जरूरतमंद मछुआरों का मारा जा रहा है हक फर्जी समितियां गठित कर सालों से जमा रखा है तालाबों पर कब्जा

DG NEWS NARSINGHGAD

नरसिंहगढ़ से अंकिता जोशी की रिपोर्ट

नरसिंहगढ़ । गरीबी रेखा के नीचे आने वाले मछुआरों का हक मारकर फर्जी समितियां बना सालों से तालाबों पर कब्जा जमाए बैठे हैं कुछ लोग प्रशासन इस मामले में खास रुचि नहीं रखता है ना ही इस पर कोई सवाल उठते हैं ना ही इसकी तरीके से जांच होती है क्योंकि सरकार का यह मुख्य साधन नहीं है क्योंकि साल भर का किराया कुछ हजार मात्र होता है जो तालाब लीज पर लेने वाला व्यक्ति एक ही मंडी से कवर कर सकता है जहां सरकार का मकसद मछुआरों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का है लेकिन यहां तो गरीबों तक यह योजना पहुंच ही नहीं पाती जबकि बड़े-बड़े बल्लम लोग इसे फर्जी तरीके से संचालित करते हैं फर्जी तरीके से लीज लेते हैं समितियों में ऐसे कई लोग सदस्य हैं जिन्हें यह भी नहीं जानकारी है कि वह इस समिति के सदस्य हैं यू कहे तो मत्स्य उद्योग विभाग एक छुपी हुई संस्था है जहां पर लोग आसानी से सवाल जवाब करने नहीं पहुंच पातेजबकि यहां पर गरीब लोगों का हक मारा जा रहा है प्रशासन को इसकी सुध लेने की आवश्यकता है और सरकार को भी इस विषय में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है प्रदूषण विभाग के द्वारा तालाबों की जांच होनी आवश्यक है ताकि जल प्रदूषण ना पड़े साथ ही मछली पालन को लेकर प्रशासन को गंभीर होने की आवश्यकता है। क्योंकि ध्यान न देने की वजह से यहां के गमलों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है फर्जी तरीके से काम चल रहे हैं और इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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