टीआई शैलेंद्रसिंह जादौन मादक पदार्थों की धरपकड में तोडबटटे में जुटे, वित्त मंत्री जगदीश देवडा की छवि को धूमिल करने का नारायणगढ थाना प्रभारी द्वारा प्रयास, डोडाचूरा प्रकरणों में लंबी लिस्ट बनाकर किसानों से कर रहे है अवैध वसूली

मंदसौर। नारायणगढ थाना क्षेत्र किसान आंदोलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। थाना प्रभारी शैलेंद्रसिंह जादौन द्वारा किसानों को टारगेट कर मादक पदार्थों के मामले में वसूली में जुटे हुए है। डोडाचूरा के प्रकरणों में नान कर्मिशियल कर आरोपियों को बचाने के खेल में थाना प्रभारी लाखों में खेल रहे है। यह थाना क्षेत्र प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश ​देवडा की विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, वित्त मंत्री श्री देवडा की छवि को खराब करने के भरपूर प्रयास थाना प्रभारी शैलेंद्रसिंह जादौन द्वारा किए जा रहे है। थाना प्रभारी का एक ही मकसद है अवैध वसूली का। चाहे एनडीपीएस एक्ट के मामले हो या फिर जुआ—सटटा चलाने के।
बीते अप्रैल माह में थाना प्रभारी जादौन के नेतृत्व में एक अल्टो कार से 45 किलो डोडाचूरा पकडने की उपलब्धि बताई गई। सूत्र बताते है कि एक क्विंटल से अधिक डोडाचूरा था, लेकिन थाना प्रभारी ने 10 पेटी का खेल किया और 45 किलो डोडाचूरा का प्रकरण बनाया, जो कि नान कर्मिशियल की श्रेणी में आता है और इससे जमानत भी आरोपियों की जल्दी हो जाएगी। इसी प्रकार डेढ क्विंटल के प्रकरण में भी सामने आया है। किसी बंटी नामक तस्कर का नाम निकाल दिया गया है। इसमें भी लाखों का खेल किया गया है। थाना प्रभारी द्वारा सब इंसपेक्टर मनोज महाजन को लेन—देन के मामलो में आगे रखा जाता है, ताकि कार्रवाई हो तो सब इंसपेक्टर बलि का बकरा बन जाए। पूरे नारायणगढ क्षेत्र में मादक पदार्थों की धरपकड और कार्रवाई थाना प्रभारी के लिए कमाई का जरिया बन चुकी है। अब देखना यह है कि वरिष्ठ अधिकारी कब तक लूटखसौट करने वाले टीआई पर कार्रवाई करते है।

तस्करों से सांठगांठ कर मादक पदार्थों की गाडिया निकलवाने का भी ठेका—
सूत्र बताते है कि थाना प्रभारी शैलेंद्रसिंह जादौन और सब इंसपेक्टर मनोज महाजन की जोडी तस्करों से सांठगांठ कर मादक पदार्थों से भरी हुई गाडिया निकलवाने का काम भी कर रही है। इसके बदले तस्करों से मौटी रकम ली जा रही है। विगत दिनों जोधपुर में पकडाई 40 क्विंटल डोडाचूरा की खेप के कनेक्शन नारायणगढ थाना क्षेत्र से जुडे थे, यही से यह डोडाचूरा भराया गया था और थाना प्रभारी के संरक्षण के चलते गाडी यहां से रवाना हुई। इस प्रकार के कई मामले है, जो थाना प्रभारी की तस्करों से सांठगांठ के उदाहरण है। थाना प्रभारी द्वारा अपने विश्वसनीय आरक्षकों की रात्रिकालीन डयूटी लगाई जाती है और वे पायरेटिंग करते हुए नारायणगढ थाना क्षेत्र की बार्डर पार करवाते है।

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