प्राचार्य ने वरीयता को दरकिनार कर अपने पुत्र को बनाया अतिथि शिक्षक


*सिंगरौली, मऊगंज*
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स.क्र.-1



अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितता

प्राचार्य ने वरीयता को दरकिनार कर अपने पुत्र को बनाया अतिथि शिक्षक

संकुल केंद्र करथुआ के खम्हरिया कला विद्यालय का मामला,कलेक्टर से हुई शिकायत


रामलखन पाठक

सिंगरौली । जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय खम्हरिया कला संकुल केंद्र करथुआ में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर धांधली और नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया है,इस संबंध में अजय कुमार मिश्रा ने कलेक्टर सिंगरौली को आवेदन देकर निष्पक्ष जाँच और उचित कार्रवाई की मांग की है

यह है मामला

आवेदन में लगाए गए आरोपों के अनुसार मेरिट की अनदेखी हुई है आवेदक अजय कुमार मिश्रा पिता जगन्नाथ मिश्रा का सामाजिक विज्ञान विषय में स्कोर कार्ड 169.5 अंक दर्ज है इसके बावजूद इसी विषय में कम अंक 156.33 स्कोर कार्ड प्राप्त करने वाले अजय यादव पिता  कुलदीप गोपाल यादव को अतिथि शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया गया

यह भी लगा आरोप

आरोप है कि उक्त विद्यालय में बिना किसी विज्ञापन और मेरिट सूची जारी किए, प्रधानाध्यापक एवं संकुल प्राचार्य की आपसी सहमति से चहेते उम्मीदवार को नियुक्ति दे दी गई, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है

पुत्र पर मेहरबान हुए प्राचार्य

यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि नियुक्त अतिथि शिक्षक संकुल प्राचार्य के पुत्र और प्रधानाध्यापक के रिश्तेदार हैं जिसके चलते नियमों को ताक पर रखकर यह नियुक्ति की गई

कार्रवाई न होने पर रोष

आवेदक का कहना है कि लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि अधिक स्कोर वाले अभ्यर्थी को सूचित कर उसकी सहमति या असहमति के आधार पर ही पद पर नियुक्ति दी जानी चाहिए,इस संबंध में प्रार्थी द्वारा पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन दिया गया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद  जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपा गया, जिसकी जांच जिला परियोजना समन्वयक को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई है।
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स.क्र.-2



उत्तर प्रदेश छात्र संसद में सिंगरौली की प्रगति पांडेय ने एक बार फिर बढ़ाया जिले का मान

गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड समारोह में हुईं शामिल, ब्रजभूषण शरण सिंह एवं सांसद करण भूषण सिंह से की मुलाकात

रामलखन पाठक


सिंगरौली/ उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नंदिनी नगर में 2 एवं 3 नवंबर 2026 को आयोजित उत्तर प्रदेश छात्र संसद 2026 एवं ‘प्राइड ऑफ इंडिया अवॉर्ड’ समारोह में मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की प्रगति पांडेय ने सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व किया। इस आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं एवं प्रतिभागियों को संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और अनुभवी व्यक्तित्वों से मिलने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व ब्रजभूषण शरण सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान प्रगति पांडेय ने उनसे मुलाकात कर संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने ब्रजभूषण शरण सिंह के जीवन संघर्षों, अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की यात्रा को करीब से जानने-समझने का प्रयास किया।
इसी क्रम में गोंडा के सांसद करण भूषण सिंह से भी प्रगति पांडेय की मुलाकात हुई। उन्होंने सांसद से संवाद कर उनके विचारों, अनुभवों और जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को जाना। कार्यक्रम में माला राज्यलक्ष्मी सिंह का नाम भी प्रमुख रूप से जुड़ा रहा।
प्रगति पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश छात्र संसद जैसे आयोजन युवाओं के व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें अनुभवी एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे मंचों पर मिलने वाले अनुभव युवाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ लोगों के जीवन संघर्षों और अनुभवों से सीख लेकर युवा अपने भविष्य की दिशा बेहतर ढंग से तय कर सकते हैं।
सिंगरौली जिले की प्रगति पांडेय की इस सहभागिता को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा, विचार और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर नए अनुभव हासिल करने का अवसर देते हैं।
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स.क्र.-3



