भयंकर वर्षा के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग और विदिशा जैसे ज़िलों में बाढ़ ने तबाही मचाई

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गांव के गांव तबाह हो गए, मकान डूब गए, पशु बह गए और लोग बाढ़ में फंस गए। लोगों की गृहस्थी उजड़ गई, फसलें तबाह हो गईं। कुछ जगह तो पुल भी बह गए। आपदा के आते ही हम सक्रिय हो गए।

भयंकर वर्षा के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग और विदिशा जैसे ज़िलों में बाढ़ ने तबाही मचा दी। ऐसी वर्षा कभी देखी नहीं गई। ऐसा सैलाब कभी देखा नहीं गया।

मुख्य्मंत्री श्री चौहान ने आगे कहा कि राहत कार्य, पुनर्वास, पुनर्निर्माण के लिए मैं और अधिकारियों की टीम जुटेगी। क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी भी सहयोग देंगी। हमने तय किया कि जो नियमित राशन मिलता है, उसके अतिरिक्त बाढ़ पीड़ितों को 50 किलो राशन और दे दिया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि, मेरे बहनों और भाइयों, निराश होने की ज़रूरत नहीं है, हम तत्काल राहत के कार्य में लग गए हैं। मैंने 12 मंत्रियों की टास्क फोर्स बनाई है। सारे प्रमुख विभाग के अफसर इसमें सम्मिलित हैं। #NDRF और #SDRF की टीम ने भी खूब काम किया। पुलिस प्रशासन, निचले स्तर तक के कर्मचारी, नौजवान और समाजसेवी बचावकार्य में लग गए। मैं भी दिन-रात बचावकार्य की मॉनिटरिंग करता रहा। बाढ़ग्रस्त इलाकों की हालत भी जाकर देखी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा जिनका अनाज, सामान नष्ट हो गया है, सर्वे करके उसके लिए भी राहत की राशि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत देंगे, जिनके मकान ढह या पूर्णत: नष्ट हो गये हैं, उनके मकान बनाने के लिए पीएम आवास योजना की तर्ज पर उतने रु. देने की हम व्यवस्था कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यदि बाढ़ के कारण किसी भाई-बहन की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई होगी, तो उनके परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। पशु बह गये होंगे, तो उसकी भी चिंता ना करें दुधारू ₹30 हजार एवं गैर दुधारू पशुओं के लिए ₹25 हजार की सहायता राशि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हर तरह की आवश्यक व्यवस्था बनाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।मैं जानता हूं आपका कष्ट बड़ा है,इस संकट के पार हम आपको निकालकर ले जाएंगे।जल्दी ही आपको इस मुसीबत से निकालेंगे,सामान्य जीवन बहाल करेंगे।

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