मत्स्य उद्योग फर्जीवाड़ा जल्द ही होंगे और बड़े खुलास

DG NEWS NARSINGHGAD

नरसिंहगढ़ से अंकिता जोशी की रिपोर्ट

नरसिंहगढ़ । क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तालाबों के पट्टे धारी समितियों की अगर जांच की जाए तो अधिकतर पट्टे निरस्त हो जाएंगे अगर सदस्यों के हस्ताक्षर की जांच की जाए तब बड़े खुलासे होने की संभावना है ऐसे में प्रदेश के बाहर से आने वाले लोग जिन्हें मछली मारने का ठेका दिया जाता है अवैध है जबकि प्रदेश के बाहर से लोग कई सालों से आकर मछली मारते रहे हैं और खुलेआम मछलियां सुखाते आ रहे हैं। साथ ही अगर बात की जाए समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों की इससे किसी का कोई फर्क नहीं पड़ता गिने-चुने कुछ लोग ही अपना मछली माफिया का गोरखधंधा खुलेआम चलाते आ रहे हैं और प्रशासन अपना मुंह बंद कर बस देखता रहा है जबकि बाजार में मछलियों की अलग-अलग प्रजातियों की अलग पहचान है और अलग रेट है जिससे भारत सरकार को भी काफी फायदा होता है लेकिन मछली माफियाओं ने इसे मजाक बनाकर रख दिया है जबकि इस योजना का मकसद गरीबी रेखा से नीचे आने वाले व्यक्तियों को गरीबी रेखा से ऊपर लाना था। और सभी लोगों को इसका बराबरी हक देना भी इस योजना का मकसद था लेकिन कुछ चुनिंदा लोग इस पर अपना कब्जा जमाए बैठे हैं जबकि यह गैरकानूनी है। जिलेभर की समस्त मत्स्य समितियों की जांच होना आवश्यक है ताकी जरूरत मंद लोगों को उनका हक मिल सके।

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