शासन आदेशों की धज्जियां उड़ रही अधिकारी हो गए गुलाम आमजन की सुनवाई नहीं अब किसको करे सलाम

निप्र करण नीमा
आज से covid-19 की गाइडलाइन का नियम लगता है पूरी तरह समाप्त
ऐसा देखा जा रहा है मंदसौर जिले की भावगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जवासिया में
जहां पर गुलाब चंद जी पाटीदार का स्वर्गवास होने पर उन्हें पूरे गांव बाहरी क्षेत्र से आने वाले मेहमानों एवं पूरी समाज को निमंत्रण देकर ग्राम जवासिया की कुमावतो की धर्मशाला में दिनांक 12 और 13 का उनके पुत्र गोवर्धन लाल राम निवास रमेश पोता विनोद एवम परिजनों द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन को तोड़ते हुए हजारों की तादाद में 12वीं 13वीं का बड़ा भोजन आयोजन किया और कर रहे हैं इस संबंध में संबंधित थाना प्रभारी एवं मंदसौर एसडीएम पुलिस कंट्रोल रूम एवं क्षेत्रीय थाने एवं शासन के पदस्थ व्यक्तियों को भी आयोजन शुरू ना होने के पूर्व एवं शुरुआत के बाद भी अवगत कराया गया लेकिन अब तक बेबस और मजबूर नजर आने का इस ओर इशारा करता है की सिर्फ कागजी खानापूर्ति में कोबिट गाइड लाइन है बाकी आम जनता पर इसका कोई प्रभाव नहीं हो सकता है
अभी-अभी कुछ समय पूर्व हमको covid-19 महामारी की चेन तोड़ने में काफी समय लग गया जिसका हमें अच्छा खासा खामियाजा भी भुगतना पड़ा लेकिन कोबिट गाइड लाइन के नियमों को तोड़ने में ज्यादा समय नहीं लगा यह देखने को मिला है मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के भानगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जवासिया के लोगों में
ऐसे शासन एवं प्रशासन के संबंधित व्यक्तियों को आमजन का कोटि-कोटि दंडवत प्रणाम
हमारे मध्य प्रदेश की बहुत बड़ी विडंबना है
की यहां जो कानून बनाता है वह लागू नहीं करता है
और जो लागू करता है उस पर लागू नहीं होता है
और जिस पर लागू होता है वह कानून को जानता ही नहीं
और जो जानता है वह इस को मानता ही नहीं सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है की प्रशासन अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रहते हुए शासन के आदेशों का पालन करने पर अतुल है पर शासन मैं कुछ भ्रष्ट सत्ताधारी जनता के बीच पक्षपात कर दो नजर से देख रही है और यही ईमानदारी से काम करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई में टांग अड़ाते है
इसी कारण प्रशासनिक अधिकारियों के हौसले बुलंद होते हैं जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है और सही काम करने की भी कीमत चुकानी पड़ती है
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