय के चुनाव में पार्टी पूरे दम और बल के साथ उतरेगी और बेहतर नतीजे देगी।

अब माना जा रहा है कि पार्टी भोपाल से कोई नया चेहरा उतारेगी।

बता दे कि कृष्णा गौर के बाद अगर किसी का नाम सामने आया है तो वो मालती राय है, राय पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं। इसके अलावा इस दावेदारी में राजो मालवीय का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। वो भी महापौर का एकचेहरा बन सकती हैं। हालांकि, मालवीय पूर्व महापौर का चुनाव लड़ चुकी हैं। लेकिन वो यह चुनाव हार गई थीं।

 

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