सीएचसी देवसर की दुकान में निजी क्लिनिक

रोगी कल्याण समिति की दुकान नंबर पांच में बेधड़क संचालित है आस्था क्लिनिक

दुकान का आवंटन किसी और के नाम, उपयोग कर रहा कोई और

रामलखन पाठक


सिंगरौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर परिसर में रोगी कल्याण समिति की व्यावसायिक दुकानों के आवंटन और उपयोग में निर्धारित शर्तों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि अस्पताल परिसर की दुकान नंबर पांच में इन दिनों आस्था क्लिनिक संचालित है। जानकारी के अनुसार उक्त दुकान का आवंटन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर है, जबकि क्लिनिक संचालक एच.एल.शाहू द्वारा इसे किराये पर लेकर उपयोग किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि इन दुकानों को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने का प्रावधान नहीं है, तो फिर आवंटन की शर्तों के विपरीत दुकान का उपयोग कैसे हो रहा है, यह जांच का विषय है

दुकान के आवंटन और उपयोग सवालों के घेरे में

सूत्रों के अनुसार रोगी कल्याण समिति की दुकान नंबर पांच का आवंटन जिस व्यक्ति के नाम पर किया गया है, वर्तमान में वहां आस्था क्लिनिक संचालित हो रहा है। ऐसे में दुकान के वास्तविक आवंटी और वर्तमान उपयोगकर्ता की स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है। यदि दुकान किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर दी गई है, तो यह भी जांच का विषय है कि इसके लिए रोगी कल्याण समिति अथवा स्वास्थ्य विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं

किराये पर देने का नियम जांच का विषय

रोगी कल्याण समिति की संपत्ति के आवंटन में निर्धारित शर्तों का पालन किया जाना आवश्यक है। ऐसे में यदि आवंटित दुकान को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने का प्रावधान नहीं है, तो दुकान के वर्तमान उपयोग की जांच जरूरी हो जाती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि अस्पताल परिसर स्थित दुकान में निजी क्लिनिक संचालित करने के लिए संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई है अथवा नहीं।

अस्पताल से ज्यादा क्लिनिक में भीड़

स्थानीय लोगों के अनुसार आस्था क्लिनिक में मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। कई बार अस्पताल की तुलना में यहां अधिक मरीज दिखाई देने की बात भी कही जा रही है। अस्पताल परिसर में ही निजी क्लिनिक के संचालन से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अस्पताल परिसर में निजी क्लिनिक

अस्पताल परिसर स्थित रोगी कल्याण समिति की दुकान का उपयोग निजी क्लिनिक के रूप में किए जाने से कई सवाल सामने आते हैं। क्या क्लिनिक संचालन के लिए विभागीय अनुमति ली गई है? दुकान का आवंटन किन शर्तों पर हुआ था? क्या आवंटी को दुकान किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने की अनुमति थी? इन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे

सीएमएचओ को कर रहे गुमराह या जानकारी से अनजान

यदि नियमों के अनुसार आवंटित दुकान को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने की अनुमति नहीं है, तो फिर अस्पताल परिसर की दुकान में निजी क्लिनिक का संचालन कैसे हो रहा है? क्या पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को है या उन्हें वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी जा रही है? यह जांच का विषय है।
यदि स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी है तो अब तक क्या कार्रवाई की गई, यह भी सवाल है। वहीं यदि विभाग को इसकी जानकारी नहीं है तो अस्पताल परिसर की व्यावसायिक दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है

जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

मामले में दुकान के आवंटन पत्र,आवंटन की शर्तों, किरायानामे तथा क्लिनिक संचालन से संबंधित अनुमति की जांच होने पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कराकर दुकान के आवंटन से लेकर निजी क्लिनिक के संचालन तक की वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं।
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स.क्र.-4



प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार के साए में देवसर

योजनाएं कागजों पर,लाचार स्वास्थ्य सेवाएं और चरम पर अवैध कारोबार

बाबूशाही और अफसरशाही हावी,दफ्तरों के बाहर न्याय की आस में सिसकती गरीबों की बेबसी

नगर परिषद व एनएच 39 बाइपास से वंचित क्षेत्र, बुनियादी विकास के लिए तरस रहा देवसर

रामलखन पाठक


सिंगरौली। सिंगरौली जिले का महत्वपूर्ण अंग देवसर क्षेत्र इन दिनों प्रशासनिक और व्यवस्थागत संकट के दौर से गुजर रहा है सरकारी कार्यालयों में हावी बाबूशाही और अफसरशाही से आम नागरिक व गरीब तबका प्रताड़ित है,स्थिति यह है कि कार्यालयों के बाहर अपनी पीड़ा लेकर आने वाले बेबस गरीबों की सिसकियां देखने वाला कोई नहीं है,जिससे प्रशासनिक कसावट पूरी तरह कमजोर नजर आ रही है

