15 किसानों से व्यापारी ने 73 लाख की ठगी की

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

नसरुल्लागंज । खातेगांव के अनाज व्यापारी द्वारा क्षेत्र के 15 किसानों के घर-घर जाकर सोयाबीन, चना, मूंग की खरीदी कर उन्हें फर्जी चेक थमा दिए गए। इसके बाद व्यापारी रफू चक्कर हो गया। क्षेत्र के 15 किसानों को इसमें 73 लाख 32 हजार 100 रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। इस मामले में किसानों द्वारा मंगलवार को एसडीएम न्यायालय व थाने में आवेदन देकर गुहार लगाई गई है।जानकारी के मुताबिक उक्त व्यापारी द्वारा नसरुल्लागंज के अलावा देवास, हरदा व होशंगाबाद जिले में भी इस तरह की फर्जीवाड़ा कर किसानों को करोड़ो रुपए का चूना लगाया गया है। मंगलवार को क्षेत्र के गांव निम्नागांव, रिछाडिय़ा कदीम, डोभा, बडगर, पांडागांव व गुलरपुरा के 15 किसानों ने एसडीएम डीएस तोमर व एसडीओपी प्रकाश मिश्रा को आवेदन देकर बताया कि नवंबर माह में खातेगांव कृषि उपज मंडी के खोजा ट्रेडर्स के व्यापारी सुरेश व पवन खोजा द्वारा गांव में आकर सोयाबीन, मूंग व डालर चने की खरीदारी की गई। इस दौरान व्यापारी ने गांव में आकर अपने ट्रेडिंग का लायसेंस दिखाया और लगभग 1077 क्विंटल उपज जिसकी कुल कीमत 73 लाख 32 हजार 100 रुपए की खरीदारी की गई। व्यापारी ने हमें आश्वासन दिया था कि दो दिन के अंदर आपके खाते में उपज का राशि आरटीजीएस के माध्यम से पहुंच जाएगी, लेकिन जब हमारे खातों में महीना बीतने के बाद भी राशि नहीं पहुंची तो हमने व्यापारी से मोबाइल से सम्पर्क किया। इस दौरान व्यापारी ने अलग-अलग तरीखों के चेक बनाकर हमें दे दिए। जब हमारे द्वारा भुगतान के लिए बैंक से चेक क्लीयर कराने डाले तो बैंककर्मी द्वारा बताया गया कि संबंधित फर्म में इतनी राशि ही मौजूद नहीं हैं। इसके बाद हमनें व्यापारी को तलाशना चाहा तो वह खातेगांव से फरार हो चुका था। ऊंचे दाम का प्रलोभन देकर खरीदी उपज
इस संबंध में किसानों ने बताया कि सुरेश व पवन खोजा ने हमसे मूंग 6000 से 8000 सोयाबीन 3500 से 3800, डालर चना 6600 से 7000 रुपए प्रति क्विंटल के दाम बताकर खरीदी की गई। अच्छे भाव और दो दिनों में ही पैसो का भुगतान किए जाने की बात कहकर हमसे ठगी की गई। व्यापारी के द्वारा बार.बार हमें जल्द ही खाते में भुगतान डालने का आश्वासन दिया गया, लेकिन महीना बीतने के बाद भी जब राशि नहीं पहुंची तो हमने उससे संपर्क करना चाहा, लेकिन वह न तो कृषि उपज मंडी में मिला और न ही खातेगांव तहसील के गांव रेहटी में अब देखना है प्रशासन कोई कार्यवाही करता या नही । या फिर किसानों के साथ ऐसे ही धोखाधड़ी होती रहेगी ।

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