उद्यानिकी कृषकों के सुझाव पर बनेगी विभाग की कार्य-योजना

उद्यानिकी विभाग की वर्ष 2022-23 की कार्य-योजना उद्यानिकी कृषकों के सुझाव पर बनाई जाएगी। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह ने मंत्रालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्री जे.एन. कंसोटिया, उद्यानिकी आयुक्त श्री ई. रमेश कुमार और एम.डी.एम.पी. एग्रो श्री राजीव कुमार जैन उपस्थित थे।

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि वे स्वयं उद्यानिकी कृषकों से संभागवार बैठक कर सुझाव लेंगे। संभागीय बैठकों में प्रत्येक जिले से 20 से 40 कृषकों को आमंत्रित किया जाएगा। कृषकों से चर्चा कर उद्यानिकी विभाग में प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर सुझाव लिए जाएंगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी वर्ष की विभागीय कार्य-योजना बनाई जाएगी।

प्रत्येक जिले में होगा माली प्रशिक्षण केन्द्र

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि जिला स्तर पर माली प्रशिक्षण केन्द्र बनाये जायेंगे। प्रत्येक जिले में एक नर्सरी को माली प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार इच्छुक युवाओं और व्यक्तियों को माली कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो 3 माह की अवधि का होगा।

नर्सरियों को अतिक्रमण मुक्त रखें

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि कुछ जिलों की नर्सरी क्षेत्र में अतिक्रमण होने की जानकारी उनके ध्यान में आई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग की नर्सरियों को अतिक्रमण मुक्त रखें। जिन नर्सरी क्षेत्र पर अतिक्रमण है, उसे एक सप्ताह में हटवाना सुनिश्चित करें। राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने प्रदेश के संतरा, प्याज, लहसुन आदि अन्य उद्यानिकी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

 

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