कोरोना की दूसरी लहर के बीच क्या फिर बंद हो रही है ट्रेने, जानें रेलवे का बयान

दुनिया भर में कोरोना का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, अब रोजाना आंकड़े 2 लाख की संख्या पार कर रहे हैं।

कोरोना के बढ़ती रफ्तार को देखते हुए राज्य सरकारों ने पाबंदियां बढ़ना शुरू कर दी है। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। कुछ शहरों में पूर्ण लॉकडाउन तो कुछ में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है। प्रवासी लोग पूर्ण लॉकडाउन के डर से वापस घर जाने लगें हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश में भारतीय रेल (Indian Railway) के बंद होने का सिलसिला फिर से शुरू हो सकता है?

आइए जानते हैं इस प्रश्न पर रेलवे का जवाब…

भारतीय रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में लागू लाॅकडाउन के बावजूद किसी राज्य ने अपने यहां से गुजरने वाली ट्रेनों को रद करने का आग्रह नहीं किया है। इसलिए मौजूदा समय में ट्रेन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इसके अलावा समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। लोगों को यह भी स्पष्ट किया जाता है कि लंबी दूरी की घोषित नियमित एवं स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगीं।

इन सभी स्पेशल ट्रेनों में कोविड-19 के नियमों व मानदंडों के पालन हेतु केवल कन्फर्म टिकट धारक यात्रियों को ही ट्रेन में बोर्डिंग की अनुमति है। यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत वाली खबर है। इसके साथ ही शर्मा ने बताया कि रेलवे (Railway) स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या सामान्य देखी गई। जरूरत के अनुसार ट्रेनों की संख्या बढ़ाएंगे। यात्रियों की बड़ी संख्या होने की वजह से कोरोना वायरस से संक्रमित न होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट नहीं मांगी जा सकती है।

90 मिनट पहले पहुंचे स्टेशन

भारतीय रेलवे ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोगों से अनुरोध है कि वे पैनिक न करें और स्टेशनों की ओर भीड न करें, केवल 90 मिनट पहले ही स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट के दाम भी बढ़ा दिए हैं। और कुछ जगहों पर प्लेटफार्म टिकट पर ही रोक लगा दी गई है।

शर्मा ने बताया कि आईआरसीटीसी की टिकट बुक करने वाली वेबसाइट पर दिए गए प्रोटोकॉल का सभी राज्य पालन कर रहे हैं। वेबसाइट पर बताया जा रहा है कि यात्री को किन क्षेत्रों में जाने से पहले आरटी-पीसीआर जांच करवाने या कोविड-19 नेगेटिव प्रमाणपत्र लेने की जरूरत है, या फिर कहां पहुंचने पर उन्हें जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।

Indian Railways के पास 4000 आइसोलेशन कोच

कोविड केयर सेंटर के रूप में इस्तेमाल होने वाले रेल कोचेज के बारे में शर्मा ने बताया कि देश में अलग-अलग जगहों पर हमारे पास 4,000 आइसोलेशन कोच हैं। हमें महाराष्ट्र के नांदरबार से 100 से ज्यादा बोगियों की मांग आई है और 20 आइसोलेशन कोच मुहैया कराए गए हैं। रेलवे मुंबई, गुजरात, कर्नाटक और जहां भी मांग ज्यादा है, वहां सभी स्टेशनों पर करीब से नजर रखे हुए है और जोनल महाप्रबंधकों को अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का अधिकार दिया गया है।

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