समाज में रहकर मनुष्य एक-दूसरे के सहयोग के बिना जीवन-यापन नहीं कर सकता है – सीता लववंशी

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़ – सहारनपुर । समूह में कार्य करना मानव के स्वभाव का हिस्सा है। यह अनुभव किया गया है कि समाज में रहकर मनुष्य एक-दूसरे के सहयोग के बिना जीवन-यापन नहीं कर सकता है। छोटे-छोटे कार्यों को करने के लिए मनुष्य कई बार अनौपचारिक समूह बनाकर कार्य करता है। इसी अनुभवों से निकल कर स्वयं सहायता समूह की अवधारणा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आयी एवं एक समान सोच वाले लोगों ने मिलकर विभिन्ना प्रकार के कार्यों को करने के लिये स्वयं सहायता समूहों का गठन किया। वित्तीय साक्षरता मास्टर ट्रेनर सीता लववंशी ने एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डिगवाड, जमनागंज, तरलाखेड़ी, कालूखेड़ा, बखत्यारपुरा, काछीखेड़ी सहित अन्य गांवों में उपस्थित महिलाओं से कहीं। प्रशिक्षण में वित्तीय साक्षरता मास्टर ट्रेनर सीता लववंशी एवं सीमा अहिरवार ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को नियमित साप्ताहिक बैठक, बचत, आंतरिक लेन-देन, उधार वापसी, हिसाब-किताब संधारण, खुले में शौच मुक्त परिवार, सुनिश्चित परिवार, नशामुक्त परिवार, संपूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, सुपोषित परिवार, पंचायतीराज संस्थाओ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अवधारणा व अजिविका संवर्धन, बैक लिंकेज, रिवायलिंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि के बारे में जानकारी दी। यह समूह मूलतः बचत की अवधारणा पर कार्य करते हैं। इसका मूल उद्देश्य साथ में रहकर अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। इसे बाद में अन्य कार्यों को करने में उपयोग में लिया जाने लगेगा। इस दौरान वित्तीय साक्षरता सीआरपी माया वर्मा, माया अहिरवार सहित कई ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थी।

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