कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी का उज्जैन भैरवगढ जेल से तबादला, अब प्रदेश की इस जेल के सलाखों के पीछे काटेगा सजा, जेल में कर रहा था गरदुल्लों की गैंग संचालित

उज्जैन/नीमच। केंद्रीय जेल भैरवगढ में बंद कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी निवासी नीमच को जेल के अंदर गुरदुल्लों (नशेडियों) की गैंग संचालित किए जाने के मामले लेकर जेल प्रशासन ने प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए शुक्रवार को सेंट्रल जेल भेज दिया है। कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी ने भैरवगढ जेल में गैंग बना ली थी, बाहर से अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थों की जेल के अंदर ही तस्करी की जा रही थी। इसकी शिकायत जेल मुख्यालय भोपाल तक पहुंची, जिसकी जांच हुई और शिकायत की पुष्टि होने के बाद जेल प्रशासन ने जेल ट्रांसफर के आदेश जारी किए है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो नीमच की टीम द्वारा कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के गोदाम से 26 अगस्त 2021 को 255 क्विंटल डोडाचूरा, अफीम कालादाना और धोलापाली जब्त किया था और बाबू को मौके से गिरफ्तार किया गया था। कनावटी जेल नीमच में वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला उठा था और इसके बाद 10 अक्टूबर 21 को भैरवगढ जेल उज्जैन भेज दिया था। बाबू सिंधी को कुछ दिनों तक अंडा सेल में रखा लेकिन बाद में उसे कर्मचारियों ने मिलीभगत कर सुविधाएं पहुंचाना शुरू कर दी। बाबू खुद नारकोटिक्स के अधीन आने वाले नशे के सेवन का आदि है। बाबू ने उसके अन्य साथियों से जेल के अंदर नशा भिजवाने की व्यवस्था जुटाई और जेल के कुछेक कर्मचारियों को सेट किया। कुछ ही दिनों में बाबू जेल के अंदर नशेडियों की गैंग संचालित करने लगा। वहीं जेल के फोन से प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे तक वह परिचितों और अन्य तस्करों से बात करता था। इसकी रिकार्डिंग भी जेल प्रशासन तक पहुंची। नीमच निवासी इमरान खान ने कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी को जेल में नशा से लेकर मोबाईल सुविधा मिलने की शिकायत जेल डीजी अरविंदकुमार को भेजी गई, शिकायत की जांच हुई और पुष्टि के बाद बाबू सिंधी को भैरवगढ से भोपाल सेंट्रल जेल भेजने के आदेश 1 मार्च को जारी हुए थे, बाबू को भोपाल भेजने की तैयारी चल रही थी कि इस बीच मंदसौर सिटी कोतवाली द्वारा बाबू सिंधी को 4.75 क्विंटल डोडाचूरा के मामले में रिमांड पर लिया गया। शुक्रवार सुबह बाबू को भोपाल सेंट्रल जेल के लिए रवाना कर दिया है। सेंट्रल जेल में बाबू को कडी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। एक गुरदुल्ले ने दी ब्लेड मारने की धमकी, नशेडी बाबू ने 20 हजार रूपए देकर पाया छुटकाराकृ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते माह एक बैरक में गरदुल्ले कैदी आपस में झगड रहे थे तब बाबू बीच में कूद पडा और उसकी जमकर धुनाई हुई। एक गरदुल्ले ने बाबू सिंधी को ब्लेड मारने की धमकी दी थी तो 20 हजार रूपए देकर बाबू ने छुटकारा पाया। बाबू जेल से बाहर था तो अफीम, चरस का खूब नशा करता था, जेल के अंदर भी खुद के लिए तो नशे की व्यवस्था कर ली थी, वहीं साथ ही पूरी नशेडियों की गैंग बना ली थी। बाबू के अंदर जाने के बाद गुर्गे सक्रिय – मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त बाबू सिंधी जेल में बंद है। बाबू सिंधी से जुडे हुए लोग मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय है। सूत्र बताते है कि अफीम कालादाना, डोडाचूरा, धोलापाली की तस्करी हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में की जा रही है, जेल के अंदर से बाबू सिंधी साथियों को तस्करों के नाम और रूट बताकर कमांड कर रहा है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो व अन्य जांच एजेंसियों को इस मामले में ध्यान देना चाहिए।

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