Shahdol: ऑनलाइन खरीदारी में हैकर्स व क्रेकर्स चोरी कर रहे है आपका डेटा

Sulekha kushwaha shahdol

डिजिटल के आसान प्लेटफार्म में बढ़ रही है मुश्किलें, जरा सी चूक में खातों से निकल रही मोटी रकम
असावधानी से लीक हो जाती है हमारी पर्सनल जानकारियां और हो जाते हैं ऑनलाइन ठगी के शिकार

शहडोल. आधुनिक संचार युग में इंटरनेट के जरिए जिस प्रकार से डिजिटल प्लेटफार्म की राह को आसान किया गया है, उसकी ठीक विपरीत लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है, क्योंकि पिछले चार वर्षों से ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। फेशबुक, अवांच्दित मेल, और नेटबैंकिंग के जरिए लोग ठगे जा रहे हैं। लोगों की जरा सी असावधानी से मेहनत की गाढ़ी कमाई गायब हो रही है। इसके बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे है। एनराइड मोबाइल कम्पयूटर में नेट वर्किंग का जिस लापरवाही से प्रयोग हो रहा है। उसका पूरा फायदा हैकर्स व क्रेकर्स उठा रहे हैं। इस संबंध में पत्रिका ने कई जानकारों से चर्चा की। चर्चा से यही बात सामने आई कि यदि हम ऑनलाइन व मोबाइल यूज करने में सतर्क रहे तो ठगी से बचे रह सकते हैं।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से घबराते हैं लोग
जानकारों की माने तो ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए समझदार लोग तो अब ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने में लोग घबराने लगे हैं और अधिकांश लोगों ने तो इससे दूरी बनाना शुरू कर दिया है। डिजिटल सुविधा से दूरी बना रहे लोग ऑफ लाइन ट्रांजेक्शन करना पसंद कर रहे हैं। बैेंक में खाता खुलवा रहे लोग ऑनलाइन लेनदेन के बजाय सिर्फ मैसेज की सुविधा चाहते हैं, मगर ऐसे लोगो की संख्या बहुत कम है।
फेशबुक हैककर दस हजार की ठगी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सोमवार को पुरानी बस्ती निवासी राजेश गुप्ता अपनी शिकायत लेकर पहुंचा। उसने बताया कि दो दिन पहले किसी ने उनके फेशबुक को हैक करके संबंधितों से रुपयों की मांग की। जिससे वेदप्रकाश श्रीवास्तव ने मित्र को संकट में समझकर दस हजार रुपए संबंधित खाते में जमा कर दिए। बाद में पता चला कि वह ठगी के शिकार हो गए है।

ऐसे हो रहे है लोग ठगी के शिकार
-जिले में प्रतिदिन पांच से दस और प्रतिमाह 40 से 50 लोग हो रहे हैं ऑनलाइन ठगी के शिकार।
-फेशबुक को हैक करके रिश्तेदार बन कर रुपया ऐंठने के मामले।
-बैंक के अधिकारी बनकर खाता संबंधित जानकारी लेकर रुपया निकालने के मामले।
-सचिव बनकर किसानों के खातों से फसल की जमा राशि को आहरित करने के मामले।

एक्सपर्ट ने दी सावधान रहने की सलाह
-मोबाइल फ ोन का पासवर्ड चेंज करते रहें।
-वाट्सएप और फेसबुक पर आने वाली अननोन लिंक, फाइल, म्यूजिक और वीडियो को ओपन न करें।
-जरूरी पासवर्ड को मोबाइल में सेव न करें, क्योंकि ट्रू कॉलर में यह नम्बर्स सेव की हुई नजर आती है।
-कम्प्यूटर पर माइक्रोसॉप्ट बिट लॉकर और फोल्डर लॉक जैसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।
-किसी भी एप का इस्तेमाल बेहद जरूरी होने और रेटिंग के अनुसार ही करें।
-आपत्तिजनक फोटो क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह गूगल पर सेव हो सकती है।
झारखंड से जुड़े है लोगो के तार
ऑनलाइन ठगी करने वालों के तार झारखंड से जुड़े हुए है। पश्चिम बंगाल और बिहार की सीमा से लगे इस प्रदेश के बेमतरा, देवगढ़ और करमाटांड के लोग अक्सर पूरे देश में ऑनलाइन ठगी करते हैंं। इससे बचने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है। वह मोबाइल पर अपनी कोई भी जानकारी शेयर न करें।
स्वतंत्र ङ्क्षसह, साइबर सेल प्रभारी, शहडोल

वनाक्राई व रैन सम्वेयर है खतरनाक वायरस
वनाक्राई व रैन सम्वेयर वायरस सबसे ज्यादा खतरनाक है। जो विभिन्न अज्ञात लिंक के माध्यम से लोगों के कम्प्यूटर व मोबाइल में प्रवेश कर जाते हैं और संबंधित मोबाइल व कम्प्यूटर की सभी जानकारियों को हासिल कर लोगों से विट क्वाइन की मांग कर उनको ठगी का शिकार बनाते हैं।
सत्यप्रकाश मिश्रा, साइबर सेल, शहडोल

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