कोविड-19 की वर्षगांठ पर प्रशासनिक अधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई

कई राज्यों में लॉक डाउन का विरोध करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर आमजन का दुर्व्यवहार सामने आया है मध्य प्रदेश के नीमच जिले मैं आज 4 अप्रैल को फुल लॉकडाउन किया गया जिस पर कई आम नागरिकों की प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार से रुबरु हुए जिसमें आम नागरिकों का यह कहना है की पिछले वर्ष इस महामारी के चलते हुए जो मार जनता को पड़ी है उस मार से अभी तक आमजन उबर नहीं पाया है और फिर धीरे धीरे शासन प्रशासन लॉक डाउन की स्थिति को बढ़ावा देकर पूरी तरह से आम नागरिकों की कमर तोड़ने पर लगा हुआ है एक ओर बढ़ती हुई महंगाई और दूसरी लोक डाउन के चलते हुए आमजन की बेरोजगारी ने जनता के दिलो-दिमाग में यह संकल्प बिठा दिया है की कोविड-19 के महामारी से मरना मंजूर है पर इस प्रकार से जहां पर सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के अधिकारियों को कार्रवाई करना चाहिए फुल लोक डाउन करके जनता को दोहरी मार मार रहे हैं ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है फिर लॉक डाउन के नाम से कई प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारी की बढ़ती हुई साइट इनकम से बल्ले बल्ले होने वाली है पूर्व मैं भी जग जाहिर किसने कमाया है और किसने गवाया है
आश्चर्यजनक बात है क्या कोरोना वायरस का निर्धारित समय है या सीमा है जो बीमारी अदृश्य चीज है जिसकी ना तो कोई सीमा है ना जिसका कोई समय है
उस परिस्थिति को समझते हुए प्रशासन को थोड़ा सा विचार कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए ना कि समस्या को बढ़ावा देना यदि इसी प्रकार से अगर समस्याएं दिन ब दिन बढ़ती गई तो वह दिन दूर नहीं है जब आम जन का आक्रोश आम रास्ते पर उत्तर आएगा अन्य राज्यो का प्रक्टिकल अनुभव बोल रहा है और एक बार अनुमान हार सकता है पर अनुभव नही क्यो की अनुमान जिवन की एक कल्पना है
ओर अनुभव जीवन की सीख ओर कई राज्यो के माहौल ने ये साबित कर दिया है
इसलिए कुछ सीखे ओर
संबंधित विभाग के अधिकारी बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय ले एवं लॉक डाउन की बजाए सोशल डिस्टेंसिंग पर ज्यादा ध्यान दें एवं मेरे पत्रकार साथियों से अनुरोध है कि आम जन की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लोग डाउन को बढ़ावा ना देते हुए सोशल डिस्टेंसिंग पर जो डाले धन्यवाद 🙏

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