भारत वैश्विक डिजिटल क्रांति में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार : वर्ल्ड समिट ऑफ इनफॉर्मेशन सोसाइटी ( डब्ल्यूएसआईएस ) 2022 में श्री देवुसिंह चौहान

श्री देवुसिंह चौहान ने आईटीयू के महासचिव श्री हाओलिन झोउ के साथ द्विपक्षीय बैठक की

केंद्रीय संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान ने 30 मई से 3 जून 2022 तक इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियंस ( आईटीयू ) द्वारा अपने जेनेवा स्थित मुख्यालय में आयोजित किए जा रहे वर्ल्डसमिट ऑफ इनफॉर्मेशन सोसाइटी ( डब्ल्यूएसआईएस ) 2022 के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। यह चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत है जहां भारत बहुपक्षीय तथा द्विपक्षीय बैठकों के दौरान अपने दूरसंचार कौशल का प्रदर्शन करेगा।

कार्यक्रम के दौरान समावेशी विकास पर भारत के फोकस की चर्चा करते हुए श्री देवुसिंह चौहान ने कहा कि डिजिटल समावेशन वित्तीय समावेशन तथा समावेशी आर्थिक विकास के केंद्र में है। सरकार इस प्रयत्न में भरोसेमंद आईसीटी अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए सचेत और निरंतर प्रयास कर रही है। छह लाख से अधिक गांवों को ऑप्टिकल फाइबर केबल के साथ जोड़ा जा रहा है जिसमें से लगभग 175,000 पहले से कनेक्ट किए जा चुके हैं। 4जी कनेक्टिविटी से छूट गए गांवों को यूनवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड ( यूएसओएफ ) के माध्यम से कवर किया जा रहा है।

श्री देवुसिंह चौहान ने यह भी कहा, ‘‘ पहाड़ी तथा पर्वतीय दुर्गम क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए, हमारा फोकस उन प्रौद्योगिकीयों, जैसे ई बैंड वायरलेस कैरियरों, एलईओ तथा एमईओ सैटेलाइट कनेक्टिविटी आदि के उपयोग पर है जो विकास में तेजी ला सकती हैं तथा इस अंतर को पाट सकती हैं। ‘‘ उन्होंने कहा कि हमने एलईओ / एमईओ कनेक्टिविटी के लिए फस्र्ट सर्विस लाइसेंस जारी कर दिया है और हमें उम्मीद है कि सुदूर क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन में सक्षम बनाने के लिए हम प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सकेंगे।

डिजिटल विभाजन को पाटने में नई प्रौद्योगिकीयों की भूमिका की विस्तार से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किफायती ब्रौडबैंड पहुंच डिजिटल समावेशन का सार है। 5जी टेस्ट बेड, स्वदेशी 4जी तथा 5जी स्टैक का विकास करना, भारतीय 5जी मानकों का विकास तथा 6जी नवोन्मेषण फोरम की स्थापना करने की पहल लागत में कमी लाने, ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित 5जी विस्तार को सुगम बनाने तथा विशिष्ट वेंडर पर निर्भरता खत्म करने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बड़ी ग्रामीण जनसंख्या तथा सुदूर क्षेत्रों के साथ एक विशाल देश है। भारत के मानक विकास संगठन -भारत दूरसंचार विकास मानदंड सोसाइटी ने आईआईटी के साथ मिल कर एक नए वेवफॉर्म का उपयोग करने के माध्यम से लो मोबिलिटी लार्ज कवरेज स्टैंडर्ड ( जिसे पहले 5जीआई कहा जाता था ) का विकास किया है जो 5जी टावरों को ग्रामीण तथा सुदूर क्षेत्रों में व्यापक क्षेत्रों को कवर करने में सक्षम बनाता है। ये मानक पहले 5जी मानक में थे, जिन्हें आईटीयू द्वारा मंजूरी दी गई है और ये वैश्विक रूप से समन्वित 3जीपीपी रिलीज 17 मानकों का हिस्सा बन गए हैं। ये समान भौगोलिक विस्तार वाले देशों के लिए अत्यधिक सहायक होंगे। भारत वैश्विक डिजिटल क्रांति में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

श्री देवुसिंह चौहान ने आईटीयू के महासचिव श्री हाओलिन झोउ के साथ द्विपक्षीय बैठक की। श्री चौहान ने उन्हें दूरसंचार, 5जी प्रौद्योगिकी, आत्म निर्भर भारत, कस्टमाइज्ड 5जी स्टैंडर्ड तथा सभी 600,000 गांवों तक फाइबर और मोबाइल संचार ले जाने की योजना के बारे में जानकारी दी। श्री चौहान ने उन्हें भारत में आईटीयू एरिया कार्यालय खोलने पर धन्यवाद दिया। श्री हाओलिन झोउ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आईसीटी पहलों के लिए बहुत सराहना की। उन्होंने उन्हें समस्त विश्व के लिए अनुकरणीय करार दिया।

यह सहभागिता उस समय आई है जब भारत 2023-2026 के लिए आईटीयू परिषद के लिए फिर से चुनाव लड़ रहा है। भारत आईटीयू का 1869 से सदस्य रहा है और नियमित रूप से यूनियन के कार्यों तथा कार्यकलापों में सक्रियतापूर्वक भाग लेता रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचार क्षेत्र के डिजिटल इंडिया, भारतनेट-छह लाख गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर को ले जाना, राष्ट्रीय ब्रौडबैंड मिशन, हाई-स्पीड इंटरनेट सुनिश्चित करना जैसी विविध नीतियों तथा योजनाओं  के साथ असाधारण प्रगति हासिल की है। भारत एक डिजिटल रूप से सशक्त तथा ज्ञान अर्थव्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। भारत ने डिजिटल स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय अनुवाद, ई-गवर्नेंस आदि कार्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति अर्जित की है।

हाल ही में, एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ( ट्राई ) के रजत जयंती समारोह में स्टार्टअप्स के लिए 5जी टेस्ट बेड लांच किया। केंद्रीय संचार, रेल तथा इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी मद्रास में 5जी टेस्ट बेड का दौरा किया तथा स्वदेशी रूप से विकसित नेटवर्क पर 5जी कॉल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

श्री देवुसिंह चौहान ने बताया कि पहले भारतीय कंपनियों को मोबाइल नेटवर्क उपयोग के मामलों के परीक्षण के लिए विदेश जाना पड़ता था क्योंकि जब देश में परीक्षण सुविधाएं नहीं थीं। लेकिन अब, स्वदेशी प्रौद्योगिकीयों के कारण वे नई प्रौद्योगिकी को त्वरित रूप से तथा निम्न लागत पर विकसित करने में सक्षम हो गई हैं

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