विकास से कोसों दूर

क्षेत्र के विकास की हकीकत यह है कि जिले का यह इकलौता ऐसा कस्बा बचा है जो आज भी नगर परिषद के दर्जे से कोसों दूर है,इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 39 के फोरलेन निर्माण के दौरान इस क्षेत्र को बाइपास जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित रखा गया है इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कभी गुलजार रहने वाला यह छोटा सा बाजार आज अपनी रौनक पूरी तरह खो चुका है

विभिन्न विभागों में खुलेआम धांधली

जल जीवन मिशन:हर घर जल पहुँचाने की यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतरने के बजाय केवल कागजी आंकड़ों और फाइलों तक सीमित रह गई है

पंचायतों का हाल बेहाल: पंचायतों में होने वाले अधिकांश निर्माण कार्य या तो अत्यंत गुणवत्ता विहीन होते हैं या फिर केवल कागजों पर ही सिमट जाते हैं

अन्य विभागों की दयनीय स्थिति:आजीविका मिशन महिला एवं बाल विकास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और शिक्षा विभाग जैसे प्रमुख विभागों में खुलेआम धांधली और घोटालों का खेल चल रहा है

स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल और झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक:
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद दयनीय है शासकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों के अभाव के कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है मजबूरन आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज करवाने के लिए विवश होना पड़ रहा है

नशे का काला कारोबार और खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़:


देवसर में गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार चरम पर है हद तो तब हो जाती है जब अन्य प्रांतों से आकर लोग बाजार में रंग बिरंगी मिठाइयों के नाम पर अमानक और जहरीले खाद्य पदार्थों की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं और खाद्य एवं औषधि विभाग इन मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देता नजर आ रहा है

राजस्व न्यायालयों में किसानों की प्रताड़ना:

न्याय के मंदिर कहे जाने वाले राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल पेशी पर पेशी के चक्कर में उलझी हुई है न्याय पाने की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब किसानों और नागरिकों को बेवजह चक्कर कटवाए जा रहे हैं

जिम्मेदार खामोश:

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं चौतरफा फैली इस अव्यवस्था और प्रशासनिक लाचारी के बीच अब सवाल यह उठता है कि इस पतन और घोटालों का जिम्मेदार कौन है।
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स.क्र.-5




कलेक्टर ने जनसुनवाई में 108 आवेदनों पर की सुनवाई,

अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश


मऊगंज । कलेक्ट्रेट सभागार मऊगंज में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 108 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं तथा आवेदकों को भी निराकरण की स्थिति से अवगत कराएं।
      जनसुनवाई में ग्राम गौरी निवासी पंकज द्विवेदी ने धान पंजीयन में अनियमितता की शिकायत करते हुए बताया कि उनकी भूमि का पंजीयन दूसरे व्यक्ति के नाम से कर दिए जाने के कारण उनका धान पंजीयन नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार ग्राम वड़खरा निवासी कमला प्रसाद पटेल ने धान उपार्जन में बेचे गए धान की शेष राशि का भुगतान कराने की मांग की। कलेक्टर ने आपूर्ति अधिकारी को नियमानुसार आवेदन के निराकरण के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम बरहटा निवासी राजमणि भुंजवा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण की शेष राशि दिलाने का आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने सीईओ जनपद मऊगंज को तीन दिवस में जांच करने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम खटखरी निवासी कृष्णकांत तिवारी ने आर्थिक सहायता एवं ट्राईसाइकिल अथवा मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। कलेक्टर ने एसडीएम मऊगंज को नियमानुसार आवेदन के निराकरण के निर्देश दिए।
     जनसुनवाई में हनुमना तहसील के ग्राम खटखरी निवासी प्रशांत सोधिया ने रास्ता निकलवाने हेतु आवेदन दिया,इसी प्रकार ग्राम लौही निवासी अर्पित कुमार ने वर्षों से काबिज भूमि का पांच डिसमिल पट्टा दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिया। इसके अलावा ग्राम घुरेहटा निवासी राम दरश मिश्रा ने विद्युत बिल में त्रुटिपूर्ण राशि एवं बकाया दर्शाए जाने की शिकायत करते हुए बिल का सुधार कराने की मांग की। कलेक्टर ने सभी आवेदनों में कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर श्री ओगरे ने सभी आवेदनों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारी प्रकरणों का परीक्षण कर निराकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा आवेदकों को इसकी सूचना भी दें। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय, एसडीएम हनुमना राजेश मेहता, एसडीएम मऊगंज रश्मि चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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स.क्र.-6



कलेक्टर की अध्यक्षता में एनकॉर्ड समिति की बैठक संपन्न

शैक्षणिक संस्थाओ में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के संबंध में जागरूक करें- कलेक्टर


