अवैध कालोनी नाइजर के सामने पुलिस प्रशासक ओर अधिकारी हुए मुखदर्षक

लक्ष्मीनारायण पवार धार जिला ब्यूरो चीफ

साल 2013 में आदिवासी समाज की महिला रामकली बाई ने अपने पति जो आर्मी में नोकरी करते थे उनके रिटायर्ड की जमा पूंजी से अपने परिवार के लिए आशीष मिश्रा से एक 1600 sq फिट का प्लाट खरीदा था जिसके पेटे rs 744000 रुपये कालोनी नायजर को दिए और रजिस्ट्री के rs 80000 रुपये दिए

जिसके बाद कालोनी नायजर दुवारा इंदौर कलेक्टर ऑफिस के रजिस्ट्रार कार्यलय में बकायदा रजिस्ट्री के लिए बुलाया और रजिस्ट्री भी कर दी

मगर रजिस्ट्री में पूर्ण दस्तावेज नही लगाए जिसके चलते रजिस्टार ने कई महीनों इंतजार करने के बाद रजिस्ट्री शून्य कर दी जिसकी जानकारी रामकली बाई को कई महीनों बाद पता चला वो भी बार बार कालोनी नायजर के ऑफिस के चक्कर लगा लगा कर थक गई फिर वो वकील साहब के पास पहुची तब जा कर सही बात की जानकारी मिली

जब से लेकर अब तक बेचारी आदिवासी गरीब महिला कालोनी नायजर ओर आला अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर लगा रही है उसकी कोई सुनने वाला नही है

तब जाकर उस परिवार को किसी ने भीम सेना के संयोजक संजय सोलंकी के बारे में बताया पीड़ित परिवार उनसे मिला और पूरी घटना की जानकारी बताई तब उन्होंने तुरंत आला अधिकारियों से पीड़ित परिवार को मिलाया ओर पूरी घटना की जानकारी दी

आला अधिकारियों ने तुरंत घटना को संज्ञान में लेकर महू किशनगंज टी आई को फोन कर जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा और फरियादी को न्याय दिलाने का कहा

अब देखते है इस न्याय की लड़ाई में किशनगंज पुलिस कितनी अपने कर्तव्य पर खरी उतरती है कि नही

अगर जल्द से जल्द इस परिवार को न्याय नही मिला तो भीम सेना उग्र आंदोलन करेगी

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