एक अनोखी पहल मन्दसौर में महिलाएं चलाएंगी ई-रिक्शा, गणतंत्र दिवस समारोह से होगी शुरुआत

मन्दसौर । महिलाएं अब शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाती दिखेगी। प्रारंभ में शहर में 10 ई-रिक्शा चलेंगे। मुंबई के एक एनजीओ की मदद से इनको ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रशासन की तैयारी है कि 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में अतिथि मुख्य समारोह में ई-रिक्शा की सवारी कर इस सेवा को प्रारंभ कर देंगे। समाज की 10 महिलाओं को चयनित कर उन्हें पुलिस लाइन में प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। लर्निंग लाइसेंस भी बना दिया है। अब मंदसौर में नए रुट पर प्राथमिकता से इन्हें परमिट व लाइसेंस देकर वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुंबई के एनजीओ बांबे थ्री चैलेंज ने बालिकाओं की शिक्षा, रोजगार और जीवन स्तर सुधारने के लिए काम किया है। जब एनजीओ के संचालकों से कलेक्टर गौतमसिंह ने चर्चा की थी तो यहां भी काम करने के लिए सहमति दी। इस पर कई महीनों से कवायद चल रही थी जो अब जाकर पूरी हो रही हैं। एनजीओ ने मंदसौर में 10 ई-रिक्शा देने की सहमति दी। हर एक की कीमत 1.88 लाख रुपये हैं। प्रशासन ने 10 महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षण भी दे दिया है और उनके लिए लर्निंग लाइसेंस भी बना दिया है।
हर कार्यालय में अंदर गेट तक जाने की अनुमति रहेगी
शहर में कलेक्टोरेट से लेकर बायपास और 500 क्वार्टर से लेकर एमआइटी तक बढ़ते शहर के लिए जिला परिवहन अधिकारी ने नए रुट का निर्धारण किया है। यहां चलने वाले वाहनों में इन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए ई-रिक्शा मिलने के बाद यह वाहन चलाती दिखेगी। इधर कलेक्टर गौतमसिंह ने बताया हम नए आदेश जारी कर रहे हैं कि इन 10 ई-रिक्शा को किसी भी शासकीय कार्यालय व अस्पताल या अन्य जगह सीधे गेट व सीढ़ियों के पास तक जाने की अनुमति रहेगी। ताकि इसमें सवारी करने वाले दिव्यांगों, महिलाओं, बुजुर्गों को भी अतिरिक्त सुविधा मिलेगी तो वह इन्हीं वाहनों में बैठेंगे। इससे महिलाओं की आय भी बढ़ेगी।
इस तरह होगा जिले में पहला कदम

  • मुंबई का एनजीओ सभी 10 ई-रिक्शा अपनी तरफ से देगा।
  • 26 जनवरी को तीन ई-रिक्शा देने की योजना है पर प्रयास हो रहे हैं कि सभी 10 ही आ जाए।
  • महिलाओं को अभी रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बाद में अन्य महिलाओं को भी सुविधा दिलाएंगे।
    लर्निंग लाइसेंस दे दिया
    लर्निंग लाइसेंस तो पहले ही बना दिया गया था। ई-रिक्शा को लेकर प्रशिक्षण पूरा हो गया हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़कर मुख्य धारा में लाने के लिए यह पायलेट प्रोजेक्ट प्रारंभ कर रहे हैं। मंदसौर में नए रुट पर वाहन चलाने के लिए इन्हें परमिट व लाइसेंस प्राथमिकता से दिए जाएंगे। गणतंत्र दिवस पर रिक्शा देकर इसकी शुरुआत कर रहे हैं। कोशिश है कि इससे जागरूकता और प्रोत्साहन मिले तो समाज की अन्य महिलाएं भी अन्य रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेगी। -गौतमसिंह, कलेक्टर।
    -आजकल की महिलाएं समाज को लेकर बहुत सोचती है। पहली बार सीखने आए थे तो झिझक हो रही थी। पर जब इसे सीखा तो अब अच्छा लगने लगा है। अभी तक तो मैदान पर सीख रहे थे पर अब सड़क पर चलाएंगे। साथ आय भी होगी तो परिवार को भी फायदा मिलेगा। हमें काफी अच्छी योजना से जोड़ा जा रहा है।-ज्योति चौहान, लाभार्थी।
    -अभी बहुत अच्छा लग रहा है हम शहर की पहली महिलाएं होंगी जो ई-रिक्शा चलाएगी। इससे और भी महिलाएं प्रेरित भी होगी।-जीया दायमा, लाभार्थी।

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