एसकैमकॉन-2021 के वार्षिक सत्र का हुआ शुभांरभलिफ्ट हुई खराब,

साध्वी प्रज्ञा सिंह चौथें माले पर पीएसओ के सहारे कार्यक्रम में पहुंची
मैनिट और आयसर के डायरेक्टर की गैरमौजूदगी रही चर्चा का विषय

हमारे वैज्ञानिक पूर्ण मनोबल से देश की सेवा में जुटे, रिसर्च करें और भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करें – साध्वी प्रज्ञा सिंह

भोपाल। एसकैमकॉन – 2021 के 17वंे सत्र के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंची भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वेद पुराणों में समाहित ज्ञान को अर्जित कर नवाचार और शोध कार्य करने हेतु देश भर से आये इंडंसट्रियलिस्ट, यंग प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिक, प्रोफेसर्स, एकेडमिशियन्स, रिसर्च स्कॉलर्स एवं स्टूडेंट़स को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक पूर्ण मनोबल से देश की सेवा में जुटे, रिसर्च करें और भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करें। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 21वीं सदी के भारत के विकास के लिये रिसर्च एवं नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही है। अटल टिंकरिंग लेब सरकार की ऐसी पहल है जिसके माध्यम से बच्चे स्कूल में रिसर्च और नवाचार के स्वप्न को पूरा कर सकते है।
कोरोना महामारी में सरकार ने पूरी क्षमता के साथ इसका सामना किया है। जिसमें सरकार का साथ केमिकल इंजीनियर्स ने कोरोना वारियर्स बनकर बखुबी दिया है। एलोपैथिक दवाओं के साथ आर्युवेद ने भी इस महामारी से मरीजों को बडी राहत पहुंचाई है। आयुष मंत्रालय लगातार आयुर्वेद चिकित्सा पर रिसर्च के लिये देश के तमाम आयुर्वेदिक संस्थानों को फंड उपलब्ध करा रहा है जिससे लोगो को अच्छा और सस्ता ईलाज उपलब्ध हो सके और भारतीय पांरपरिक चिकित्सा पद्धति को भी बल मिल सके।
सांसद ने कहा कि भोपाल को स्वच्छ और साफसुथरा बनाने की दिशा में हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दृड इच्छाशक्ति से भानपुर खंती का मलबा और कचरा हटवाकर वहां सौन्दर्यीकरण का कार्य करवाया गया। जिससे भोपाल शहर को पर्यावरण प्रदुषण से मुक्ति मिली है।
कोविड 19 महामारी के दौरान लॉकडाउन करने से पर्यावरण बेहतर हुआ है। क्योंकि वाहनों से होने वाले प्रदुषण की दर में कमी आई है। उन्होंने सलाह दी की देश भर के उद्योगो मसलन रिफायनरिस और सभी फैक्ट्री से निकलने वाले केमिलकल्स और विषैली गैसों को प्रोसेस करके ही वातावरण में छोडा जायें। वेस्ट वाटर को स्वच्छ करके ही नालों में प्रवाहित करें। हानिकारक रसायनों का विकल्प ढूंढा जायें। भारतीय पारंपरिक ऑर्गेनिक खेती की तरफ कदम बढाया जायें। जिसमें गाय के गोबर की खाद का उपयोग करें। साथ ही उन्होंने जोडा कि विद्या वही है जो मुक्ति प्रदान करे। बल एवं सामर्थ प्रदान करे और हमें स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यावरण, ऊर्जा एवं अन्य सभी क्षेत्रों में उन्नति की ओर अग्रसर करें। ऐसी विद्या को समाज के हर वर्ग तक पहंुचाने का नैतिक कर्त्तव्य हमारा और आपका है और हमारे शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक बडी ही कुशलता से इसका निर्वहन कर रहे है।

इस कार्यक्रम मंे मौजूद विशेष अतिथी भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार मालवीय ने कहा कि विभिन्न चरणों में निशुल्क कोविड 19 टीकाकरण महाअभियान चलाकर मोदी जी ने देश को कोरोना मुक्त करने की बेहतरीन पहल की है। जिसकी प्रशंसा आज पूरे विश्वभर में की जा रही है। हमारे लिये गौरव की बात है कि आज भारत पूरे विश्व में रिन्यूअल एनर्जी इंस्टाल्ड केपेसिटी के मामले में चौथे नम्बर पर आ गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों के लिये सब्सिडी युक्त सौलर पंप लगाने की योजना भी किसानों की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के लिये उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

इस वार्षिक सत्र का आयोजन होटल राजहंस रिजेंट आईएसबीटी के चतुर्थ तल पर सभागार में रखा गया। अचानक ही लिफ्ट में तकनीकी खामी आ जाने के कारण लम्बे स्वास्थ्य कारणों की वजह से सांसद को चतुर्थ तल तक जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर मौजूद वैज्ञानिक और प्रोफेसर ने सांसद के जज्बे और साहस की जमकर तारिफ की। इस वार्षिक सत्र में शहर की सांसद का मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होने के बावजूद भी मैनिट डायरेक्टर और आयसर डायरेक्टर का नदारत होना चर्चा का विषय बना रहा।

ऑर्गनाईजिंग टीम के सचिव प्रोफेसर एस सुरेश ने मुख्य अतिथि सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये बताया कि यह आयोजन भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल एवं मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के IIChE स्टूडेंट चैप्टर और IIChE मुख्यालय कोलकाता द्वारा संयुक्त रूप से 22 से 23 अक्टूबर के दौरान हाईब्रिड मोड में किया जायेगा। जिसकी थीम ’’ग्लोबली एडवांसमेंट इन टेक्नोलॉजी फॉर एन्वायरमेंट’’ (गेट-2021) रखी गई है।

इस वार्षिक सत्र में विशेष अतिथि भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार मालवीय सहित आईआईसीएचई कोलकाता के प्रेसीडेंट एम के झा, वाईस प्रेसीडेंट इंजी. प्रवीण सक्सेना, सेक्रेटरी डॉ. अविजीत घोष, आयसर भोपाल के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, मैनिट के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत बारेदार, कार्यक्रम सचिव डॉ. शंकर चकमा और डॉ. एस सुरेश एवं देश भर के प्रतिष्ठित इंडस्ट्रीयलिस्ट व वेैज्ञानिक मौजुद रहे।

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