दुग्ध समितियां परिवार की तरह, अच्छे प्रदर्शन पर तीन सोसायटी होंगी पुरस्कृत

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर आष्टा । भोपाल दुग्ध संघ के हमारे प्लांट की जो क्षमता है, वो प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध की है। हमने गर्मी को देखते हुए 4 लाख 30 हजार लीटर लक्ष्य रखा, लेकिन गर्मी के शुरुआती चरणों में धीरे-धीरे दुग्ध संग्रहण कम न हो, जो लक्ष्य तय किया है उसकी निरंतरता बनी रहे इसको लेकर आज हमने आष्टा अनुविभाग की सभी दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों से सीधा संवाद कर कहा की गर्मी में हमारी संस्थाओं में दुग्ध संग्रहण कम न हो इसको लेकर सभी ने 30 फीसद लक्ष्य बढ़ाने का संकल्प लिया है। सीधा संवाद कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अजय गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ हर्ष सिंह सहित पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग ग्रामीण विकास विभाग आदि के भी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर कवींद्र कियावत ने कहा कि आने वाली गर्मी में दुग्ध की निरंतरता, दुग्ध का संग्रहण बना रहे। इस सहकारी आंदोलन से सहकारिता एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के सभी सदस्यों को जोड़े रखना लक्ष्य है। निश्चित रूप से जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी सहकारी समितियों में दुग्ध की आवक में गिरावट आएगी। आवक घटे नहीं, जितना अभी समितियों में दूध की आवक है वो बनी रहे, उसमे और कैसे वृद्धि हो को लेकर यह सीधा संवाद हुआ। इन सभी दुग्ध समितियों के अध्यक्ष और सचिवों को प्रेरित किया गया है कि वे इसे एक सहकारी आंदोलन माने ओर इससे निरंतर लक्ष्य पाने के लिए जुड़े रहे। गर्मी में भी दुग्ध संग्रह का लक्ष्य बना इसके लिए सभी ने एक स्वर में 30 फीसद का लाभ बढ़ाने का निर्णय लिया है। समितियों में कैसे दुग्ध की आवक घटे नहीं, पशुओं की उचित देखभाल हो। कोई बीमारी इनमें लगती है तो उसका समय पर उपचार हो। यह सब आप सुनिश्चित करे।

20 हजार रुपये की राशि देंगे

कमिश्नर कवींद्र कियावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सब अपने दुग्ध संघ को अपना परिवार मानते हैं। यह हमारा परिवार है और जब इसे हम अपना परिवार मानते हैं तो कुछ कमियां भी अपने परिवार में नजर आती हैं। हम सब मिलकर उन कमियों को भी दूर करने के प्रयास करेंगे।कमिश्नर ने अपने उद्बोधन में घोषणा की कि जो भी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति 3 माह अप्रैल, मई, जून के अंदर अच्छा प्रदर्शन करेगी उन तीनों सोसायटियों को पुरस्कृत किया जाएगा तथा उन्हें 20 हजार की राशि प्रदान की जाएगी, ताकि वह अपनी संस्थाओं में आवश्यकता अनुसार सामग्री का क्रय कर सके।

Leave a Reply