नीमच शहर में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे फल फूल रहा है बेखौफ जुआ कारोबार शिव के शासन में लोकतंत्र के स्तंभ कार्यपालिका भ्रष्टाचार के चरम सीमा पर

निप्र नीमच करण नीमा बाबा

एक तरफ तो हमारे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी मध्यप्रदेश में अपराध मुक्त सुशासन देने का ढिंढोरा पीट रहे हैं वही दूसरी ओर नीमच मंदसौर जिले का प्रशासनिक अमला चुनौती देता नजर आ रहा है

वैसे देखा जाए तो भाजपा शासन में कुछ भी असंभव नहीं है
हर काम वह हो रहे हैं जो कि सामाजिक दृष्टिकोण से निंदनीय है
सामाजिक बुराई है परंतु यह भी सत्य है कि इन अवैध कामों की ऊपरी कमाई नीचे से लेकर ऊपर तक पूरे सिस्टम में बाटी जाती है उसके बावजूद भी सुशासन का डंका बजाते हुए बंद नहीं हो रहे हैं
देखा जा रहा है की मध्यप्रदेश में जनहित शिकायतों का भी संबंधित विभाग में पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने की बजाय लीपापोती में ज्यादा कर रहे हे
कई शिकायत जन सुनवाई के माध्यम से तो कई शिकायत सीएम हेल्पलाइन की माध्यम से की गई है
परंतु आज तक नतीजे पर नहीं पहुंची यदि दिए गए शिकायत आवेदन कोई कार्रवाई भी की गई तो विभागीय कार्रवाई से शिकायतकर्ता असंतुष्ट ही हे
और यदि कोई कार्रवाई अगर किसी अधिकारी द्वारा की जाती है तो वह सिर्फ कागजों तक सिमट कर जाती विभागीय फाइलें कुछ और बोलती है और परिस्थितियां कुछ और बया करती है
कई शिकायतों को तो शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही हटा दिया जाता है
क्योंकि ऊपर जो सिस्टम में आका बैठे हुए हैं ए से आकाओं के बैठे रहने से
विभागों में सिर्फ शिकायत अर्जियां पहुंचती है जनता की आवाज नहीं
इसमें कहीं ना कहीं लोकतंत्र के स्तंभ मीडिया की भी कमियां नजर आती है
जो विभागीय कारिस्तानी को उजागर करने में समर्थ है
एनसीआर की रिपोर्ट के अनुसार भ्रष्टाचार में जो मध्य प्रदेश नंबर दो पर था बहुत जल्द देश के नंबर वन पर पहुंचने में अब ज्यादा वक्त नहीं है
राज्य के राजनेता भी मात्र धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करते हुए दिखाई दे रहे हैं
जनसेवा और जन समस्याओं के समाधान के लिए इनके पास कोई नीति नहीं है
लंबे समय से नीमच जिले में चारों ओर जुए का जो अवैध कारोबार फल फूल रहा है उसको देखते हुए नहीं तो नेता नगरी वालों की आंखें खुल रही है
और ना ही कार्यपालिका द्वारा अपना काम इमानदारी से किया जा रहा है
शहर में इस जुआ कारोबार के अवैध चलन के कारण अनुमान लगाया जा सक्ता हे संबंधित विभाग एक मोटी रकम अवैध कारोबारियों से वसूल ही रहा है
लेकिन कई परिवारों को बर्बाद करने और क्राइम को बढ़ावा देने में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा हे
शहर चर्चाओं से गर्म है और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठ रहे हैं बताया जाता है कि नीमच बाईपास जेतपुरा से लेकर मालखेड़ा के बीच एवं रावण मुंडी जमुनिया बालाजी के आसपास इस अवैध जुआ कारोबार बड़े दमखम के साथ संचालित किया जा रहा है
जिस जगह इस अवैध कारोबार को चलाया जा रहा है उस जगह के भूमि स्वामी को रेंट के तौर पर 3000 से 5000 तक प्रतिदिन के हिसाब से यानी की 90000 से डेढ़ लाख रुपए तक मंथनी किराया दिया जा रहा है
जहां पर नीमच निंबाहेड़ा जावद कनेरा प्रतापगढ़ मंदसौर एवं अन्य कई शहरों से इस अवैध कारोबार को अंजाम देने के लिए असामाजिक तत्व एकत्रित होते हैं
जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले की होती है
अवैध कारोबार को संचालित करने वाला अन्य शहरों से आए इन व्यक्तियों से प्रति व्यक्ति पर घंटा ₹500 के हिसाब से नाल वसूल करता है लगभग 30 से 50 व्यक्ति एक साथ अपना मजमा जमा लेते हैं जहां पर सूत खोर भी बड़े पैमाने पर एक मोटी रकम लेकर बैठते हैं और जुआरियों को ₹10000 हजार पे हजार रुपए प्रतिदिन ब्याज दर से देते हैं देखा जाए तो 10000 का मांथनी ब्याज ₹30000 यानी की 300% का ब्याज
कुछ व्यक्तियों ने अपनी दुकानदारी भी चला रखी है
इस अवैध कार्य को बे खोप लगभग प्रतिदिन लगभग 8 घंटे चलाया जाता है जो देर रात्रि तक चलता है
प्रति व्यक्ति₹500 घंटा यदि देता है तो 50 व्यक्तियों के 1घंटे के ₹25000
और 8 घंटे के ₹200000 लाख रुपए प्रतिदिन इस अवैध जुआ कारोबार को चलाने वाला काली कमाई मिलती है
महीने का अनुमान लगाइए 60,00000 साठ लाख रुपए मंथनी काली कमाई
इस हिसाब से यदि चर्चा में जो सामने आया है कि ₹700000 प्रतिमाह क्षेत्रीय थाने को एक अवैध जुआ कारोबारी से दिए जा रहे हैं
तो बायपास जुआ कारोबारी एवं रावड़ी जमुनिया बालाजी के आसपास के प्रभावी व्यक्ति के वहां चलाया जा रहा है जुवा खाने को मिलाकर 14 लाख रुपए छेत्री थाने को प्रतिमाह जा रहे हैं
इस प्रकार की चर्चाओं से सर्द मौसम में भी चौराहे गर्म है
धुआं उठा मतलब आंग तो लग रही है
तभी कहा जाता है की लोकतंत्र के स्तंभ कार्यपालिका में तनखा तो कुछ ना करने की ली जाती है
कुछ करने के लिए तो रिश्वत ली जाती है
शहर में चल रहा है इस अवैध माहौल को उच्च अधिकारी अपने संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष निस्वार्थ कार्रवाई को कर असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई कर इस प्रकार के चल रहे अवैध कारोबार पर जल्द अंकुश लगाकर मूल जड़ से उखाड़ फेंकने में अपना योगदान दिखाए
ओर पुलिस कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का मुंह तोड़ जवाब दे

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