बचो कोरोना ! हमारी माॅ आ गई हैं

कोरोना के लिए अब काल आने वाला है. इधर सरकार का टीका उत्सव समाप्त होगा उधर शक्ति स्वरूपा देवी माँ मोर्चा सम्हाल लेंगी.फिर पूरे महीने कोई न कोई कोरोना की ऐसी-तैसी करने के लिए आता-जाता रहेगालेकिन शर्त यही है कि आप पूरे मन से शृद्धाभाव से पूजा-पाठ में जुटे रहें .कोरोनाकाल पूजा-पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ अवसर है .
हमारे प्र्धानमनतरी जी ने आपदा को अवसर में बदलने का मंत्र हमने बहुत पहले ही दे दिया था. सोमवार को सोमवती अमावस्या के साथ हमें यानि हर भारतवासी को आपदा में अवसर के मूल मंत्र का जप शुरू करना चाहिए .13 अप्रैल को वर्ष प्रतिपदा है ही .उस दिन आप भारतीय नया साल मना लीजिये.घर में घट स्थापना कर लीजिये .आपको कोरोना के इलाज में काम आने वाला रेमडेसिवर इंजेक्शन मिले या न मिले लेकिन घट स्थापना के लिए मिटटी का घट जरूर खोज लेना चाहिए .
गुड़ी पड़वा के साथ ही आपके घर में बारी-बारी से 9 देवियां आपके ऊपर कृपा बरसाने के लिए उपस्थित हो सकती हैं,शर्त ये है कि आपको माँ के आव्हान का सही तरीका आता हो.आपका मन मेरी तरह कलुष से न भरा हो .माँ की आराधना के लिए आप किसी पंडित की सेवाएं ले सकते हैं.पंडित आपको इन दिनों डाक्टर के मुकाबले बहुत सस्ते में मिल सकते हैं .ये आपके ऊपर है की आप किस स्तर का पंडित अपने लिए खोज सकते हैं .जो पंडित जितना कर्म-कांडी होगा वो आपको आराधना उतनी बढ़िया कराने में मदद करेगा .
आप पूरे 9 दिन घर में दोनों वक्त माँ की आरती कीजिये,हवन कराइये फिर देखिये की कोरोना कैसे दम दबाकर भागता है.कोरोना को आपके घर से ही नहीं ,गली -मुहल्ले से ही नहीं अपितु मजरे -टोले ,गांव और शहर से तो क्या पूरे देश से दुम दबाकर भागना पडेगा .हमारे सेठ टीकाराम तो हर साल नौदुर्गा में भले ही एक पल के लिए पूजा-पाठ में शामिल न हो पाते हों लेकिन शहर का सबसे महंगा पंडित बुलाकर पूजा-पाठ जरूर करवाते हैं .यूं भी यदि पूजा का निमित्त पवित्र और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत है तो कामयाबी मिलना सौ फीसदी तय है .
अपने अनुभव से कहता हूँ कि यदि आप अप्रैल महीने में पूजा-पाठ का पूरा ध्यान रखें,अपने घरों से न निकलें तो न सरकार को लाकडाउन लगाने की जरूरत पड़ेगी और न टनों आक्सीजन और दवाओं की .डाक्टर और नर्स भी परेशानी से बचेंगे और टीका उत्सव मनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी .वैसे भी सरकार के पास टीका का स्टॉक कम पड़ रहा है.वो तो हमारी सरकार की छाती इतनी चौड़ी है की हम इस महा संकट से जूझ रहे हैं वरना और कोई देश होता तो कब के हाथ खड़ा कर चुका होता !
कोरोना को पता नहीं होगा की इधर 9 दिन बाद माँ जायेंगीं और उधर राम जी धनुष-बाण लिए प्रकट हो जायेंगे .उनका ‘बर्थडे’ पडेगा न 21 अप्रैल को .इस बार तो हमारे भक्तों ने लम्बी लड़ाई लड़ने और जीतने के बाद अयोध्या में राम जी का भव्य मंदिर बनाए जाने के लिए शिलान्यास का काम भी पूरा कर दिया है .इसलिए राम जी का पूरी ताकत के साथ कोरोना का संहार करना तय मानिये. राम जी आखिर राम जी हैं. जब वे दस सर वाले रावण की कपाल-क्रिया कर सकते हैं तो कोरोना आखिर कहाँ टिकेगा उनके तीक्ष्ण और कराल काल बाणों के सामने .
आप राम जी के बर्थडे समारोह की थकान उतार भी न पाएंगे की 27 अप्रैल को महाबली हनुमान जी का बर्थ दे आ जाएगा. राम जी अगर किसी तरह कोरोना बच भी गया तो महाबली हनुमान जी से तो उसका बचना नामुमकिन है .उस दिन बस आप मन लगाकर कम से एक बार तो हनुमान चालीसा पढ़ ही लीजिये .अगर मंहगाई से परेशान न हों तो बजरंगबली को एक चला भी चढ़ा देना ,आपके सारे संकट दूर न हो जाएँ तो कहना .इस बीच भगवान महावीर स्वामी भी आपकी मदद के लिए आएंगे.डॉ अम्बेडकर साहब भी जन्मदिन के बहाने आपके बीच आ सकते हैं,लेकिन शर्त यही है कि आप इन सबसे सियासत की बात भूलकर भी न करें लेना.
दरअसल सियासत वालों ने भगवान का इतना दुरूपयोग कर लिया है कि वे सियासत का नाम सुनते ही भड़क जाते हैं .बंगाल में तो लोगों ने हद ही कर दिया.भगवान को चुनावी रैलियों तक में शामिल होने को मजबूर कर दिया .भगवान तो ठहरे ही भक्त वत्सल ,,आग्रह के कच्चे सो चले गए चुपचाप .अब जनता जाने और सियासत वाले.भगवान ने तो कसम खा ली है की चाहे जो हो जाए लेकिन चुनावी रैलियों में तो तांडव करने नहीं जायेंगे .
तो चलिए आप अप्रैल महीने का इस्तेमाल मेरे बताये अनुसार कीजिये.25 तारीख को यदि आप चाहेंगे तो मै भी आपके बीच’ बर्थ डे’ मनाने हाजिर हो जाऊंगा .मई महीने में बात फिर करेंगे इस मुद्दे पर.आपको फ़िक्र करने की जरूरत नहीं है.अब प्रतिष्ठा न सरकार की दांव पर है और न परमावतार मोदी जी की.प्रतिष्ठा तो दांव पर लगेगी हमारे देवी-देवताओं की .मुझे मालूम है की बहुत से लोग मेरी सलाह पढ़कर बमकेंगे ,लाल-पीले होंगे लेकिन मै जो कहता हूँ पूरे निर्मल मन से कहता हूँ.रोज कहता हूँ. मेरी दीवार इसका प्रमाण है .जय श्री राम

Leave a Reply