सूक्ष्म,लघु मध्यम उद्यम से जुड़े नव उद्यमियों ने अपनी इकाइयों की स्थापना के लिए ई-नीलामी से भूखंड लेने में रुचि दिखाई

MSME की नई पालिसी का कमाल
औद्योगिक निवेश में बेहतरीन प्रतिस्पर्धा:मंत्री श्री Omprakash Sakhlecha



3 जिलों में 14 गुना बोली आयी,बढ़ाना पड़ी बोली की निर्धारित समय-सीमा

जबकि 11 जिलों में नीलामी की प्रक्रिया पूरी हुई तथा वहाँ भी सरकार द्वारा निर्धारित कीमत से 7 गुना अधिक कीमत में भूखंड की नीलामी हुई है। उल्लेखनीय है कि 21 अगस्त को ई-नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी।

इस बीच सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने नीलामी प्रक्रिया में नव उद्यमियों के सकारात्मक रूप में सम्मलित होकर 7 से 14 गुना अधिक में भूखंड क्रय करने पर संतोष व्यक्त किया है। अथक परिश्रम से बनाई गई उद्योग मित्र पालिसी का यह उदाहरण है।

राज्य शासन द्वारा हाल ही में लागू औद्योगिक भूमि तथा आवंटन एवं प्रबंधन नियम-2021 ने प्रदेश में उद्योगों को लगाने में नव-उद्यमियों के लिए भूखंड की सुगम उपलब्धता से नए द्वार खुले हैं।

अब नव-उद्यमी औद्योगिक क्षेत्रों के अविकसित भूखंड भी ले सकेंगे और अपनी तरह से अपने उद्यम की जरूरत के हिसाब से भूखंडों का विकास और आवश्यक निर्माण कर सकेंगे।

गौरतलब है कि प्रदेश में एमएसएमई विभाग द्वारा 14 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटन हेतु उपलब्ध 132 भूखंडों की ई-नीलामी शनिवार 21 अगस्त को प्रातः 11 बजे से प्रारंभ की गई थी जो रविवार 22 अगस्त को प्रातः 11 बजे समाप्त होना थी।

प्रदेश में वर्तमान नीतियों के कारण निवेशकों में निवेश हेतु जो रुचि और प्रतिस्पर्धा बढ़ी उससे सभी 14 जिलों में निर्धारित समय के बाद भी नीलामी प्रक्रिया जारी रही।शाम 6 बजे तक 11 जिलों में प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है,जिसमें निर्धारित बेस प्राइस से लगभग 7 गुना दरें प्राप्त हुई हैं।

जिन 14 जिलो में यह प्रक्रिया शुरू की गई थी उनमें छिंदवाड़ा, दतिया, कटनी, खरगोन, मुरैना, नीमच, निमाड़ी,रायसेन, रीवा, टीकमगढ़, उज्जैन, छतरपुर,बैतूल एवं शिवपुरी शामिल है। छतरपुर, बैतूल, शिवपुरी में प्रक्रिया जारी है।

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