पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री किशन रेड्डी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच अधिक समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री किशन रेड्डी ने आज पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक संवाद सत्र में पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत किया।

इस कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा, मणिपुर के राज्यपाल श्री एल ए गणेशन, अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री बिप्लब कुमार देव, नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफियो रियो, मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन. बीरेन सिंह, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री श्री किरेन रिजिजू जी, केंद्रीय डोनर और सहकारिता राज्यमंत्री श्री बी एल वर्मा, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री कुमारी प्रतिमा भौमिक, केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्यमंत्री, श्री रामेश्वर तेली, मिजोरम के पर्यटन मंत्री श्री रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे और सिक्किम के पर्यटन मंत्री श्री बी.एस. पंथ ने हिस्सा लिया।

केन्द्रीय मंत्री ने सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा अपने-अपने राज्यों और संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों को साझा करने के लिए उनकी सराहना करते हुए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच अधिक समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने में एक शानदार मिसाल पेश करता है। उन्होंने कहा कि सत्रों के माध्यम से प्राप्त मूल्यवान अंतर्दृष्टि नीतियों, कार्यक्रमों और परियोजनाओं को डिजाइन करने में मौलिक साबित होगी जो पूर्वोत्तर क्षेत्र की जमीनी हकीकत से जुड़ी हैं।

श्री किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के लिए बजट में 100 फीसदी की भारी वृद्धि की गई है। उन्होंने पाम ऑयल मिशन के तहत पूर्वोत्तर राज्यों के लिए दिए गए 6000 करोड़ रुपये का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उठाए गए सभी मुद्दों को डोनर मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा विधिवत नोट किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी जी-20 सम्मेलन को लेकर आठ राज्यों में कम से कम 8 बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और इसके लिए अच्छे स्थलों की पहचान की जा सकती है। उन्होंने उन दौरों पर भी बात की जो सीमावर्ती गांवों में किए जाएंगे जिनका समन्वय नोडल अधिकारियों द्वारा अधिक प्रभावकारिता के लिए किया जाएगा।

उन्होंने योग दिवस और 15 अगस्त समारोह के लिए अपनी योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि ‘हर घर झंडा’ कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ चलाया जाना चाहिए, जहां हर घर को गर्व के साथ भारत का झंडा फहराना चाहिए।

उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय दौरे करने और यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि पूर्वोत्तर के दौरे की योजना और उसका उद्देश्य सफल हो। एनईआर के लिए बेहतर विकास की संभावनाएं सुनिश्चित करने के लिए यह प्रधानमंत्री की परिकल्पना है।

पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा करते हुए चुनौतियों और बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव व अनुशंसाएं कीं। समारोह में हिस्सा लेने वाले केंद्रीय मंत्रियों ने भी पूर्वोत्तर क्षेत्र और उन मुद्दों के संबंध में अपने विचार और दृष्टिकोण साझा किए जहां केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।

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