आखिर कब रुकेगा तस्कर बाबू सिंधी का खेल सलाखों के पीछे है फिर भी खेल रहा है बड़े-बड़े खेल तस्करी के पैसे से ख़रीदी ज़मीन में नीमच जेतपूरा फँटा के पास कॉलोनी काटने की योजना, कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के संगी साथियों ने लोगो के साथ धोखाधड़ी का बिग गेम!
पप्पू गुर्ज़र, जगदीश गुर्जर, विनोद गुर्जर, शिवचरण भाया गुर्जर व सौरभ कोचत्ता मनासा रोड़ तिरूपति नगर के पास बना रहे है प्लान, सीबीएन में शिकायत हुई, खटाई में पड़े भूमाफ़िया के मंसूबे


नीमच। कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी का पैसा जमीनों में लगा हुआ है। सीबीएन ने सफ़ेमा की कार्यवाही की है। बाबू सिंधी से जुड़ी हुई एक ओर प्रॉपर्टी का पता चला है। जिस पर सफ़ेमा की कार्यवाही के लिए शिकायत सीबीएन में हुई है। जेतपूरा फन्नटे के पास मनासा रोड तिरूपति नगर के पास दलालों ने बाबू सिंधी के कालेधन से लक्ष्मण नायक की बीस बीघा ज़मीन डमी नाम से ली, ताकि लोगो को पता भीं नहीं चले लेकिन ईसका भंडाफोड़ हो गया है। हत्या का सजायफ़ता आरोपी पप्पू गुर्जर इसका मास्टरमाईन्नड है। जिसने सौरभ कोचटा से मिलकर बाबू के पैसे क़रीब तीन करोड़ से लक्ष्मण नायक सुवाखेड़ा से ज़मीन किसी आँजना के नाम ली, इसमें पप्पू , जगदीश गुर्जर सौरभ कोचत्ता, विनोद गुर्जर, शिवचरन गुर्जर भागीदार बने, बाबू की ५० % हिस्सेदारी थी, लेकिन उसे जेल जाने के बाद कुछ समय तक सभी मोंन रहे, बाबू जेल में गया तो रजिस्ट्री उसके नाम से नहीं करवायी गयी।
ई। उक्त जमीन लक्ष्मण नायक पिता रूपाजी नायक और उसके बेटे नरेश पिता लक्ष्मण नायक के नाम से सालों से राजस्व रिकार्ड में चली आ रही थी, सर्वे नंबर 662-2, 674-1, 663-1,662-1 , करीब 20 बीघा जमीन अनिलकुमार आंजना पिता जगदीशचंद्र आंजना निवासी केंसूदा, चंद्रेश पिता मोहनलाल आंजना निवासी बसाड प्रतापगड के नाम से रजिस्ट्री करवायी गयी, ताकि लोगो को इनकी जानकारी नहीं मिले, पर इनकी नौटंकी ज़्यादा समय तक नहीं चली, बाज़ार में सचाई सामने आ गई है। सब पता चल गया है। पप्पू गुर्जर, जगदीश सहित आन्य लोग लोगो को टोपी पहनाने का जाल बिछा रहे है, किंतु पूरे नीमच, मंदसौर के लोगो को मालूम पड़ गया है इस ज़मीन के बारे में। तस्कर के पैसे से ख़रीदी गयीं ज़मीन पर सीबीएन की नज़र पड़ गयी है।

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