नीमच पुलिस की सर्जिकल स्ट्राईक, राजस्थान में पहुंचकर किया था नकली शराब फैक्टरी का भंडाफोड, अरनोद थाना पुलिस लीपापोती में जुटी, तोडबटटा(मंथली)गिरोह सक्रिय,निकाले जा रहे है नाम

मामला—राजस्थान में पकडाई जहरीली शराब बनाने वाली फैक्टरी का: राजस्थान पुलिस ने जहरीली शराब फैक्टरी मामले को बनाया कमाई का जरिया
नीमच। पुलिस अधीक्षक सूरजकुमार वर्मा के निर्देशन में 100 पेटी अवैध शराब के मामले में पकडाए आरोपी की निशानदेही पर कुछ दिनों पूर्व पुलिस ने प्रतापगढ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र के मंडावरा गांव में स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर नकली शराब बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड किया था। नीमच पुलिस की मेहनत पर अब राजस्थान पुलिस पलीता लगाते हुए नजर आ रही है। एक तो सालों से मध्यप्रदेश—राजस्थान बार्डर पर नकली शराब बनाने की फैक्टरी संचालित हो रही थी, सवाल यह उठता है कि क्या अरनोद थाने में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों के संज्ञान में यह फैक्टरी नहीं थी। निश्चित ही राजस्थान पुलिस की मिलीभगत (मंथली)के जरिए फैक्टरी संचालित होने की आशंका सामने आई है। वहीं दूसरी और जब फैक्टरी का भंडाफोड नीमच पुलिस की मदद से हो ही गया तो अब अरनोद पुलिस मामले में असली आरोपियों को बचाने(मंथली) में जुट गई है। छोटा प्रकाश निवासी बडी सादडी और भागीरथ कुमावत निवासी सोनपुर के घर तक तो राजस्थान पुलिस पहुंच गई, लेकिन तोडबटटा कर इनके नाम निकाल(मंथली)दिए गए है।
मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान में नकली शराब फैक्टरी संचालित कर एमपी, राजस्थान और गुजरात में नकली शराब खपाने का गिरोह लंबे समय से संचालित हो रहा है। राजस्थान पुलिस येन—केन प्रकारेण नकली शराब फैक्टरी या नकली शराब की खेप पकडती है, लेकिन छोटे प्यादे तक ही सीमित रहती है। नकली शराब बनाने और खपाने वाले मुख्य सरगना बच जाते है, यही कारण है कि नकली शराब राजस्थान—एमपी से गायब नहीं हो रही है। नकली शराब के सेवन से सैकडों लोगों की सेहत पर बुरा प्रभार पड रहा है। वहीं कई मामलों में तो कई लोगों की मौत जहरीली शराब के कारण हुई है। मध्यप्रदेश में जहरीली शराब बनाने और खपाने वाले शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के नीमच के ईमानदार पुलिस अधीक्षक सूरजकुमार वर्मा के निर्देशन में जीरन पुलिस ने 100 पेटी अवैध शराब की बडी खेप पकडी थी। यह खेप राजस्थान के मंडावरा से आई थी। इसकी पडताल में नकली शराब फैक्टरी का भंडाफोड हुआ, लेकिन अरनोद पुलिस द्वारा आरोपियों को बचाने का खेल खेला जा रहा है। बताया जा रहा है कि भागीरथ कुमावत जो कि फैक्टरी पकडाने से कुछ दिन पहले ही नकली शराब फैक्टरी के मामले में जेल से छूटा था, वह एनडीपीएस एक्ट के दो मामले में भी राजस्थान पुलिस से फरार है, वह आरोपी सुरेंद्रसिंह झाला का पाटर्नर है, न तो एनडीपीएस एक्ट के मामले में पुलिस उसे पकड पाई और न ही नकली शराब फैक्टरी के मामले में उसे आरोपी बनाया है। इसी प्रकार छोटा प्रकाश, कृष्णपाल निवासी डोराना, महेश कलाल निवासी काचरिया पिपलियामंडी को भी आरोपी नहीं बनाया है। इस मामले में राजस्थान अरनोद पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे हो रहे है।

नीमच पुलिस की सफलता, राजस्थान में घुसकर की थी सर्जिकल स्ट्राईक—
राजस्थान के अरनोद थाना क्षेत्र के मंडावरा में देशी—विदेशी नकली शराब बनाने का कारखाना लंबे समय से चल रहा था। जीरन में पकडाए आरोपी ने यह राज खोला। एसपी सूरजकुमार वर्मा के निर्देशन में स्पेशल टीम गठित हुई और राजस्थान में सर्जिकल स्ट्राईक को अंजाम दिया और नकली शराब फैक्टरी की जडों में मठठा डाला। अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि उक्त फैक्टरी में देशी के साथ—साथ नकली अंग्रेजी शराब बनाने का काम भी जोरो पर चलता था, जिसका सबसे बडा प्रमाण यह है कि आरओ वॉटर मशीन लगी हुई थी। महंगी अंग्रेजी शराब जैसे ब्लाईंडर, आरसी, आरएस व अन्य ब्रांड की नकली शराब बनाई जाती थी और आधी रेट में बेची जाती थी। आरोपी सुरेंद्रसिंह ने भी इस बात का कबूलनामा दिया था, पर अरनोद पुलिस ने मंथली के चक्कर में अंग्रेजी नकली शराब गोलमाल कर दी।

स्प्रीट और नकली शराब के बीते सालों के प्रकरण रीओपन किया जाए तो खुलेगी पोल—
नीमच, मंदसौर, प्रतापगढ क्षेत्र में बीते सालों के दौरान स्प्रीट और नकली शराब के कई प्रकरण बने है, इन प्रकरणों को नए सिरे से खोला जाए तो मुख्य सरगनाओं को चंद रूपए के खातिर किस तरह छोडा गया, किन—किन लोगों से कितने रूपए लिए गए, मौके से पकडाए प्यादों की कॉल डिटेल्स निकाली जाए तो गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पोल आसानी से खुल सकती है।
प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी सुरेंद्रसिंह को लाएगी पुलिस पुलिस, तब उगलेंगे कई राज—
राजस्थान अरनोद पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण को कमाई का जरिया बना लिया है। इस प्रकरण की कडी जीरन थाने से जुडी हुई है। 100 पेटी अवैध शराब में पकडाए आरोपी कमलेश मीणा ने राज खोले थे कि मंडावरा से उक्त शराब लाया था। जीरन पुलिस ने आरोपी सुरेंद्रसिंह को आरोपी बनाया है। प्रोडक्शन वारंट के जरिए पुलिस आरोपी सुरेंद्रसिंह को जीरन लाएगी। पूछताछ में कई बडे खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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