129 पार्षद चुनेंगे जिले के 6 निकायों में अध्यक्ष

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संवाददाता सुरेश मालवीय 8871288482

विदिशा । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले की 6 निकायों में अध्यक्ष का चुनाव 129 पार्षद करेंगे। ये पहली बार होगा जब निकाय अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष न होकर पार्षदों द्वारा चुनकर होगा। निकाय और पंचायत चुनाव बिना ओबीसी(पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के होंगे, इसको लेकर जहां प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गईं हैं तो वहीं राजनैतिक दल अभी उलझन में ही हैं। हालांकि कांग्रेस ने अपनी तरफ से 27 फीसद टिकिट ओबीसी वर्ग को देने का फैसला किया है तो वहीं भाजपा कोर्ट में पुनविर्चार याचिका लगाने की बात कह रही है, ताकि चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही हों। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिले में पंचायत व निकाय चुनावों की तारीख आने का इंतजार है। निकाय चुनावों के लिए विदिशा, सिरोंज, बासौदा, लटेरी, कुरवाई और शमशाबाद में मतदाता सूची और मतदन केंद्रों की तैयारियां हो गई हैं। नगरीय निकायों में आरक्षण की प्रक्रिया 2020 में हुई थी, सभी निकायों में कुल 2 लाख 58 हजार 139 मतदाता हैं। जिनमें 129 पार्षदों के लिए चुनाव होंगे। वहीं दूसरी तरफ जिले की 577 ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है। पिछली चुनाव प्रक्रिया निरस्त होने के बाद जिले में 16 मार्च को पंचायतों का परिसीमन हो चुका है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। अब पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया होगी फिलहाल आरक्षण की अभी तारीख तय नहीं हुई है। पंचायतों में 7 लाख 99 हजार मतदाता चुनाव में अपनी भागीदारी देंगे।

पार्षद मिलकर चुनेंगे निकायों के अध्यक्ष

निकाय चुनावों में पहली बार अध्यक्ष का चुनाव अब पार्षद मिलकर करेंगे। विदिशा नगर पालिका में 39 वार्डों में पार्षद मिलकर एक अध्यक्ष चुनेंगे यहां अध्यक्ष का पद अनारक्षित महिला है। वहीं बासौदा में 24 पार्षद अपना अध्यक्ष चुनेंगे तो सिरोंज में 21 पार्षद मिलकर नपा अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसके अलावा कुरवाई, लटेरी और शमशाबाद में क्रमशः 15-15 पार्षद परिषद का अध्यक्ष चुनेंगे। नगर पालिका या परिषद का अध्यक्ष अपने वार्ड का पार्षद भी रहेगा।

विदिशा के 9 वार्ड होंगे सामान्य

सुप्रीम कोर्ट ने मप्र में बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने का फैसला सुनाया है। इसी के साथ अब निकाय और पंचायतों में ओबीसी आरक्षित सीटों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकेंगे। विदिशा नगर पालिका में 39 में से 9 वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुए थे। इसमें वार्ड 9, 12, 13, 14, 17, 18, 26, 31, 32 और वार्ड 33 शामिल हैं।अब यह वार्ड सामान्य वर्ग की श्रेणी में आ जाएंगे। इधर पंचायत चुनाव में पंच से लेकर जिपं सदस्य तक 2391 ओबीसी की सीटों पर अनारक्षित वर्ग चुनाव लड़ सकेगा, इसमें ओबीसी आरक्षित रहीं 144 ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं।

प्रशासन की तैयारी, अगले माह हो सकते हैं चुनाव

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संभवता चुनाव अगले माह जून में हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग को दो सप्ताह के भीतर आदेश के क्रियान्वयन का प्रतिवेदन सुप्रीम कोर्ट को देना है। संभवता 24 मई तक चुनावों की अधिसूचना जारी हो सकती है। इधर जिले में चुनावों को लेकर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की।उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों के चुनाव ईवीएम से होगा वहीं पंचायत चुनाव मतपत्रों के माध्यम से कराएं जाएंगे। कलेक्टर ने चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले मतदाता सूची और मतदान केंद्रों की सूची अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों का चुनावी प्रशिक्षण और मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन समय सीमा में कराने को कहा है। कलेक्टर की अध्यक्षता में मंगलवार 17 मई को जिला स्तरीय स्टेडिंग कमेटी की बैठक होगी। इसमें राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को चुनाव संबंधित नई जानकारियां दी जाएंगी।

उलझन में हैं राजनैतिक दल

इधर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राजनैतिक दल उलझन हैं। कोई भी राजनैतिक दल नहीं चाह रहा है कि चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के हों। प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने के साथ ही पिछड़ा वर्ग की हिमायती बनने की होड़ में भी लगी हैं। कांग्रेस ने चुनावों में 27 फीसद टिकिट ओबीसी वर्ग को देने का फैसला किया है तो वहीं भाजपा पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होने का इंतजार कर रही है। इस स्थिति के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और चुरहट से विधायक शरदेंदु तिवारी ने शुक्रवार को विदिशा में प्रेस वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कारण ही पिछड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित रह गया। प्रदेश में तो चुनाव प्रक्रिया चल रही थी लेकिन कांग्रेस ही कोर्ट गई। वह नहीं चाहती थी कि स्थानीय चुनाव हों इसलिए प्रक्रिया रुकवा दी।

कोर्ट में भाजपा सरकार की कमजोर पैरवी के चलते आज प्रदेश में बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव होने जा रहे हैं, कांग्रेस ने हमेशा से ही पिछड़ा वर्ग को उसका हक दिया है। हमारी सरकार ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। इसलिए हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने निर्णय लिया है कि कांग्रेस 27 फीसद टिकिट ओबीसी वर्ग को देगी। जनता भाजपा सरकार से नाराज है, चुनावों में हम पांचों विधानसभा क्षेत्र में परचम लहराएंगे।

– निशंक जैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष , विदिशा।

आज जो स्थिति बनी है उसकी जिम्मेदार केवल कांग्रेस पार्टी है। ओबीसी आरक्षण को लेकर हमारी सरकार ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाई हैं। हमारी पार्टी हमेशा से ही पिछड़ा वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, हम पिछड़ा वर्ग के अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे। रही बात चुनावों की तो भाजपा हमेशा से ही 24 घंटे चुनावों के लिए तैयार रहती है। निकाय चुनावों में जनता ही कांग्रेस को जवाब देगी, हम सभी सीटों पर विजयी रहेंगे।

– डा राकेश जादौन, भाजपा जिलाध्यक्ष,विदिशा।

6 निकायों में मतदाताओं की संख्या

निकाय– वार्ड– मतदाता

विदिशा– 39- 132830

बासौदा–24– 54057

सिरोंज– 21–36711

कुरवाई–15–11465

लटेरी– 15–14118

शमशाबाद–15–8958

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