मऊगंज । जिले में नशामुक्त वातावरण बनाने एवं बच्चों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से प्रत्येक शैक्षणिक संस्थाओ में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। उक्त आशय के निर्देश कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक को संबोधित करते हुए दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया तथा नशीले पदार्थों की रोकथाम एवं जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।
                बैठक में कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे ने निर्देश दिए कि विद्यालयों के बाहर 100 मीटर की परिधि में संकेतक लगाया जाना सुनिश्चित करें ताकि उस परिधि में पान, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थाे से संबंधित दुकानों एवं ठेलों आदि के संचालन के विरूध्द कार्यवाही की जा सके। उन्होने नशीले पदार्थाे के विक्रय व उनके उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासन , पुलिस एवं स्कूशल शिक्षा विभाग के संयुक्त दल व्दारा लगातार भ्रमण करने के भी निर्देश दिए । कलेक्टर ने कहा कि जिले में नशा मुक्त एवं पुर्नवास केंद्र स्थापना के लिए प्रस्ताव शासन स्तर को प्रेषित किया जाए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने संबंधित विभागों से कहा कि दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर एवं अन्य जनजागरूकता माध्यमों के जरिए आमजन को भी नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से ही नशामुक्त वातावरण का निर्माण संभव है। बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, एसडीएम मऊगंज रश्मि चतुर्वेदी ,एसडीम हनुमना राजेश मेहता, डिप्टी कलेक्टर अजीत मिश्र, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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स.क्र.-7


कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा की बैठक, चौराहे और लेफ्ट टर्न पर न रूकें बस

ब्लैक स्पॉट सुधारने और स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर गया जोर


मऊगंज । जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी रोटरी (चौराहे) और लेफ्ट टर्न पर भारी वाहनों तथा बसों को रुकने की अनुमति कतई न दी जाए। ऐसा करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मोड़ पर जाम और दुर्घटना की स्थिति न बने।
बैठक में हादसों के प्रमुख कारणों की समीक्षा की गई, जिनमें तेज गति, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करना और सड़क संकेतों की अनदेखी को मुख्य वजह माना गया। यातायात पुलिस को विशेष अभियान चलाकर हेलमेट व सीट बेल्ट को अनिवार्य करने, ओवरलोडिंग तथा नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ चालान और वसूली की सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी और एनएचएआई को दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने, सड़क संकेतक, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है। सड़कों की मरम्मत करने, गड्ढे भरने और जगह-जगह रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि रात्रि के समय होने वाले हादसों को टाला जा सके।
               शहर के आंतरिक यातायात को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाने और ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल वाहनों के लिए नई गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग स्कूलों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित छोड़ने, ले जाने और वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा, नो-एंट्री वाले क्षेत्रों में कैमरे लगाने और जिले के सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि बरसात के समय गौ-वंश सड़क पर आ जाते हैं, अत: उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम हनुमना राजेश मेहता, एसडीएम मऊगंज रश्मि चतुर्वेदी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, डिप्टी कलेक्टर अजीत मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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स.क्र.-8



राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर

     
मऊगंज । कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान पंजीयन, राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें। राजस्व न्यायालयों में पुराने एवं पेशी से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनके निराकरण में तेजी लाएं, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।
कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने कलेक्ट्रेट में आयोजित संयुक्त बैठक में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि भूमि विवाद सहित अन्य संवेदनशील मामलों में दोनों विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल बनाकर त्वरित कार्रवाई करें, जिससे समस्याओं का समय पर निराकरण हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026, टीएल, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों, न्यायालयीन प्रकरणों एवं राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय, एसडीएम हनुमना राजेश मेहता, एसडीएम मऊगंज रश्मि चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम,समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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स.क्र.-9



लोकतंत्र सेनानी श्री रामनरेश सिंह को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई


कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में  दिया गया  दिया गार्ड ऑफ ऑनर

  
विंध्य सत्ता, मऊगंज । लोकतंत्र रक्षक सेनानी श्री रामनरेश सिंह का 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे नईगढ़ी तहसील के ग्राम छत्रगढ़ खुर्द के निवासी थे। वर्ष 1975-77 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक कारावास में रहकर महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वे राष्ट्रीय लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा दिवंगत लोकतंत्र रक्षक सेनानी श्री सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके गृह ग्राम छत्रगढ़ खुर्द में कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे एवं पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई की उपस्थिति में जिला पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ओगरे ने शासन के नियमानुसार दिवंगत के परिवार को सहायता राशि प्रदाय की । इसके पश्चात पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाया गया। अंतिम विदाई के अवसर पर एसडीएम मऊगंज श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी, तहसीलदार सुनील कुमार द्विवेदी, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन राजेंद्र पयासी, जनपद सदस्य केसरी प्रसाद द्विवेदी सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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