आशा, सहयोगिनी श्रमिक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट 8871288482

आशा को 10 हजार एवं आशा पर्यवेक्षक को 15 वेतन दिये जाने के आदेश जारी करने की मांग की

सीहोर । आशा/आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ की जिलाध्यक्ष श्रीमति चिंता चौहान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर रवि वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी एवं सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कहा गया कि आशा ऊषा एवं पर्यवेक्षक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ता हैं , जिन पर न केवल इन दोनों विभाग को बल्कि आशा एवं पर्यवेक्षकों पर राज्य एवं केन्द्र सरकार को भी पूरा पूरा भरोसा एवं नाज भी है । स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिये विभागीय अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अनेकों आशाओं को प्रमाण पत्र देकर बार बार सम्मान किया गया है । लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आशा एवं पर्यवेक्षकों का 2000 रुपये के अल्प वेतन देकर आशाओं का अमानवीय शोषण जारी रखे हुये है , बल्कि इस भीष्ण महंगाई में , बेहद अल्प वेतन में उन्हें अपनी जिन्दगी और परिवार चलाने के लिये विवश किया जा रहा है । अधिकांश राज्य सरकारें स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा एवं पर्यवेक्षकों के योगदान को ध्यान में रखते हुये अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन देकर उन्हें राहत पहुंचा रही हैं , लेकिन मध्य प्रदेश सरकार आशाओं को अपनी ओर से कुछ भी नही दे रही है । अपने परिवार की जिम्मेदारियों को दरकिनार कर आम जनता की बेहतर स्वास्थ्य के लिये स्वास्थ्य मिशन , स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार द्वारा तय लक्ष्य को पूरा करने के लिये वे दिन रात काम कर रही हैं , लेकिन न्यायपूर्ण वेतन दिये जाने की आशाओं एवं पर्यवेक्षकों की मांगों के प्रति प्रदेश सरकार आंखें मूंदकर बैठी हुयी है । इन महिला कर्मियों के प्रति सरकार का रवैया बेहद अन्यायपूर्ण है । उल्लेखनीय है कि प्रदेश की आशा एवं पर्यवेक्षकों ने स्वयं एवं स्थानीय प्रशासन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को सैकड़ों बार ज्ञापन देकर न्यायपूर्ण वेतन देकर आशा एवं पर्यवेक्षकों के साथ न्याय किये जाने की मांग की है । माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सहित सभी मंत्रियों एवं जन प्रतिनिधिों ने आशाओं के काम की तारीफ करते हुये वेतन वृद्धि की मांग को न्यायपूर्ण मानते हुये शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया , लेकिन इस सम्बन्ध में संतोषजनक एवं न्यायपूर्ण कार्यवाही अभी तक नही होना खेदजनक है । उल्लेखनीय है कि 24 जून 2021 को मिशन संचालक , राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आशा को 10,000 रुपये एवं सहयोगियों को 15,000 रुपये का निश्चित राशि वेतन के रूप में दिये जाने हेतु राज्य सरकार को प्रस्ताव देने का निर्णय दिये जाने के बाद 5 जुलाई 2021 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय द्वारा मुख्यमंत्री की ओर से वेतन वृद्धि के सम्बन्ध में जल्दी ही खुशखबरी सुनने को मिलने का आश्वासन दिया था , लेकिन अब तक कुछ नही मिला । मध्य प्रदेश में आशाओं का निशिचत वेतन केवल और केवल 2000 रुपये ( केन्द्र द्वारा देय ) है । प्रदेश की आशाओं की मांग अन्य राज्यों की तरह , आन्ध्र प्रदेश , केरल , हरियाणा सहित अन्य राज्यों एवं प्रदेश में आंगनवाडी कर्मियों की तरह निश्चित वेतन और उसमें वृद्धि की है । यह कि प्रदेश की आशा एवं पर्यवेक्षकों का दिसम्बर माह का प्रोत्साहन राशि का भुगतान बकाया है और जहां किया है वह भी आधा अधूरा भुगतान किया गया है । कुछ जिलों में अक्टूबर महीने से भुगतान बकाया है । कोविड वैक्सीनेशन राशि का भुगतान भी अधिकांश जिलों में नहीं हुआ है , जहां हुआ है वहां भी आंशिक भुगतान किया गया है । अल्प वेतन पाने वाले आशा एवं पर्यवेक्षकों की राशियों का इस तरह महीनों से भुगतान न होना बेहद चिंताजनक है । इस परिस्थिति में आज 3 फरवरी 2022 को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर आयोजित प्रदर्शन के माध्यम से आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश माननीय मुख्यमंत्री जी से पुन: यह मांग करता है कि निम्न मांगों का निराकरण करते हुये प्रदेश की आशा एवं पर्यवेक्षकों के साथ न्याय किया जाये : ( 1 ) मिशन संचालक द्वारा 24 जून 2021 को आशा को 10,000 रु एवं सहयोगियों को 15,000 रुपये वेतन दिये जाने के सम्बन्ध में राज्य सरकार को दिये गये प्रस्ताव के आधार पर वेतन / निश्चित प्रोत्साहन राशि के रूप में वेतन वृद्धि कर तत्काल आदेश जारी किया जावे । ( 2 ) आशा एवं पर्यवेक्षकों द्वारा अप्रैल 2021 से किये गये कोविड 19 वैक्सीनेशन की सभी वास्तविक ड्यूटियों की गणना कर , सभी वैक्सीनेशन ड्यूटियों का पूरा भुगतान तुरन्त कराया जावे । आशा एवं पर्यवेक्षकों का प्रोत्साहन राशि का प्रत्येक माह का प्रथम सप्ताह में भुगतान किया जावे । आशा एवं पर्यवेक्षकों का प्रोत्साहन राशि , निश्चित प्रोत्सहन राशि , कोविड वैक्सीनेशन राशि सहित सभी बकाया राशियों का भुगतान किया जावे ।) आशाओं के प्रोत्साहन राशि में अनुचित कटौती को रोका जाये । प्रोत्साहन राशि में से अनुचित ढंग से काटी गयी राशि का भुगतान कराया जाये । शहरी एवं ग्रामीण आशाओं के प्रोत्साहन राशि में मौजूद असमानता को समाप्त किया जावे । 21 दिसम्बर 2021 को जारी आदेश द्वारा शहरी एवं ग्रामीण आशाओं को समान रूप से प्रोत्साहन राशि में वृद्धि का आदेश लागू करते हुये शहरी आशाओं के प्रोत्सहन राशि का भुगतान कराया जावे । इस अवसर पर उपस्थित आशा/आशा पर्यक्षकों में प्रमुख रुप से श्रीमति चिंता चौहान, भूरी बी, भूरी मालवीय, सीमा बिसोपिया, गायत्री मालवीय, मानकुँवर मालवीय, निशा व्यास, पुष्पा सेन, रानी राठौर, मधु जायसवाल, सीता परमार, ममता पाटीदार, सीमा सौलंकी, हेमलता पटेल, रीना मेवाड़ा, फिरदोश बी, जयप्रदा, बविता राठौर, राजदुलारी जाटव आदि उपस्थित रहे।

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